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हलद्वानी–उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग में परास्नातक स्तर पर एम॰एससी० (पर्यावरण विज्ञान), एम.ए. (पर्यावरण अध्‍ययन) एवं स्‍नातक स्‍तर पर बी.एससी. में वानिकी विषय का संचालन किया जाता है।

 

 

भौमिकी एवं पर्यावरण विज्ञान के निदेशक प्रोफेसर पी० डी० पंत ने बताया कि मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा पद्धति में पर्यावरण विज्ञान एवं वानिकी जैसे विषयों की गुणवत्ता को बनाए रखने हेतु विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों के लिए विशिष्ट परामर्श सत्रों का आयोजन किया जाता है ताकि शिक्षार्थियों का न केवल सैद्धांतिक ज्ञान वर्धन हो अपितु वह प्रयोगशाला में सैद्धांतिक ज्ञान का समुचित परीक्षण भी कर सकें।

 

इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु इन दिनों विश्वविद्यालय के वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा विश्वविद्यालय स्थित विज्ञान भवन में प्रयोगशाला परामर्श सत्रों का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सैद्धांतिक परामर्श सत्रों के साथ-साथ प्रयोगात्मक एवं क्षेत्रीय अध्ययन परामर्श सत्र भी शामिल है।

 

 

विभाग के कार्यक्रम समन्वयक डा. एच.सी. जोशी ने बताया कि पहले चरण में एम०एससी० (पर्यावरण विज्ञान) के प्रथम सेमेस्टर के शिक्षार्थियों हेतु परामर्श सत्रों का आयोजन दिनांक 25 जनवरी से आरम्भ हो गया है और यह दिनांक 1 फरवरी को प्रयोगात्मक परीक्षा के बाद सम्पन्न होगा।

 

 

इस सत्र में उत्तराखंड समेत हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली आदि राज्यों से लगभग 40 शिक्षार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान शिक्षार्थियों को पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों, संस्थानों एवं औद्योगिक इकाइयों का भ्रमण कराया जाएगा ताकि शिक्षार्थियों को पर्यावरण से संबंधित विभिन्‍न पहलुओं की व्‍यवहारिक जानकारी हो सके।

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इस क्रम में अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम के अन्तर्गत आज दिनांक 31 जनवरी को शिक्षार्थियों हेतु नारायणनगर, नैनीताल स्थित हिमालयन बोटेनिकल गार्डन का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया।

 

 

हिमालयन बोटेनिकल गार्डन में वन क्षेत्राधिकारी श्री प्रमोद तिवारी द्वारा हिमालयन बोटेनिकल गार्डन में स्वागत करते हुए वहां शिक्षार्थियों को एक्स-सिटू कन्‍जर्वेशन की विभिन्न पद्धतियों से अवगत कराया गया।

 

 

इस दौरान बीट अधिकारी श्री अरविंद कुमार, कु. नेहा कापड़ी, संतोष सिंह द्वारा शिक्षार्थियों को विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों, संग्रहालय, कैक्टसगार्डन, बटरफ्लाई पार्क, फर्न्स एवं आर्केडियम आदि का भ्रमण कराते हुए विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

 

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डॉ. बीना तिवारी फुलारा ने बतया कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम पाठ्यक्रम के महत्वपूर्ण अंग हैं और भविष्य में भी इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाएंगे।

 

अन्त में डॉ. प्रीति पंत द्वारा विश्वविद्यालय की ओर से सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस दौरान डॉ. दीप्ति नेगी, डॉ. खष्टी डसीला एवं शिक्षार्थी उपस्थित थे।


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