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उत्तराखंड—  नैनीताल में वन विभाग ने जंगली पशु पक्षियों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए छोटे छोटे नए जलकुंड बनाने के साथ ही पुराने जल कुंडों की सफाई की है। मार्च में ही बढ़ती गर्मी को देखते हुए इन बेजुबानों को ध्यान में रखते हुए ये व्यवस्था की गई है।

नैनीताल से कालाढूंगी मार्ग स्थित बॉटनिकल गार्डन के चारों तरफ घना वन क्षेत्र है। बॉटनिकल गार्डन के वनरक्षक अरविंद कुमार ने बताया की गर्मियों में वन्यजीवों और पक्षियों को भी अधिक प्यास लगती है।

उनकी प्यास बुझाने के लिए विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं तांकि वन्यजीवों और पक्षियों का हलक न सूखे। इसके लिए बॉटनीकल गार्डन और इसके आसपास के घने जंगल में छोटे छोटे जलकुंड बनाकर उसमें पानी भरा जा रहा है।

उन्होंने बताया गर्मियों में हर 2-3 दिनों में जलकुंडों में पानी भरा जाता है, ताकि पक्षियों समेत जंगली जानवरों को पानी मिल सके। यहां कई पक्षी तो गर्मियों में माइग्रेट कर पहुँचते हैं जिस वजह से यह स्थान पक्षी प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए एक पसंदीदा स्थान है।

यहां, स्थानीय चीर फीजेंट, कलिज फीजेंट के अलावा विभिन्न किंगफिशर और ड्रंगो जैसी प्रजातियों के पक्षी भी देखे जा सकते हैं।

ये ठीक उसी तरह किया जा रहा है जैसे कॉर्बेट नैशनल पार्क में वन्यजीवों के लिए वाटर होल बनाए जाते हैं। उन वाटर होलों को समय समय में भरा जाता है।

वाटर होल में कई बार पानी की प्यास बुझाते बाघ, तेंदुआ, हाथी, हिरन आदि की तस्वीर आंखों को सुकून देती है। इतना ही नहीं उस वाटर होल में स्नान और अटखेलियां करते वन्यजीव आकर्षण का केंद्र भी होते हैं। अब उम्मीद करी जा रही है कि पहाड़ों के बढ़ते तापमान में ये जलकुंड वन्यजीवों को प्यास रूपी कष्ट से निजात दिलाएंगे।

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