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  • एंजेल चकमा की हत्या,,,, एक ऐसी मौत, जिसने देश की आत्मा को झकझोर दिया।

    एंजेल चकमा की हत्या,,,, एक ऐसी मौत, जिसने देश की आत्मा को झकझोर दिया।

    उत्तराखंड—   उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के 24 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल (येंजल) चकमा की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

    यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि समाज में गहराते नस्लभेद, असहिष्णुता और संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

    एंजेल चकमा एक साधारण, मेहनतकश परिवार से था। बेहतर भविष्य की तलाश में वह उत्तराखंड पढ़ने आया था। उसकी पहचान, नॉर्थ ईस्ट से होना और अलग चेहरा ही उसकी सबसे बड़ी “गलती” बन गई..? आरोप है कि उसे नस्लभेदी शब्दों से अपमानित किया गया और विरोध करने पर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी गई, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    हत्या या हेट क्राइम?—

    एंजेल चकमा की मौत को लेकर देशभर में गुस्सा और शोक है। ऑल इंडिया चकमा स्टूडेंट यूनियन समेत कई संगठनों ने इसे नस्लीय हमला (हेट क्राइम) करार देते हुए न्याय की मांग की है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने देहरादून पुलिस और प्रशासन को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।

    हालांकि, देहरादून पुलिस ने नस्लीय टिप्पणी और हेट क्राइम के आरोपों को खारिज किया है, जिससे विवाद और गहरा गया है।

    पुलिस का बड़ा दावा, सवाल बरकरार—

    देहरादून के एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि यह घटना नस्लीय नहीं, बल्कि बाजार में हुई अचानक कहासुनी के बाद हिंसक झड़प का नतीजा है।

    पुलिस जांच के मुताबिक, एंजेल चकमा और उसके भाई पर हमला करने वाले आरोपी भी पूर्वोत्तर और पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें मणिपुर, नेपाल क्षेत्र और बोक्सा जनजाति के युवक शामिल हैं।

    पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग हैं, जबकि एक आरोपी फरार है। फरार आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उसकी तलाश नेपाल तक की जा रही है।

    बाजार में हुई झड़प से गई जान—-

    पुलिस के अनुसार, एंजेल चकमा अपने भाई के साथ बाजार से सामान खरीदने गया था। पास में कुछ युवक शराब पी रहे थे। इसी दौरान मामूली कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। गंभीर रूप से घायल एंजेल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

    सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धाराएं जोड़ दी हैं, हालांकि छात्र संगठनों का आरोप है कि शुरू में पुलिस ने मामले को हल्के में लिया।

    राजनीति भी गर्माई—

    एंजेल चकमा हत्याकांड अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है।

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि समाज को इतना मृत नहीं हो जाना चाहिए कि अपने ही नागरिकों पर हो रहे अत्याचार पर आंखें मूंद ले।

    अखिलेश यादव ने इसे घृणित और विघटनकारी मानसिकता का परिणाम बताया।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे मानवता और संवेदनशीलता पर गहरा आघात बताते हुए पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की बात कही।

    सीएम धामी का भरोसा—-

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतक छात्र के पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात कर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना उन्हें व्यक्तिगत रूप से आहत करती है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    सवाल…….

    क्या यह वाकई सिर्फ एक झगड़ा था या गहरे नस्लीय पूर्वाग्रह का नतीजा ?

    एंजेल चकमा भारत का नागरिक था। वह भारत का भविष्य था।

  • आईजी सदानंद दाते की उत्तराखंड में हुई वापसी।

    आईजी सदानंद दाते की उत्तराखंड में हुई वापसी।

    देहरादून—  वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सदानंद दाते एक बार फिर उत्तराखंड पुलिस में वापसी कर रहे हैं।

    सोमवार को दाते उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय में फिर से ज्वाइनिंग करेंगे।

    पिछले छह साल से आईजी सदानंद दाते सीबीआई में डेपुटेशन पर  थे ।

    उत्तराखंड में रहते हुए सदानंद दाते नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून जैसे चार बेहद महत्वपूर्ण जिलों के पुलिस कप्तान रह चुके है।

    दाते की पहचान जनता की समस्या सहृदय तरीके से सुनने वाले और एक शशक्त अधिकारियों में रही है।

    वो उत्तराखंड में बेहद चर्चित अधिकारी रहे है।

  • उत्तराखंड :- बदमाशों ने की पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग_ विनय त्यागी को लगी गोली दो कांस्टेबल घायल।

