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उत्तराखंड—  राज्य के राजस्व संवर्द्धन और निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति में प्रवर्तन इकाइयों द्वारा वसूले गए अर्थदण्ड/जुर्माना की धनराशि का महत्वपूर्ण योगदान सामने आया है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए आयुक्त कर महोदया के निर्देश, अपर आयुक्त राज्य कर के मार्गदर्शन तथा संयुक्त आयुक्त (वि. अनुसंधान/प्रवर्तन) राज्य कर काशीपुर के नेतृत्व में उधम सिंह नगर की तीन प्रमुख सचल दल इकाइयों ने कर अपवंचन में लिप्त ट्रांसपोर्ट कंपनियों और व्यक्तियों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए उल्लेखनीय राजस्व अर्जित किया है।

उधम सिंह नगर की तीन प्रमुख सचल दल इकाईयों में से रुद्रपुर के द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा -130 के तहत करीब सात करोड़ 51 लाख रुपये की वसूली कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है जबकि विभाग का लक्ष्य आठ करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये निर्धारित था, जिसके मुकाबले वसूली लक्ष्य के काफी करीब रही।

उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले इस बार स्पष्ट वृद्धि दर्ज की गई है।

इससे यह साबित होता है कि प्रवर्तन इकाई रुद्रपुर ने अपने करापवंचन विरोधी कार्यों में तेजी लाते हुए राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय सुधार किया है।

किच्छा सचल दल के द्वारा भी अपने प्रवर्तन क्षेत्र अधिकार में भी राज्य कर वसूली के मामले में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला है। यहां करीब तीन करोड़ 95 लाख एक हजार रुपये की वसूली की गई, जो निर्धारित लक्ष्य का 94.30 प्रतिशत है।

इसके अलावा काशीपुर सचल दल इकाई के द्वारा वर्ष के दौरान 537.32 लाख रुपये की धनराशि राजकोष में जमा कराई गई, जो विभागीय प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। रुद्रपुर, काशीपुर एवं किच्छा क्षेत्र राज्य कर संग्रह के लिहाज से जिले में महत्वपूर्ण रहे हैं।

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विभाग की विशेष अनुसंधान इकाई एवं सचल दल की टीमों ने लगातार अभियान चलाकर कर चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया और अर्थदण्ड की वसूली सुनिश्चित की गई। विभिन्न क्षेत्रों में की गई जांच और सख्त कार्रवाई के चलते राजस्व में बढ़ोतरी संभव हो सकी है।

वर्जन:
प्रवर्तन इकाईयों की ओर से नियमित जांच, प्रवर्तन कार्रवाई और परिवहनकर्ताओं को जागरूक करने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आया है। आने वाले समय में 2026-27 हेतु निर्धारित होने वाले लक्ष्य को पूरी तरह हासिल करने के लिए और अधिक सख्ती और रणनीति के साथ कार्य किया जाएगा। कर चोरी पर रोक लगाने के लिए विशेष टीमें लगातार सक्रिय हैं और संदिग्ध संव्यवहार/गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
— श्याम तिरूआ, संयुक्त आयुक्त, राज्य कर विभाग


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