उत्तराखंड— हल्द्वानी – कुमाऊं के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। चंदन हॉस्पिटल, हल्द्वानी को Central Government Health Scheme (CGHS) के तहत आधिकारिक रूप से एम्पेनल्ड कर लिया गया है। इसके बाद पात्र CGHS लाभार्थी निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार अस्पताल में कैशलेस इलाज करा सकेंगे।
इसका सीधा फायदा केंद्रीय सरकारी कर्मचारी, पेंशनर्स और अन्य पात्र CGHS लाभार्थियों को मिलेगा। अब उन्हें CGHS के तहत उपलब्ध उपचार के लिए अपने ही क्षेत्र में विशेषज्ञ और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
कुमाऊं में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से अहम कदम
चंदन हॉस्पिटल प्रबंधन के मुताबिक, CGHS एम्पेनल्मेंट के बाद अस्पताल में पात्र लाभार्थियों को विभिन्न स्पेशियलिटी और सुपर स्पेशियलिटी उपचार निर्धारित CGHS नियमों के अनुसार उपलब्ध होंगे।
अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं और 24×7 इमरजेंसी सेवा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।
CGHS लाभार्थियों के लिए इस सुविधा का सबसे अहम पहलू कैशलेस उपचार है। यानी पात्र लाभार्थी CGHS के निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत उपचार का लाभ उठा सकेंगे।
चंदन हॉस्पिटल के CEO डॉ. परवेज अहमद ने कहा कि CGHS एम्पेनल्मेंट अस्पताल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इससे कुमाऊं क्षेत्र के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को अपने क्षेत्र में ही विशेषज्ञ और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं कैशलेस रूप में उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मरीज-केंद्रित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने की अस्पताल की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।
आम आदमी के लिए इसका मतलब क्या है ?
अगर आप CGHS के पात्र लाभार्थी हैं, तो अब हल्द्वानी स्थित चंदन हॉस्पिटल में CGHS के निर्धारित नियमों के तहत उपलब्ध उपचार का लाभ ले सकते हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सेवाएं CGHS के दिशा-निर्देशों और निर्धारित मानकों के अनुरूप दी जाएंगी।
यानी कुमाऊं में रहने वाले पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए विशेषज्ञ इलाज के लिए दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है।
नोट: कैशलेस उपचार की वास्तविक उपलब्धता संबंधित CGHS नियमों, पात्रता, रेफरल/अनुमोदन और अस्पताल में उपलब्ध एम्पेनल्ड सेवाओं पर निर्भर करेगी।
