Tag: उत्तराखंड पुलिस

  • लाइव आकर, लगाए गंभीर आरोप,,, परिवार के सामने खुद को मारी गोली, हुई मौत,,,।

    लाइव आकर, लगाए गंभीर आरोप,,, परिवार के सामने खुद को मारी गोली, हुई मौत,,,।

    उत्तराखंड—   हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र अंतर्गत गौलापार स्थित एक होटल में उस समय सनसनी फैल गई, जब नैनीताल घूमने आए एक व्यक्ति ने पत्नी और बच्चे के सामने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान काशीपुर निवासी सुखवंत सिंह (निवासी पैगा, काशीपुर) के रूप में हुई है।

    घटना शनिवार देर रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है। सुखवंत सिंह अपनी पत्नी और 12 वर्षीय बेटे के साथ गौलापार स्थित देवभूमि होटल में ठहरा हुआ था। पुलिस के अनुसार, उसने होटल के कमरे में खुद को दाहिनी ओर से सिर में गोली मारी, जो बाईं ओर से निकल गई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    पुलिस के मुताबिक, सुखवंत सिंह पहले अपनी पत्नी और बच्चे के सामने आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश कर रहा था। पत्नी और बच्चे ने उसे रोकने का प्रयास किया, इस दौरान हथियार को लेकर छीना-झपटी हुई, जिसमें दोनों को हल्की खरोंचें आईं। काफी समझाने के बावजूद जब वह नहीं माना, तो पत्नी और बच्चा मदद के लिए होटल रिसेप्शन की ओर चले गए। इसी बीच कमरे में अकेले रह गए सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मार ली।

    फेसबुक लाइव में लगाए गंभीर आरोप—

    आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने फेसबुक लाइव आकर ऊधम सिंह नगर पुलिस और एसएसपी पर गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में उसने दावा किया कि पुलिस उस पर झूठे मामलों में दबाव बना रही थी, पैसों के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और एक प्रॉपर्टी डीलर से जुड़े विवाद में उसकी सुनवाई नहीं हो रही थी। उसने चार करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में फंसाने और जबरन समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया।

    पुलिस और परिजनों के अलग-अलग दावे—

    पुलिस के अनुसार, सुखवंत सिंह पर काशीपुर में धोखाधड़ी के करीब पांच मुकदमे दर्ज थे। वहीं, परिजनों का आरोप है कि एक प्रॉपर्टी डीलर द्वारा चार करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया था, लेकिन निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय पुलिस सुखवंत सिंह पर ही दबाव बना रही थी, जिससे वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था।

    गोली की आवाज सुनते ही होटल में हड़कंप मच गया। सूचना पर काठगोदाम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कमरे से हथियार बरामद कर लिया गया है। पुलिस फोरेंसिक जांच के साथ-साथ मामले की पृष्ठभूमि, फेसबुक लाइव वीडियो और लगाए गए आरोपों की भी गहन जांच कर रही है।

  • भड़काऊ पोस्ट से बचें,,, अफवाह फैलाने पर होगी सख्त कार्यवाही.।

    भड़काऊ पोस्ट से बचें,,, अफवाह फैलाने पर होगी सख्त कार्यवाही.।

    उत्तराखंड—11 जनवरी 2026 को विभिन्न संगठनों द्वारा प्रस्तावित उत्तराखंड बंद के मद्देनज़र नैनीताल पुलिस ने जनपद में कानून-व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियाँ कर ली हैं।

    पुलिस प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि शांति, सुरक्षा और जनसुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    जनपद के संवेदनशील इलाकों, बाजारों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर सिविल पुलिस के साथ आर्म्ड पुलिस तथा सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

    नैनीताल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध सभी का अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। जबरन बाजार बंद कराने, सार्वजनिक वाहनों को रोकने या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने आम नागरिकों, व्यापारियों और संगठनों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण, संवैधानिक और मर्यादित तरीके से अपने विचार रखें, अफवाहों और भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट से बचें तथा चेकिंग के दौरान पुलिस का सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की भी अपील की गई है।

