
द्वारीखाल— जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल योजना का लाभ सिमल्या गांव के बाशिंदों को नहीं मिल पा रहा है। एकमात्र हैंडपंप से दूषित पानी की आपूर्ति होने से क्षेत्र के करीब 20 परिवारों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
द्वारीखाल प्रखंड के तहत ग्राम सिमल्या में जल आपूर्ति के लिए एक सार्वजनिक हैंडपंप लगा है। इससे करीब एक वर्ष से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। कई परिवार इसी हैंडपंप से मिलने वाले पानी पर निर्भर हैं। पानी गंदा होने के बावजूद इसका उपयोग करना मजबूरी बना हुआ है।
पानी को उपयोग में न लाएं तो जलापूर्ति का दूसरा कोई साधन नहीं है। स्वच्छ पानी के लिए ग्रामीणों को करीब तीन किलोमीटर दूर कीर्तिखाल स्थित जलस्रोत तक जाना पड़ता है।

वहीं, कीर्तिखाल में भी लगे दो से तीन हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। जलापूर्ति की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। महिला गयाली देवी ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं का ज्यादा समय खेती और पशुओं के लिए चारापत्ती लाने में ही निकल जाता है।
इसके बाद पीने के पानी के लिए दूर जाना पड़ता है। इससे दिनचर्या प्रभावित हो रही है। दूषित पानी के कारण पेट संबंधी दिक्कतों के साथ
कई परिवार हैंडपंप पर हैं निर्भर, स्वच्छ पानी के लिए जा रहे हैं तीन किमी दूर
ही हर समय बीमारी का डर सताता रहता है। संबंधित विभाग को कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
जल्द समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। वहीं, ग्राम प्रधान अर्चना नेगी ने बताया कि समस्या को लेकर विभाग को बार-बार अवगत कराया गया लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। विभाग बना मूक दर्शक ।
गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है।
इस बाबत प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर हैंडपंपों की दशा सुधारने और जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल योजना से क्षेत्रीय ग्रामीणों को स्वच्छ जल मुहैया कराने की मांग की गई है। समय रहते दूषित पानी की आपूर्ति बंद नहीं हुई तो जनस्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