    उत्तराखंड :- बदमाशों ने की पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग_ विनय त्यागी को लगी गोली दो कांस्टेबल घायल।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड में पुलिस टीम पर फिल्मी स्टाइल में अंधाधुंध बदमाशों ने फायरिंग कर दी, पश्चिमी यूपी के हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी को कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही पुलिस की गाड़ी पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर दी।

    हमले में विनय त्यागी को भी गोली लगी है। उसे गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया है।

    वाहन में मौजूद दो पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं। वारदात को अंजाम देकर नकाबपोश बदमाश भीड़ के बीच हथियार लहराते हुए फरार हो गए। फायरिंग की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। चारों तरफ नाकाबंदी कर पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है।

    उत्तराखंड के हरिद्वार में आज फिल्मी स्टाइल में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है, जिसमें क्रॉस फायरिंग में दो कॉन्स्टेबल घायल हो गए हैं। बदमाशों ने अपराधी के पैर में गोली मारी। यह घटना तब हुई जब पुलिस एक कुख्यात अपराधी विनय त्यागी को कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी।

    इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी का पीछा किया और लक्सर फ्लाईओवर के पास जाम के दौरान अचानक गोलियां चला दी। गोली की आवाज सुनते ही गाड़ी में बैठे कॉन्स्टेबल तुरंत एक्शन में आए और जवाबी कार्रवाई की।

    लेकिन बदमाशों को पकड़ नहीं पाए। बदमाश मौका देखकर वहां से भाग गए। घटना भीड़भाड़ वाली जगह पर हुई इसलिए राहगीरों में दहशत फैल गई।

    सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरी खबर…
    बाइक से भागे 3 बदमाश
    जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर को कुख्यात अपराधी विनय त्यागी को स्पेशल वन की पुलिस टीम रुड़की जेल से लक्सर कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी। लक्सर फ्लाईओवर के पास पहले से घात लगाए बदमाशों ने जाम का फायदा उठाकर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान राहगीरों ने घटना का वीडियो बना लिया।
    बदमाशों ने कुख्यात अपराधी विनय त्यागी के पैर में गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गया। जबकि उसकी सुरक्षा में तैनात दो पुलिस कॉन्स्टेबल भी जख्मी हो गए। अचानक हुई गोलीबारी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों में दहशत फैल गई। मौके से बाइक पर आए दो बदमाश भाग गए।

    फायरिंग में घायल अपराधी विनय त्यागी और दोनों पुलिस कांंस्टेबलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार फिलहाल तीनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

    लक्सर और आसपास के इलाकों में सघन चेकिंग अभियान
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र में कड़ी नाकेबंदी कर दी गई। लक्सर और आसपास के इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस के खोखे बरामद किए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

    पुलिस हमलावरों की संख्या, पहचान और मंशा की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने अपराधी को छुड़ाने या किसी आपसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया हो सकता है।

    गौरतलब है कि विनय त्यागी पर लूट और डकैती के कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं और वह मेरठ का रहने वाला था।

    एसएसपी बोले- खुलासे के लिए विशेष टीमों का गठन किया
    एसएसपी हरिद्वार ने मामले के खुलासे के लिए विशेष टीमों का गठन कर दिया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दिनदहाड़े कोर्ट पेशी के दौरान हुई इस फायरिंग की घटना से इलाके में दहशत का माहौल है और आमजन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

  • इंसानियत शर्मसार,,, खम्बे से बांध कर महिला की पिटाई, तमाशबीन बनी भीड़।

    इंसानियत शर्मसार,,, खम्बे से बांध कर महिला की पिटाई, तमाशबीन बनी भीड़।

    उत्तराखंड—   उत्तराखंड के हरिद्वार के रानीपुर कोतवाली क्षेत्र से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

    वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिला असहाय अवस्था में खंभे से बंधी है और कुछ लोग उसके साथ मारपीट कर रहे हैं. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

    महिला पर आरोप लगाया गया था कि उसने घर में घुसकर बच्चों का गला दबाने की कोशिश की. इसी शक के आधार पर स्थानीय लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए महिला को पकड़ लिया और खंभे से बांधकर उसकी पिटाई कर दी.

    घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने के बजाय मारपीट का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    दोनों पक्षों में हो गई मारपीट—
    महिला के साथ हुई इस घटना के बाद हालात और बिगड़ गए. महिला के परिजन मौके पर पहुंचे तो दूसरे पक्ष के लोगों के साथ उनकी भी जमकर मारपीट हो गई. दोनों पक्षों के बीच हुए इस विवाद से इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

    चार आरोपी गिरफ्तार-बाकी की तलाश तेज—
    रानीपुर कोतवाली प्रभारी शांति कुमार गंगवार ने एबीपी न्यूज से बातचीत में बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया है. उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो की भी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के समय कौन-कौन लोग शामिल थे।

    कोतवाल शांति कुमार गंगवार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला की मानसिक स्थिति कुछ हद तक ठीक नहीं है. इस पहलू को भी जांच में शामिल किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है. किसी भी शक या आरोप के आधार पर कानून को हाथ में लेना और एक महिला को खंभे से बांधकर पीटना कहीं से भी जायज नहीं ठहराया जा सकता. यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था पर, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

  • उत्तराखंड में भीषण सड़क हादसा:- ट्रक से टकराई तेज रफ्तार XUV, चार दोस्तों की दर्दनाक मौत।

    उत्तराखंड में भीषण सड़क हादसा:- ट्रक से टकराई तेज रफ्तार XUV, चार दोस्तों की दर्दनाक मौत।

    उत्तराखंड—-  तेज रफ्तार में एक बार फिर बड़े हादसे का रूप ले लिया देर रात हुए भीषण हादसे में चार घरों के चिराग बुझ गए।

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड के ऋषिकेश में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया।

    हरिद्वार की ओर से आ रही तेज रफ्तार महिंद्रा XUV500 कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराकर उसके नीचे जा घुसी, जिससे कार में सवार चार युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

    घटना की सूचना मिलते ही राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को बचाने की कोशिश शुरू की।

    रात करीब 10 बजे हुआ हादसा, पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन–

    कोतवाली ऋषिकेश के अनुसार, 16 दिसंबर की रात करीब 10 बजे कंट्रोल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि पीएनबी सिटी गेट के पास, मनसा देवी मंदिर रेलवे फाटक के नजदीक एक कार ने सड़क किनारे खड़े ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी है।

    सूचना मिलते ही कोतवाली ऋषिकेश, श्यामपुर चौकी और आईडीपीएल चौकी से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

    वाहन काटकर निकाले गए शव–

    टक्कर इतनी भीषण थी कि XUV500 ट्रक के नीचे पूरी तरह फंस गई। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और शव अंदर फंसे थे। पुलिस को कटर मशीन से वाहन काटकर शव बाहर निकालने पड़े।

    पुलिस के अनुसार, हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य ने कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।

    गाय को बचाने के प्रयास में हुआ हादसा (प्रथम दृष्टया)–

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार चालक ने सड़क पर अचानक आई गाय को बचाने की कोशिश की, इसी दौरान वाहन का संतुलन बिगड़ गया और कार सीधे खड़े ट्रक से जा टकराई। हालांकि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

    मृतकों की पहचान, सभी ऋषिकेश के रहने वाले–

    पुलिस ने मृतकों की पहचान इस प्रकार की है।

    धीरज जायसवाल (31) पुत्र दीनबंधु जायसवाल, निवासी चंद्रेश्वर नगर, दुर्गा मंदिर रोड, ऋषिकेश
    हरिओम पांडे (22) पुत्र अरविंद कुमार, निवासी हनुमान मंदिर, गुमानीवाला, ऋषिकेश
    कर्ण प्रसाद (23) पुत्र तुलसी प्रसाद, निवासी लक्कड़ घाट, ऋषिकेश
    सत्यम कुमार (20) पुत्र मंगल सिंह, निवासी गुज्जर बस्ती, ऋषिकेश

    हादसे के वक़्त XUV500 धीरज जायसवाल चला रहे थे। पुलिस के अनुसार चारों युवक आपस में दोस्त थे और स्थानीय निवासी थे।

    जांच जारी, परिजनों को दी गई सूचना—

    ऋषिकेश के क्षेत्राधिकारी (CO) ने बताया कि फिलहाल किसी की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।

    यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के खतरे को उजागर करता है। प्रशासन ने वाहन चालकों से रफ्तार नियंत्रित रखने और सतर्कता बरतने की अपील की है।

  • उत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल,,,,15 IPS अफसरों की तबादला लिस्ट जारी।