    नैनीताल पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जनपद में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।

  • हल्द्वानी मंडी के पीछे संदिग्ध परिस्थितियों में मिला युवक का शव,,,शिनाख्त में जुटी पुलिस।

    हल्द्वानी मंडी के पीछे संदिग्ध परिस्थितियों में मिला युवक का शव,,,शिनाख्त में जुटी पुलिस।

    उत्तराखंड—  हल्द्वानी – शहर की बड़ी मंडी के पीछे वाले गेट के पास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब यहां एक युवक का शव लावारिस हालत में पड़ा मिला।

    शव दिखाई देने की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

    घटना हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र की है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक तौर पर मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। आसपास के लोगों से शिनाख्त के प्रयास किये जा रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है ताकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सके। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

  • एसआईटी ने उर्मिला सनावर से 6 घंटे की पूछताछ,,,, बोलीं ,सारे सबूत सौंपे।

    एसआईटी ने उर्मिला सनावर से 6 घंटे की पूछताछ,,,, बोलीं ,सारे सबूत सौंपे।

    देहरादून—   अंकिता भंडारी प्रकरण की जांच के सिलसिले में गुरुवार को विशेष जांच दल (SIT) ने एक्ट्रेस उर्मिला सनावर से करीब छह घंटे तक गहन पूछताछ की।

    एसआईटी की टीम दोपहर करीब डेढ़ बजे उर्मिला को हरिद्वार स्थित एसओजी कार्यालय लेकर पहुंची थी, जहां शाम साढ़े छह बजे तक उनसे पूछताछ की गई। इसके बाद करीब पौने सात बजे उन्हें जाने की अनुमति दे दी गई।

    पूछताछ के बाद पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। हालांकि, उर्मिला के वकील ने जांच में पूर्ण सहयोग की बात कही है। इससे पहले बुधवार को उर्मिला देहरादून पहुंची थीं, जहां उनसे प्रारंभिक पूछताछ की गई थी।

    हरिद्वार SOG कार्यालय में हुई गहन पूछताछ–

    गुरुवार को एसआईटी प्रमुख और हरिद्वार के एसपी सिटी अभय सिंह के नेतृत्व में उर्मिला सनावर से पूछताछ की गई। इस दौरान अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े सबूतों, ऑडियो-वीडियो और अन्य तथ्यों को लेकर जानकारी जुटाई गई। पूछताछ में सीओ लक्सर नताशा सिंह और एसपी देहात शेखर चंद सुयाल सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

    सूत्रों के अनुसार, पहले विभिन्न थानों से जुड़े अधिकारियों ने अलग-अलग बिंदुओं पर सवाल किए, जिसके बाद एसआईटी अधिकारियों ने मामले से संबंधित तथ्यों को विस्तार से खंगाला। हालांकि पूछताछ की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

    वकील का बयान – जांच में पूरा सहयोग—

    उर्मिला के अधिवक्ता अंकुज कुमार ने मीडिया को बताया कि उनसे की गई पूछताछ जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्मिला पर लगाए गए अधिकांश आरोप जमानती हैं, जिनमें गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है। कानून सभी के लिए समान है और पूरे मामले में विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि रानीपुर कोतवाली में दर्ज मामलों, जिनमें उर्मिला के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी हुए हैं, उनका निपटारा भी कानून के अनुसार किया जाएगा। उर्मिला की ओर से जांच में हर स्तर पर सहयोग किया जा रहा है और उनके पास मौजूद सभी साक्ष्य एसआईटी को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

    हरिद्वार जिले में दर्ज हैं चार मुकदमे—

    उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार जिले में कुल चार मुकदमे दर्ज हैं। इनमें ज्वालापुर और रानीपुर कोतवाली में पहले से दर्ज दो मामले शामिल हैं। इसके अलावा अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद बहादराबाद और झबरेड़ा थाने में भी दो नए मुकदमे दर्ज किए गए थे।

