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उत्तराखंड—-  देहरादून की सड़कों पर वीआईपी गुंडागर्दी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के बेटे आर. यशोवर्धन पर पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन के बेटे दिव्य प्रताप सिंह और उनके सरकारी गनर ने एक सुनियोजित बुली अटैक कर दिया।

राजपुर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि घटना में इस्तेमाल बोलेरो वाहन भी कब्जे में ले लिया गया है।

घटना मंगलवार शाम की है, जब यशोवर्धन दिलाराम चौक से साईं मंदिर की ओर जा रहे थे। पैसेफिक मॉल के पास पीछे चल रही कार ने जब ओवरटेक का प्रयास किया तो जगह कम होने के कारण वे साइड नहीं दे पाए। बस यही बात दबंगों को नागवार गुज़री।

मसूरी डायवर्जन पहुंचते ही एक सफेद लैंड क्रूजर और बोलेरो ने उनकी कार को टक्कर मारकर रोक लिया।

इसके बाद जो हुआ, उसने देहरादून की शांति को भी शर्मसार कर दिया। लैंड क्रूजर से उतरे दिव्य प्रताप सिंह और उनके साथ तैनात उत्तराखंड पुलिस का कांस्टेबल राजेश सिंह यशोवर्धन को कार से घसीटकर बाहर लाए और बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।

आरोप है कि गनर ने जमीन पर पटककर लात-घूंसे बरसाए, जबकि एक अन्य युवक ने यशोवर्धन के चालक को पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।

शर्मनाक बात यह कि सरकारी वर्दी में तैनात गनर ने यशोवर्धन की शर्ट पर लगे राष्ट्रीय ध्वज के प्रतीक पर भी लात मारी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों की पहचान पुष्ट होने के बाद हरिद्वार पुलिस को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया, जिसके बाद आरोपी गनर को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। मामला अत्यंत गंभीर है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।

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वीआईपी संस्कृति के नाम पर कानून को रौंदने की यह नई वारदात उत्तराखंड पुलिस की साख और कानून-व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े करती है।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस हाई-प्रोफाइल केस में कार्रवाई कितनी तेज़ और कितनी निष्पक्ष होती है।


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