
हल्द्वानी— राष्ट्रीय स्वयंसेवक की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 21 से 23 मार्च तक बैंगलुरू में संपन्न हुई।बैठक में सम्पूर्ण भारत से 1443 कार्यकर्ता सम्मलित हुए।
अखिल भारतीय प्रातिनिधि सभा के सम्बंध में उत्तराखण्ड प्रांत के मा. प्रान्त संधचालक डॉ. बहादुर सिंह बिष्ट ने निम्न जानकारी दी।
सरकार्यवाह जी द्वारा रानी अब्बाका के 500 वें जन्मदिन पर अपना वक्तव्य दिया,

संध शताब्दी वर्ष में संध कार्य का विस्तार और सुद्राणीकरण, सामाजिक एकता और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का लक्ष्य रक्खा हैं।
शताब्दी वर्ष का संकल्प विस्व शान्ति और समृद्धि के लिये समरस और संगठित हिन्दू समाज का निर्माण करना।
बंगलादेशी हिन्दुओ के खिलाफ हो रहे अन्याय पर पूरे विश्व मे आवाज उठाना।
उत्तरांचल प्रांत में संध कार्य की स्थिति, सांगठनिक विभाग-8, जिले-24, शाखाएं-1506, मिलन-404, मण्डली-253 हैं।
उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय स्वमसेवक संध द्वारा बहुत से सेवा कार्य संचालित करता है। उत्तराखण्ड 463 सेवा बस्ती हैं, जिसमे 305 गांवो में सेवा कार्य संचालित हो रहे है।, वन टीचर वन स्कूल का कार्य भी 4000 ग्राम में हो रहा है।, बनवासी कल्याण आश्रम द्वारा 333 ग्रामों में संस्कारशाला संचालित है।, स्वाबलंबन के कैम्प भी चलाये जा रहे है।, ऋषिकेश में 430 बेड का एक माधव विश्राम गृह संचालित हो रहा है।
संध शताब्दी वर्ष में विजयदशमी (2 oct 2025) से विजयदशमी (20 oct 2026) तक निम्न कार्यक्रम आयोजित करेगी।—
खंड/नगरों में पूर्ण गणवेश के कार्यक्रमों का प्रारंभ,
इस शताब्दी वर्ष 21 दिन घर घर सम्पर्क अभियान चलाएगा।
उत्तराखंड में 649 बस्ती एवम 712 मंडलों में हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।
नगर/खण्डों में समाजिक सदभाव गोष्टियो का आयोजन किया जाएगा।
जिला स्तर पर प्रबुद्ध नागरिक गोश्ठी का आयोजन किया जायेगा।
प्रान्त/ विभाग/ जिला स्तर पर युवा सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।
20 सेप्टेंबर 2026 से 10 अक्टूबर 2026 अधिकतम स्थानो पर सात दिनो तक शाखा विहीन स्थानों पर शाखा लगाई जाएगी।
इस तरह आरएसएस अपने शताब्दी वर्ष में देश को एक जुट करने का प्रयास करेगा, तथा सब जन हिताय के उद्देश्यों को अमली जामा पहनाया जाएगा।

