
हल्द्वानी– नन्दौर वन्यजीव अभ्यारण ने मनाया अपना 13 वां स्थापना दिवस। विभिन्न प्रकार की डॉक्यूमेंट्री फिल्मों से कराई अभ्यारण में वन्य जीवन का परिचय, ही इस अभ्यारण का ऐतिहासिक परिचय भी कराया गया।
प्रमुख बन संरक्षक ने नन्दौर को यंग सेंचुरी की संज्ञा से नवाजा और कहा कि इसका विकास भी जिम कॉर्बेट की तर्ज पर किया जाएगा।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लालकुआं विधायक डॉ मोहन सिंह बिष्ट ने दीप जलाकर किया। उनके साथ विशिष्ट अतिथि प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन भी रहे। उन्होंने नन्दौर की जैविक विविधता के बारे में बताया और इसके बनाये रखने के लिए अपने सुझाव व्यक्त किये, और कहा की नन्दौर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी पर्यटन और जंगल सफारी की दृष्टि से अतिमहत्वपूर्ण हैं।, इसको आने वाले दिनों ने कॉर्बेट की तरह विकसित किया जाएगा।

मुख्य वन संरक्षक कुमाऊँ धीरज पांडेय ने डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखा कर मानव वन्य जीव संघर्ष के बारे में विस्तार से बताया और इसको कैसे रोका या कम किया जाए इसके सुझाव दिए।
उन्होंने ने बताया कि कैसे खेतो और जंगल के बीच यानी दोनों के बॉर्डर पर मधुमक्खी का पालन के हाथी से खेतो के बचाने की कहानी बताई, और इसको नन्दौर में गामीणो के साथ मिलकर करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे से हाथियों से फसल भी सुरक्षित रहेगी और शहद उत्पादन से इकोनॉमी भी बढ़ेगी।
लालकुआं विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने प्रमुख वन संरक्षक से सुनगढ़ी मार्ग को खोलने की मांग की और कहा कि इसके खुलने से पर्यटन बढ़ेगा और लोगो को सुविधा भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह सड़क सिर्फ पांच किलोमीटर ही हैं जिसको खोला जाना है।
वन संरक्षक पश्चिमी वृत डॉ विनय भार्गव ने कहा कि नन्दौर में इको टूरिस्ट की स्थापना की जायेगी।
इस दौरान प्रमुख वन संरक्षक ने वन्य जीव संरक्षण के लिय कार्य कर रहे फील्ड कर्मीमियों को उनके उत्कृष्ट कार्यो के लिए सम्मानित किया,तथा खेल में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए बन कर्मीमियों को सम्मानित किया।
यहां हल्द्वानी डीएफओ कुन्दन कुमार, डीएफओ नैनिताल चन्द्र शेखर, डॉ अनिल कुमार सिंह, वन संरक्षक साउथ कुमाऊं टी आर बिजू लाल, उप निदेशक उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी, हल्द्वानी अभिलाषा सिंह आदि उपस्थित रहे।
