
हल्द्वानी— अप्रैल के आते ही पढ़ाई का नए सेशन की शुरुआत हो जाती हैं। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत तो गई पर बाजार में जरूरी किताबे अभी तक किताब विक्रेताओं के यहां नही पहुँची हैं।
जिससे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत दूभर हो गई हैं। किताबे न मिलने से अभिवाहक़ और बच्चे परेशान है। जबकि निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चो को 20 अप्रैल तक का वक़्त दिया गया हैं।
सरकारी और निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागूं हैं। सरकारी स्कूलों में हर साल निःशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हर साल नई किताबें लेनी पड़ती हैं।

नया सत्र शुरु होते ही निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को किताब विक्रताओं के यहां जाना होता हैं तथा वहाँ पर भीड़ लग जाती हैं। आलम यह हैं इस सत्र की शुरूआत हो जाने के बावजूद चार,पांच, छह, सात और आठ की किताबें नहीं मिल रही हैं।
क़िताब विक्रेताओं से बात करने पर पता चला कि एन सी ई आर टी ने कई कक्षाओ से सिलेबस में बदलाव किया है इसी लिए किताबे आने में देरी हो रही हैं। शीघ ही इन क्लास की किताबे बाजार में आ जाएंगी।