    इन सभी मामलों की जांच के लिए हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के निर्देश पर एसपी सिटी अभय सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। नौ दिनों तक सामने न आने के बाद उर्मिला बुधवार को देहरादून पहुंची थीं, जिसके बाद जांच तेज हुई।

    “अंकिता पूरे देश की बेटी, उसे न्याय दिलाकर रहूंगी”

    पूछताछ के बाद उर्मिला सनावर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और उनके पास मौजूद सभी जरूरी सबूत एसआईटी को सौंप दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके बारे में यह कहना कि वह अपने रुख से बदल गई हैं, पूरी तरह गलत है।

    उर्मिला ने कहा,“अंकिता भंडारी पूरे देश की बेटी है। मैं उसे न्याय दिलाकर रहूंगी।” उन्होंने बताया कि कुछ सबूतों को सुरक्षित रखना जरूरी था, जिसे लेकर उन्होंने एसआईटी के सभी सवालों के जवाब दिए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है और वह शुक्रवार को कोर्ट में अपना मोबाइल भी जमा करेंगी।

  • हल्द्वानी :- सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत..।

    हल्द्वानी :- सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत..।

    उत्तराखंड—  हल्द्वानी – सोशल मीडिया पर दिए गए विवादित और आपत्तिजनक भाषा और बयानों के चलते इंफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

    रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद यह आदेश पारित किया गया। पुलिस कार्रवाई के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

    ज्योति अधिकारी पर कुमाऊं की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं। आरोपों के अनुसार, उन्होंने सार्वजनिक मंच और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए कुमाऊं की महिलाओं के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, साथ ही लोक देवताओं को फर्जी बताकर उनकी आस्था पर सवाल खड़े किए।

    इसके अलावा, खुलेआम दराती लहराने का वीडियो भी सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया।

    गुरुवार शाम मुखानी थाना पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता जूही चुफाल की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के आधार पर ज्योति अधिकारी को गिरफ्तार किया।

    पुलिस का कहना है कि इन बयानों से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई थी, जिसे देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई।

    पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल ज्योति अधिकारी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। जानकारी के अनुसार,आज शुक्रवार को उनके वकील कोर्ट में बेल के लिए कोशिश कर सकते हैं।

    यह मामला एक बार फिर इस बात पर बहस को तेज करता है कि सोशल मीडिया पर प्रभाव रखने वाले लोगों की जिम्मेदारी कितनी बड़ी है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ सामाजिक संवेदनशीलता का संतुलन कितना जरूरी।

  • गजब चोर – L.E.D लेकर हो गया चंपत,,, कैमरे में कैद हुई करतूत..।

    गजब चोर – L.E.D लेकर हो गया चंपत,,, कैमरे में कैद हुई करतूत..।

    उत्तराखंड—  उत्तराखण्ड के भीमताल में ट्रांसपोर्ट से आया व्यापारी का माल सवेरे के उजाले में एक चोर लेकर चलता बना।

    सी.सी.टी.वी.कैमरे में देखने पर सच सामने आया तो व्यापारी ने पुलिस में शिकायत दी। पुलिस जांच में जुट गई है।

    भीमताल की मल्लीताल बाजार में एक दुकानदार की दुकान के आगे ट्रांसपोर्ट से एल.ई.डी. टी.वी.व अन्य सामान पहुंचा था।

    ट्रांसपोर्टर ने सामान बन्द दुकान के आगे रख दिया और निकल गया। अमूमन दुकानदार आड़ती को सामान टेलीफोन से लिखा देते हैं जिसे वो ट्रांसपोर्ट के माध्यम से दोपहर और सवेरे दुकान में पहुंचा देते हैं।

    इस दौरान तड़के सवेरे दुकान बंद होने की स्थिति में ट्रांसपोर्टर दुकान के बाहर ही सामान को रखकर आगे निकल जाता है। आज सवेरे भी ऐसा ही हुआ। एक दुकानदार का एल.ई.डी. टी.वी.व अन्य सामान दुकान के बाहर रख दिया गया।

