नैनीताल— फार्मेसी अधिकारियों की लंबित मांगों को लेकर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है।
लंबे समय से शासन एवं विभागीय स्तर पर मांगों के समाधान को लेकर ज्ञापन एवं पत्राचार किए जाने के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से फार्मेसी अधिकारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन नैनीताल के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि फार्मेसी अधिकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विषम परिस्थितियों में भी फार्मेसी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी लंबे समय से लंबित जायज मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में 10, 16 एवं 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति एवं वेतनमान का लाभ, समाप्त किए गए फार्मासिस्ट पदों को पुनर्जीवित करना, फार्मासिस्टों की पदोन्नति तथा सेवा संबंधी लंबित समस्याओं का समाधान सहित अन्य मांगें शामिल हैं।
जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बिष्ट एवं जिला मंत्री नंदन गोस्वामी ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। यदि शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक एवं ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश संगठन के आह्वान पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।

दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन बातचीत एवं लोकतांत्रिक तरीके से समस्याओं का समाधान चाहता है, लेकिन मांगों पर लगातार टालमटोल जारी रही तो आंदोलनात्मक कदम उठाना संगठन की मजबूरी होगी। फार्मेसी अधिकारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
एसोसिएशन ने सरकार से मांगों का शीघ्र निस्तारण कर फार्मेसी अधिकारियों को न्याय प्रदान करने की मांग की है।
