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उत्तराखंड—-  उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में 11 साल पहले सात साल की एक बच्ची ‘नन्हीं परी’ से दुष्कर्म और उसकी हत्या के लिए फांसी की सजा पाने वाले आरोपी के सुप्रीम कोर्ट से बरी कर दिया गया।

अब इस मामले में उत्तराखंड सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नवंबर 2014 में नैनीताल जिले के काठगोदाम में ‘नन्हीं परी’ के साथ हुए इस जघन्य मामले में न्याय विभाग को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने तथा मजबूत पैरवी के साथ सजा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

सीएम पुष्कर सिंह धामी का यह निर्देश पिथौरागढ़ में हुए प्रदर्शनों के बीच आया हैं। इसमें बच्ची के परिजनों समेत अन्य लोगों ने राज्य सरकार पर मामले में ढंग से पैरवी नहीं करने का आरोप लगाया है।

इस मामले में आरोपी के सुप्रीम कोर्ट से दोषमुक्त होने का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियों के साथ दरिंदगी करने वालों को सजा दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पीड़ित परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

सरकार इस मामले को मजबूती से लड़ेगी और इसमें अच्छी से अच्छी कानूनी टीम को लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि में इस तरह के कुकृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

सीएम धामी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए सरकार लगातार प्रदेश में सत्यापन अभियान चला रही है। सरकार देवभूमि की अस्मिता पर कोई चोट नहीं पहुंचने देगी। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार को जरूर न्याय मिलेगा।

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मामला कुछ इस प्रकार था,,,,,,
नन्ही परी के साथ दुराचार का मामला करीब 11 साल पहले आया था। अपने परिवार के साथ काठगोदाम में एक विवाह में शामिल होने आयी पिथौरागढ़ निवासी यह बच्ची 20 नवंबर 2014 को अचानक समारोह से गायब हो गयी थी।

पांच दिन बाद उसका शव गौला नदी के पास से बरामद हुआ था और पोस्टमॉर्टम में बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या की पुष्टि हुई थी।

मामला सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। प्रदेश में जगह-जगह जमकर प्रदर्शन हुए थे। इस मामले में पुलिस ने अख्तर अली समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वर्ष 2016 में विशेष अदालत ने मुख्य आरोपी अली को फांसी की सजा सुनाई थी। इसे 2019 में हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था।


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