    लेकिन उसपर काले साए की नजर पड़ गई। दुकानदार ने जब दुकान खोली तो उसे मंगाया गया सामान नहीं मिला। उसने आढ़ती को फोन किया तो मालूम पड़ा कि सामान तो दुकान के बाहर सवेरे ही रख दिया गया था।

    अब चोरी की आशंका को देखते हुए आसपास के सी.सी.टी.वी. कैमरों का सहारा लिया गया। कैमरे की नजर में सवेरे लगभग 7 बजे सफेद स्वेटशर्ट में एक सख्स सामान के समीप मंडराता दिया। उस सख्स ने एक पोलटली में सामान भरा और चलता बना।

    व्यापारियों ने चोरी के आरोपी सख्स के सड़क में गुजरते वीडियो निकालकर वाइरल कर दिए। उन्होंने पुलिस को इस चोरी की शिकायत दी, जिसके पीछे अब पुलिस वीडियो के आधार पर जांच में जुट गई है।

  • निर्दोष नितिन को मारने वाला पार्षद चिंटू भाजपा से आउट ।

    निर्दोष नितिन को मारने वाला पार्षद चिंटू भाजपा से आउट ।

    नैनीताल—  हल्द्वानी में सत्ता के नशे में चूर भाजपा के बेलगाम पार्षद द्वारा की गई फायरिंग ने शहर को झकझोर कर रख दिया है। वार्ड नंबर-55 के भाजपा पार्षद अमित बिष्ट उर्फ़ चिंटू ने 22 वर्षीय नितिन लोहानी की गोली मारकर हत्या कर दी।

    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने अब आरोपी पार्षद को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

    क्या है पूरा मामला—

    घटना रविवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे की है। मृतक नितिन लोहानी, जो दिल्ली में पढ़ाई करता था, 28 दिसंबर को छुट्टियों में हल्द्वानी आया था। वह अपने दोस्त कमल भंडारी के साथ स्कूटी से घर लौट रहा था। रास्ते में एसकेएम स्कूल के पास नहर रोड पर नितिन ने अपने दोस्त जय बिष्ट (आरोपी पार्षद का बेटा) से मिलने की बात कही।

    जैसे ही स्कूटी घर के पास रुकी और डोरबेल बजाई गई, आरोप है कि अमित बिष्ट बालकनी में 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक लेकर आ गया, गाली-गलौज शुरू की और विरोध करने पर फायरिंग कर दी। गोली लगते ही नितिन गिर पड़ा। भागने की कोशिश में पीछे से फिर गोली मारी गई। गंभीर हालत में नितिन को सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    हत्या का मुकदमा—

    मृतक के बड़े भाई पीयूष लोहानी की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी पार्षद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने डंपर (correction: gun seized) लाइसेंसी बंदूक भी कब्जे में ले ली है।

    पुराने विवाद और दबंगई का इतिहास—-

    सूत्रों के अनुसार, आरोपी पार्षद का बेटा और नितिन दोस्त थे, लेकिन बीते दिनों से किसी विवाद को लेकर तनाव चल रहा था। आरोप है कि राजनीतिक रसूख के चलते पार्षद पहले भी कई विवादों में रहा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

    बताया जा रहा है कि बीते 6 सितंबर 2025 को एक झगड़े में जब पुलिस आरोपी पार्षद को थाने लाई थी, तब पूर्व मंत्री बंशीधर भगत उसकी पैरवी करने थाने पहुंच गए थे, धरना दिया मीडिया के सामने एसएसपी को हड़काया और अंततः पार्षद को छोड़ना पड़ा। उस घटनाक्रम ने तब भी पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे।

    अब भाजपा ने किया निष्कासन—

    घटना के बाद बढ़ते दबाव के बीच भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट ने आरोपी पार्षद अमित बिष्ट को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
    वहीं पूर्व मंत्री बंशीधर भगत ने बयान दिया है..
    “मैंने न किसी अपराधी को संरक्षण दिया है, न दूंगा। अपराधी कोई भी हो, जेल जाएगा।”

    जनता के सवाल अब भी कायम—-

    यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि सत्ता, हथियार और संरक्षण के घातक गठजोड़ का उदाहरण है। सवाल यह है कि—

    क्या यह कार्रवाई स्थायी होगी या अस्थायी दिखावा ?