    उत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल,,,,15 IPS अफसरों की तबादला लिस्ट जारी।

    उत्तराखंड—-  उत्तराखंड में पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। शासन ने आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर आदेश जारी किए हैं।

    जारी निर्देशों के अनुसार, अधिकारियों को उनके वर्तमान पदों से अवमुक्त करते हुए जनहित एवं कार्यहित में नए पदों पर तत्काल प्रभाव से नियुक्त किया गया है।

    नई तैनाती मिलने के बाद सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द अपना कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं

  • नैनीताल घूमने आए पर्यटकों की कार पेड़ से टकराईं ,,,,जीजा-साले की मौत, पाँच घायल।

    नैनीताल घूमने आए पर्यटकों की कार पेड़ से टकराईं ,,,,जीजा-साले की मौत, पाँच घायल।

    उत्तराखंड—  नैनीताल जिले के कालाढूंगी क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। वीकेंड पर घूमने आए यूपी गाजियाबाद के सात लोगों की कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई।

    इस भीषण दुर्घटना में जीजा-साले की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार,आज सुबह करीब 7:30 बजे UP 14 GN 4349 (टाटा टियागो) कार गडप्पू चैक पोस्ट से लगभग दो किलोमीटर आगे बाजपुर की ओर जा रही थी। तभी अचानक कार बेकाबू होकर सड़क किनारे एक बड़े पेड़ से जा टकराई।

    टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह पिचक गई, बोनट अलग जाकर सड़क पर गिरा मिला।

    धड़ाम की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और चीख-पुकार के बीच घायलों को कार से बाहर निकालने में मदद की।

    दो लोगों की मौके पर मौत—-

    हादसे में प्रदीप यादव (28) और उनके साले राहुल (18) की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों गाजियाबाद के स्यानी थाना नंदग्राम क्षेत्र के रहने वाले थे। पुलिस ने दोनों गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 108 एम्बुलेंस से CHC कालाढूंगी पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    गाड़ी में कुल 7 लोग सवार थे- 5 बड़े और 2 छोटे बच्चे। सभी आपस में रिश्तेदार बताए गए हैं।

    घायलों के नाम इस प्रकार हैं – विवेक यादव (23), निवासी स्यानी थाना नन्दग्राम, गाजियाबाद
    दीपांशु, निवासी नगला सुदमा, थाना बेवर, जिला मैनपुरी, ज्योति (27) पत्नी दिवंगत प्रदीप यादव, अन्नईया उर्फ परी (3 वर्ष 6 माह), बेटी प्रदीप यादव
    किट्टू (1.5 वर्ष), बेटी प्रदीप यादव

    सभी घायलों को पहले बाजपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ से गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों को कालाढूंगी रेफर किया गया।

    हादसे की जानकारी मिलते ही कार के मालिक बिट्टू और उनके पड़ोसी विक्रांत डागर ने परिजनों को सूचना दी। परिजन गाजियाबाद से उत्तराखंड के लिए रवाना हो चुके हैं।
    दुर्घटनाग्रस्त कार को क्रेन की मदद से सड़क से हटाकर गडप्पू चैक पोस्ट पर सुरक्षित खड़ा किया गया है।

    पुलिस का कहना है कि परिजनों की ओर से शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में कार के तेज गति में होने और मोड़ पर नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है।

  • टॉर्चर केस — पूर्व एसएसपी, आईपीएस लोकेश्वर दोषी करार, कार्यवाही के निर्देश..।

    टॉर्चर केस — पूर्व एसएसपी, आईपीएस लोकेश्वर दोषी करार, कार्यवाही के निर्देश..।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड – राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने पिथौरागढ़ के पूर्व पुलिस कप्तान (और हाल ही में इस्तीफा दे चुके आईपीएस) लोकेश्वर सिंह को एक शिकायतकर्ता के साथ कार्यालय में की गई प्रताड़ना – नग्न कर मारपीट करने और धमकाने – का दोषी पाया है और सरकार को अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    घटना कब हुई..—

    घटना 6 फरवरी 2023 की बताई जा रही है। शिकायतकर्ता आरटीआई कार्यकर्ता व कपड़ों के व्यापारी लक्ष्मी दत्त जोशी का कहना है कि वे पुलिस लाइन्स परिसर में बाहर निकली गंदगी की शिकायत लेकर तब के SSP लोकेश्वर सिंह के पास गए थे।

