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कोटद्वार—  भैया मेरे पति को बचा लो। नाम पूछा और गोली मार दी। मानवता शर्मसार। यह शब्द पहलगाम, जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा 26 आम नागरिकों की निर्भय हत्या के बाद पीड़ित परिवारों की व्यथा को दर्शाते हैं।

 

पूर्व सैनिक संघर्ष समिति कोटद्वार द्वारा शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें इस दुखद घटना की घोर निंदा की गई।

 

समिति के सदस्यों ने आतंकवाद की इस घृणित घटना की कड़ी निंदा की और दिवंगत नागरिकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं।

 

इस दुखद घटना की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। आतंकवाद की इस घृणित घटना ने पूरे देश को शोक में डूबो दिया है। समिति ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में और अधिक सख्त कदम उठाए।

 

पूरा देश इस दुखद घटना में दिवंगत नागरिकों के परिजनों के साथ खड़ा है। समिति ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में और अधिक सख्त कदम उठाए, दिवंगत नागरिकों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करे ,

 

देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए काम कर रहे सुरक्षाबलों को और अधिक मजबूत करे,

 

पूर्व सैनिक संघर्ष समिति कोटद्वार ने इस दुखद घटना पर अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं और भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में और अधिक तेजी  लाए ।

 

समिति को उम्मीद है कि सरकार इस मुद्दे पर ध्यान देगी और देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए काम कर रहे सुरक्षाबलों को और अधिक मजबूत करेगी।

See also  सक्रिय पहल से आशा का सृजन:- उत्तराखंड मुक्त विवि में आत्महत्या निवारण पर मनोवैज्ञानिक कार्यशाला,,।

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