बागेश्वर—- बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही की खबर सामने आई है।
ग्राम पौंसारी के खाइजर तोक में 29 अगस्त की रात अचानक आई इस आपदा में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन अन्य अब भी लापता हैं।
मलबे में दबे दो महिला शवों को बरामद कर लिया गया है, वहीं एक घायल बच्चे को ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आपदा के तुरंत बाद जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।
दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़—-
सबसे अधिक नुकसान दो परिवारों को हुआ है।
पहले परिवार में रमेश चंद्र जोशी और उनके बेटे गिरीश लापता हैं, जबकि उनकी पत्नी बसंती देवी का शव मलबे से बरामद कर लिया गया है। उनका दूसरा बेटा पवन सुरक्षित बच गया है।
दूसरे परिवार में पूरण जोशी लापता हैं, वहीं उनकी मां बचुली देवी का शव खोज और रेस्क्यू टीमों ने निकाल लिया है।
पशुधन और कृषि को भी भारी नुकसान
इसी दौरान ग्राम बैसानी क्षेत्र में भी भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। यहां 13 बकरियों सहित कई मवेशी मारे गए हैं। खेतों में मलबा भर गया है और ग्रामीणों की आजीविका पर संकट मंडराने लगा है।
टूट गई सड़कें, ध्वस्त हुई पुलिया
बादल फटने की घटना के बाद न सिर्फ जान-माल का नुकसान हुआ, बल्कि पौंसारी गांव की सड़कों, खेतों और पुलियों को भी गंभीर क्षति पहुँची है। गांव का संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में कठिनाई आ रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, स्थानीय विधायक सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत सामग्री तत्काल प्रभावितों तक पहुंचाई गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं और स्थिति का जायजा लिया है।
प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों की तलाश किसी भी कीमत पर जारी रहेगी और हर पीड़ित तक मदद पहुँचाई जाएगी।
स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। खोज और बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है।