    आरोप है कि सिंह ने उन्हें अपने कार्यालय के पास एक कमरे में बुलाया – जहां CCTV नहीं था – वहां उन्हें नग्न कराकर और मारपीट कर प्रताड़ित किया गया तथा बाद में उन्हें कुछ झूठे मुकदमों में फँसाने की धमकी दी गई।

    शिकायतकर्ता ने उसी दिन जिला चिकित्सालय में अपनी मेडिकल रिपोर्ट और एक्स-रे कराए जो चोटों को 12–24 घंटे के भीतर हुई बताती है।

    प्राधिकरण का निष्कर्ष और कारण—

    प्राधिकरण की पीठ ने तत्कालीन SSP लोकेश्वर सिंह के बयानों को “विश्वास करने योग्य” नहीं पाया। फैसले में कहा गया कि शिकायतकर्ता के पास घटना के दिन कराया गया मेडिकल और एक्स-रे उपलब्ध है और सिंह ने अपने दावे का समर्थन करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया।

    पूरी जांच और सुनवाई में यह सिद्ध हुआ कि शिकायतकर्ता के साथ नग्न कर बैठाकर मारपीट की गई – इसलिए प्राधिकरण ने उन आरोपों को सही पाया और यह माना कि यह पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला कदाचार है। प्राधिकरण ने संबंधित धाराओं के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करते हुए सरकार को निर्देश दिए।

    आरोपी का रुख—-

    प्राधिकरण ने लोकेश्वर सिंह को बुलाया; उन्होंने शपथपूर्वक लिखित उत्तर प्राधिकरण को भेजा और कई बिंदुओं पर आरोपों का खंडन किया – शिकायतकर्ता को आपराधिक किस्म का बताया, दलील दी कि उस दिन शिकायतकर्ता से पूछताछ जारी थी इत्यादि – परन्तु इन्हें प्राधिकरण ने भरोसेमंद नहीं माना क्योंकि सिंह ने विरोध में ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए।

    पृष्ठभूमि – इस्तीफा और अन्तरराष्ट्रीय नियुक्ति—-

    रोचक बात यह है कि लोकेश्वर सिंह ने अक्टूबर 2025 में पुलिस सेवा से इस्तीफा दिया था; उनके चयन के बारे में खबरें यह भी बताती हैं कि उन्हें संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी किसी संस्था में काम करने के अवसर के कारण अलग जाने का फैसला करना पड़ा। उनका इस्तीफा केंद्र ने भी मंजूर किया था।

    इस स्थिति में यह सवाल उठता है कि अनुशासनात्मक मामलों की सुनवाई, निष्कर्ष और संभव कार्रवाइयाँ कैसे और कब लागू होंगी – विशेषकर अगर आरोपी अब सरकारी सेवा में नहीं है।

  • उत्तराखण्ड के खैरना में एस.डी.आर.एफ.की टीम ने साहसिक रैस्क्यू कर गहरी खाई से निकाला युवक का शव।

    उत्तराखण्ड के खैरना में एस.डी.आर.एफ.की टीम ने साहसिक रैस्क्यू कर गहरी खाई से निकाला युवक का शव।

    उत्तराखंड—  आज दोपहर भवाली कोतवाली को सूचना मिली कि पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति खाई में गिर गया है।

    सूचना मिलते ही पोस्ट खैरना से एस.डी.आर.एफ.की टीम आवश्यक रैस्क्यू उपकरणों के साथ तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। टीम को जानकारी मिली कि एक व्यक्ति रात के समय उस गहरी खाई में गिर गया था, जिसके कारण उसकी मृत्यु हो गई थी।

    जानकारी मिली कि मृतक का नाम उमेश सिंह कुंवर है और वो पुलिस लाइन अल्मोड़ा में कार्यरत था।

    टीम कप्तान ने रैस्क्यू कर्मियों की सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सावधानीपूर्वक रैस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शव को खाई से सुरक्षित बाहर निकाला और विधिक कार्यवाही के लिए पुलिस के सुपुर्द किया।

  • दून में भड़का आक्रोश ,,,, नर्सिंग भर्ती विवाद के बीच कॉन्स्टेबल ने प्रदर्शनकारी पर जड़ा थप्पड़।

    दून में भड़का आक्रोश ,,,, नर्सिंग भर्ती विवाद के बीच कॉन्स्टेबल ने प्रदर्शनकारी पर जड़ा थप्पड़।