    आरोपी रसूख के दम पर कुछ दिन बाद जमानत पर बाहर आ जाएगा ?

    और क्या प्रशासन भविष्य में ऐसे बेलगाम सत्ता-समर्थित अपराधियों पर समय रहते कार्रवाई करेगा ?

    एक निर्दोष युवक की जान जा चुकी है।

    क्या हल्द्वानी गैंगवार की दहलीज़ पर ..?

    हल्द्वानी आज सिर्फ एक शहर नहीं, राजनीतिक संरक्षण में पलते अपराध का प्रयोगशाला बनता जा रहा है। पंचायत चुनावों से लेकर खुलेआम दबंगई, मारपीट, अपहरण और हत्या तक,अपराध अब घटना नहीं, एक पैटर्न बन चुका है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन अपराधों के पीछे खड़े गैंग नहीं, उनके आका हैं। जिनकी नज़र में ‘नंबर’ बढ़ाने की होड़ में अपराधियों को खुली छूट मिलती दिख रही है।

    गैंगों का जाल—-

    हल्द्वानी में बीते कुछ समय से कई गैंग सक्रिय हैं जैसे ITI गैंग, दरमवाल गैंग, चिंटू गैंग समेत अन्य नाम। दिखावे में ये अलग-अलग हैं, पर इनकी धुरी वही नेता हैं जो ज़रूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल शक्ति प्रदर्शन में और अपनी ताकत दिखाने या डराने (भौकाल) में करते हैं। समय पर इन्हें खुलकर समर्थन भी देते हैं।

    ये राजनीतिक संरक्षण प्राप्त अपराधी- बड़े कांड यानी अपराध के बाद सोशल मीडिया पर जश्न भी मनाते हैं। जिसपर दिखती है पुलिस की संकोच भरी चुप्पी। अब सिस्टम झुकता है, तो जनता क्या बोले?

    बीते रोज गोलीकांड से इन बातों का क्या मतलब, वो जानना जरूरी है, निर्दोष नितिन लोहनी की जान चली गई। आरोपी चिंटू बिष्ट और दरमवाल गैंग के बीच अदावत पुरानी बताई जा रही है। दोनों के होटल आमने-सामने, नज़दीकियां और दूरी- सब राजनीतिक छत्रछाया में पनपी। बताया जा रहा है।

    घटना के वक्त कहा गया “तू दरमवाल गैंग से है” और गोली चला दी गई। सवाल उठता है,क्या यह व्यक्तिगत अपराध था, या गैंग-मानसिकता का परिणाम ?

    देवलचौड़ की तस्वीर, आज की सच्चाई—-

    यही चिंटू बिष्ट देवलचौड़ चौराहे पर दौड़ा-दौड़ा कर पिटाई के मामले में गिरफ्तार हुआ था। वीडियो वायरल हुआ, पुलिस ने कार्रवाई की,लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप ने तस्वीर बदल दी।

    विधायक ने समर्थकों के साथ कोतवाली के बाहर धरना दिया। एसएसपी को सार्वजनिक फटकारा तुम्हें पर लगाकर उड़ कर आना चाहिए था कप्तान बोले मैं दौड़कर आया और आखिरकार चिंटू की रिहाई। उस दिन संदेश साफ था,कानून से ऊपर संरक्षण है।

    आज उसी संरक्षण की छाया में एक निर्दोष की हत्या हुई।

    फिलहाल पुलिस ने चिंटू बिष्ट को गिरफ्तार किया है। पर असली परीक्षा अब शुरू होती है

    क्या यह गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया के अंत तक टिकेगी या जमानत फिर से रसूख की सीढ़ी बनेगी ?

