Spread the love

नैनीताल—   उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल के रामनगर में बंद पड़े स्लाटर हाउस को दोबारा संचालित करने के संबंधी जनहित याचिका में सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि जो रिपोर्ट बीती जुलाई माह में जिलाधिकारी को पेश की गई थी उसपर निर्णय लेकर स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति नगर पालिका को दें। खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया।

मामले के अनुसार, रामनगर निवासी अनस कुरैशी ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि रामनगर स्थित स्लाटर हाउस को जिलाधिकारी ने बिना किसी कारण बंद करा दिया, जबकि स्लाटर हाउस सभी मानको को पूर्ण करता है और उसकी वैधता मार्च 2026 तक है।

स्लाटर हाउस बन्द होने के कारण ट्रांसपोर्टर, बाहरी जिलों से मांस की आपूर्ति कर रहे हैं। इससे, स्थानीय लोगों को ताजा मांस नहीं मिल रहा है। यही नहीं, मांस की कीमत तिगुनी हो गयी है।

खामियाजा स्थानीय कारोबारी और मांसाहारी लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जनहित याचिका में प्रार्थना की गई है कि स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति नगर पालिका को दी जाय। इसकी एक रिपोर्ट जुलाई 2025 को जिलाधिकारी को भेजी गई थी जिसपर आज तक कोई निर्णय तक नहीं लिया गया।

उल्टा स्लाटर हाउस बन्द करने के निर्देश दे दिए हैं। स्लाटर हाउस बन्द होने के कारण बाहरी जिलों व राज्यों के मांस का व्यापार करने वाले सक्रिय हो गए हैं और अवैध रूप से मांस की सप्लाई कर रहे है।


Spread the love

You missed