हल्द्वानी— जनपद नैनीताल में वर्ष 2024-2025 में थाना हल्द्वानी, वनभूलपुरा व मुखानी क्षेत्रान्तर्गत स्थित बैंक आफ बड़ौदा, केनरा बैंक में कुछ लोगों द्वारा सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लिया गया।
लेकिन बैंक आडिट के दौरान बंधक रखे गये आभूषण नकली पाये गये, जिसके परिपेक्ष्य में बैंक की ओर से उक्त थानों मुकदमें दर्ज कराये गये।
एसएसपी नैनीताल द्वारा घटनाक्रम को देखते हुए पुलिस और एसओजी की टीमें गठित कर छानबीन शुरु की गई।
इसी क्रम में मुखबिर की सूचना पर राजेश कुमार यादव प्रभारी निरीक्षक हल्द्वानी के नेतृत्व में पुलिस की टीम द्वारा पंडित दीन दयाल उपाध्याय पार्क नैनीताल रोड से अभियुक्त अभिषेक सिंह नेगी व पवन सिंह फर्सवाण के कब्जे से 6 अदद वजन करीब 111 ग्राम नकली सोने की व कूट रचित होलोग्राम अंकित चूड़ियां बरामद की गयी।
जिनके परीक्षण पर चूड़ियों के नकली होने की पुष्टि हुयी। इस सम्बन्ध में उक्त दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध थाना हल्द्वानी में उपरोक्त मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। अभियुक्तगणों को माननीय न्यायालय पेश किया जायेगा।
अभियुक्त ने पूछताछ पर बताया गया कि उनके गिरोह में एक व्यक्ति अल्मोड़ा का व कुछ लोग दिल्ली के शामिल हैं।
यह नकली सोना दिल्ली से बहुत कम दाम में आता है, जिस पर होलमार्क हम लोग लगवा लेते हैं ,जिससे कि इस सोने के असली होने की पहचान बैंक वाले भी नहीं कर पाते हैं और हम लोग इस नकली सोने को ऐसे बैंकों में गिरवी रखकर गोल्ड लोन ले लेते है,
जो कि सोने की ज्यादा जाँच नहीं करते हैं और जब गोल्ड लोन से पैसा मिलता है तो उसे हम आपस में बराबर –बराबर बांट लेते है।
अभियुक्त अखिलेश सिंह नेगी पर अलग- अलग बैंकों से लगभग 60-70 लाख रुपये के प्रापर्टी लोन, व्हीकल लोन व गोल्ड लोन लिये जाने की बात प्रकाश में आयी है जिसकी विस्तृत जानकारी की जा रही है।
गिरफ्तार अखिलेश सिंह नेगी तर्फ अक्कू पुत्र केसर सिंह निवासी ग्राम बसौली पोस्ट भैसोली थाना सोमेश्वर जिला अल्मोड़ा का रहने वाला है उसकी उम्र 37 वर्ष हैं।
दूसरा अभियुक्त पवन सिह फर्सवाण पुत्र दरवान सिंह फर्सवाण निवासी ग्राम व पोस्ट लीली थाना कपकोट जिला बागेश्वर का रहने वाला है और उसकी उम्र 24 वर्ष हैं।
पूर्व में फर्जी गोल्ड लोन के थाना हल्द्वानी, बनभूलपुरा और मुखानी में जो 6 मुकदमें दर्ज हुये हैं और उनमें जो अभियुक्त नामजद है। उनमें से अजहर वारसी, जोया अहमद, तरुण भारद्वाज, हरजिन्दर नरुला व मोहम्मद फिरोज उक्त सभी मुकदमों में नामजद हैं उनकी जाँच भी इस मुकदमें में गिरफ्तार अभियुक्तों से की जा रही है।
इसमें यह भी जांच की जा रही है कि इन फर्जी गोल्ड लोन के मामलों में बैंक द्वारा सोने को क्वालिटी जांचने की किस प्रकार की कार्यप्रणाली अपनाई गई है या इसमें बैंक के किसी कर्मी की संलिप्तता की जाँच हो रही है।