    और सबसे अहम – क्या हल्द्वानी गैंगवार की ओर बढ़ रहा है ?

    शहर के लिए चेतावनी—-

    जब अपराधी आका की नज़र में नंबर बढ़ाने के लिए कांड करते हैं, तब हिंसा बढ़ती है। और राजनीतिक संरक्षण ढाल बनता है।

    नितिन की मौत एक चेतावनी है। कि यदि आज संरक्षण पर लगाम नहीं लगी, तो कल शहर को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। सवाल किसी एक नाम का नहीं, सिस्टम की साख का है।

    अब देखना यह है कि हल्द्वानी में कानून चलेगा या आका का राज ?

  • हल्द्वानी फिर चली गोलियां,,,, भाजपा पार्षद ने नितिन की हत्या कर दी..।

    हल्द्वानी फिर चली गोलियां,,,, भाजपा पार्षद ने नितिन की हत्या कर दी..।

    उत्तराखंड—  हल्द्वानी शहर में एक बार फिर गोलीकांड से सनसनी फैल गई है। भाजपा पार्षद एवं संगठन से जुड़े पदाधिकारी अमित बिष्ट उर्फ चिंटू पर एक युवक की गोली मारकर हत्या करने का आरोप हैं। घटना रामपुर रोड स्थित जज फार्म क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां पार्षद ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से युवक पर फायरिंग की।

    मृतक की पहचान नितिन लोहनी निवासी जज फार्म के रूप में हुई है। बताया जा रहा है फायरिंग पार्षद के घर के बाहर हुई, जिसमें गोली लगने से नितिन की मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए आरोपी पार्षद अमित बिष्ट उर्फ चिंटू को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मौके से लाइसेंसी रिवॉल्वर भी बरामद कर ली है। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि फायरिंग किन परिस्थितियों और किस विवाद के चलते हुई।

    पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या का कारण कुछ दिन पहले हुआ आपसी विवाद हो सकता है, हालांकि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

    पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    पहले भी विवादों में रहा है नाम

    स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी पार्षद का नाम पूर्व में भी कई विवादों और मारपीट के मामलों में सामने आ चुका है। इसी पार्षद से जुड़े एक पुराने विवाद को लेकर विधायक बंशीधर भगत को भी पूर्व में कोतवाली परिसर के बाहर धरना देना पड़ा था।

  • नए साल में उत्तराखण्ड पुलिस में प्रमोशन की बयार,,,229 मुख्य आरक्षी बने अपर उपनिरीक्षक।

    नए साल में उत्तराखण्ड पुलिस में प्रमोशन की बयार,,,229 मुख्य आरक्षी बने अपर उपनिरीक्षक।

    उत्तराखंड—-  उत्तराखण्ड पुलिस के जवानों के लिए नया साल खुशखबरी लेकर आया है। पुलिस मुख्यालय ने नववर्ष के मौके पर नागरिक पुलिस के 229 मुख्य आरक्षियों को अपर उपनिरीक्षक (एएसआई) के पद पर पदोन्नत किया है।

    इनमें 25 महिला मुख्य आरक्षी भी शामिल हैं, जो विभाग में महिलाओं की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।

    वर्ष 2025 उत्तराखण्ड पुलिस के लिए पदोन्नतियों के लिहाज़ से ऐतिहासिक वर्ष साबित हुआ है। इस दौरान मुख्य आरक्षी से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक रिकॉर्ड 958 पदोन्नतियां हुईं, जबकि कुल मिलाकर विभिन्न संवर्गों में 1060 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है।

    वर्ष 2025 में हुई प्रमुख पदोन्नतियां—

    निरीक्षक – 150
    उपनिरीक्षक – 92
    अपर/सहायक उपनिरीक्षक – 385
    मुख्य आरक्षी – 331

    वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर भी कई अहम पदोन्नतियां की गई–

    अपर पुलिस अधीक्षक (विशेष श्रेणी) – 05
    अपर पुलिस अधीक्षक श्रेणी-01 – 10
    अपर पुलिस अधीक्षक श्रेणी-02 – 28
    पुलिस उपाधीक्षक (ज्येष्ठ वेतनमान) – 18
    पुलिस उपाधीक्षक (कनिष्ठ वेतनमान) – 33
    अपर पुलिस अधीक्षक दूरसंचार – 02
    पुलिस उपाधीक्षक, दूरसंचार – 03
    मुख्य अग्निशमन अधिकारी 03

    उत्तराखण्ड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने पदोन्नत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि समयबद्ध और पारदर्शी पदोन्नति से जवानों का मनोबल बढ़ता है, जिससे वे और अधिक ऊर्जा, समर्पण और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।

    डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस मुख्यालय भविष्य में भी कर्मियों के कल्याण और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत समय पर पदोन्नति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • नए साल पर नैनीताल में हाईटेक पहरा,,,,, अमेरिकन शिगवे से गश्त।

    नए साल पर नैनीताल में हाईटेक पहरा,,,,, अमेरिकन शिगवे से गश्त।

    उत्तराखंड—– ऊत्तराखण्ड के नैनीताल में न्यू ईयर की पहली रात से ही पुलिस गश्त शुरू हो गई है। पुलिस नैनीताल की मालरोड में अमेरिकन ‘शिगवे’ सैल्फ बैलेंसिंग स्कूटर से गश्त कर रही है।

    हर वर्ष नैनीताल और मसूरी समेत पहाड़ के पर्यटन स्थलों में न्यू ईयर मनाने वाले सैलानी पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में पहुंचे इन सैलानियों में कुछ असामाजिक तत्व भी मौजूद होते हैं जो रंग में भंग डालने का काम करते हैं। ये लोग शराब पीकर जहां तहां लड़ाई और उपद्रव करते हैं। कई जगह इनका स्थानीय व्यापारियों और निवासियों से झगड़ा भी हो जाता है।

    पिछले कुछ वर्षों से पुलिस सैलानियों की इस बड़ी संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाता है। एस.एस.पी.की ब्रीफिंग के बाद सीजनल ड्यूटी आए इन पुलिस कर्मियों को लॉ एंड आर्डर बनाए रखने के लिए तैनात किया जाता है।

    इस वर्ष भी पुलिस ने मॉलरोड में एक व्यक्ति के चलाने वाला अमेरिकन ‘शिगवे’ सैल्फ बैलेंसिंग स्कूटर सड़क में उतारा है, तांकि शीघ्र घटनास्थल तक पहुंचा जा सके। नैनीताल के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस विशेष निगरानी करती है।

    इनमें, मॉल रोड, फ्लैट्स मैदान, पवेलियन की सीढ़ियां, मस्जिद तिराहा, शेरवानी, अयारपाटा, तल्लीताल में ठंडी सड़क, फांसी गधेरा, शेर का डांडा आदि शामिल हैं। पुलिस कई टोलियों में गश्त कर रही है, एक टोली सी.ओ.रविकांत सेमवाल के नेतृत्व में और दूसरी एस.पी.क्राइम जगदीश चंद्रा के नेतृत्व में कोतवाल हरीश चंद पंत और थानाध्यक्ष तल्लीताल मंनोज नायल के साथ गश्त कर रही है।

    पुलिस ने हर चौराहे, सक्रिय सड़क और क्रासिंग में एस.आई.के नेतृत्व में पुलिस जवान नियुक्त किये हैं।

    पुलिस का साफ कहना है कि सैलानी अपनी हद समझें और शराब पीकर हुड़दंग न करें। बताया गया कि नैनीताल आने वाले मार्गों में भी बाहरी वाहनों की तगड़ी चैकिंग की जा रही है। किसी को भी नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने दिया जा रहा है।