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पौड़ी गढ़वाल- वनाग्नि रोकथाम हेतु एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी व वन विभाग को अपने-अपने क्षेत्र में आग की घटनाओं को रोकने के लिए पूरी तैयारी करने के निर्देश दिये हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कमेटी गठित कर उनकी जिम्मेदारी तय करें।

 

जिससे क्षेत्र में वनाग्नि घटनाओं को रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में हर सीजन में आग अधिकतर लगती है उन क्षेत्रों में आवश्यक तैयारी के साथ ही गंभीरता से कार्य करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि वनाग्नि रोकथाम के लिए सभी उपकरणों को सक्रिय रखें। जिलाधिकारी ने कहा कि जिस व्यक्ति द्वारा जंगलों व अन्य स्थानों में आग लगाई जाती है उसके विरूद्ध कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में वनाग्नि के प्रति लापरवाही बरती जाएगी

 

उस क्षेत्र के संबंधित अधिकारी के विरूद्व कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर लोगों को वनाग्नि घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूक करें। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षाधिकारी को निर्देश दिये कि जंगलों के आस-पास के विद्यालयों में आग जैसी घटनाएं होती हैं तो उसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम में दें। जिससे विद्यालय में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को सुरक्षित रखा जा सकेगा।

 

जिलाधिकारी ने डीएफओ गढ़वाल को वनाग्नि सप्ताह के दौरान कार्यशाला का आयोजन कर उसमें लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिये। बैठक में डीएफओ गढ़वाल स्वन्पिल अनिरूद्व, डीएफओ सिविल एवं सोयम के0एन0 भारती, उपजिलाधिकारी श्रीनगर नुपूर वर्मा, एसडीओ वन विभाग लक्की शाह व अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।

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