    उत्तराखंड—-  राजधानी देहरादून में नर्सिंग कर्मचारियों के सीएम आवास कूच के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए, जब झड़प के बीच एक महिला कॉन्स्टेबल ने प्रदर्शन कर रही महिला नर्सिंग अधिकारी को जोरदार थप्पड़ मार दिया

    । घटना का वीडियो वायरल होते ही नर्सिंग समुदाय और बेरोजगार संगठनों में जोरदार आक्रोश फैल गया। कई संगठन खुलकर नर्सिंग कर्मचारियों के समर्थन में आ गए हैं।

    क्या है मामला?—-

    5 दिसंबर से नर्सिंग कर्मचारी नर्सिंग अधिकारी भर्ती प्रक्रिया में बदलाव के विरोध में देहरादून के एकता विहार में धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को वे अपनी मांगों को लेकर सीएम आवास की ओर कूच कर रहे थे। दिलाराम चौक के पास भारी पुलिस बल तैनात था। दोपहर के वक्त पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति गर्म हो गई।

    महिला कॉन्स्टेबल और प्रदर्शनकारी के बीच..

    झड़प के दौरान महिला कॉन्स्टेबल ने हरिद्वार निवासी सपना चौधरी को हटाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं हटीं तो पुलिसकर्मी ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अन्य महिला प्रदर्शनकारी भी बीच-बचाव के लिए आगे आईं। अंततः पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिला को गाड़ी में बैठाकर मामला शांत किया।

    घटना मोबाइल में रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद वीडियो वायरल होने पर विरोध और ज्यादा तेज हो गया।

    क्यों नाराज़ हैं नर्सिंग कर्मचारी?–

    नर्सिंग एकता मंच और बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी सरकार द्वारा की गई नई भर्ती प्रक्रिया के विरोध में हैं। उनकी मांग है कि-

    नर्सिंग कर्मचारियों की 5 मुख्य मांगें—-

    1.वर्षवार/सीनियरिटी आधारित भर्ती हो, जैसा कि पिछली सभी भर्ती प्रक्रियाओं में होता आया है।

    2.IPHS मानकों के अनुसार कम से कम 2500+ पदों पर नई भर्ती हो।

    3.उत्तराखंड मूल निवासियों को भर्ती में प्राथमिकता दी जाए।

    4.ओवर-एज अभ्यर्थियों को आयु सीमा में विशेष छूट मिले।

    5.भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो, क्योंकि परीक्षा आधारित नई प्रक्रिया से कई योग्य अभ्यर्थी बाहर हो रहे हैं।

    पिछली भर्तियों पर भी विवाद—

    नर्सिंग सेवा संघ के अध्यक्ष विजय चौहान के अनुसार

    2016 में बैकलॉग पदों पर नियुक्तियां हुईं।

    2021 में नियमावली संशोधन के बाद 2600 पदों का विज्ञापन जारी हुआ, लेकिन आंदोलन के चलते प्रक्रिया रोक दी गई।

    बाद में सीनियरिटी के आधार पर लगभग 3000 नियुक्तियां 2025 तक कर दी गईं।

    अब सरकार ने फिर केवल 100 से अधिक पदों पर परीक्षा-आधारित भर्ती का विज्ञापन निकाला है, जिसे कर्मचारी गलत मान रहे हैं।

    नर्सिंग मंच का कहना है कि पहले जहां सीनियरिटी के आधार पर नियुक्तियां होती थीं, अब परीक्षा के जरिए भर्ती करना हजारों उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाएगा-खासकर उन लोगों को जो आयु सीमा पार कर रहे हैं।

    सरकार पर गंभीर आरोप—-

    नर्सिंग एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा

    धरना स्थल शहर से बाहर तय किया गया ताकि आवाज सरकार तक न पहुंचे।

    लिखित परीक्षा के बाद बने पोर्टल को तुरंत बंद किया जाए।

    भर्ती प्रक्रिया को पुरानी व्यवस्था (वर्षवार) के अनुसार लागू किया जाए।

    स्वास्थ्य संस्थानों में खाली पद तुरंत भरे जाएं।

    ओवर-एज अभ्यर्थियों को विशेष आयु-छूट दी जाए।

    क्या आगे?—

    बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी पहले ही मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर अपनी पीड़ा जता चुके हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार ने जल्द परिस्थितियों पर निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। महिला कॉन्स्टेबल द्वारा थप्पड़ मारने की घटना ने इस विरोध को और भड़का दिया है।