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कोटद्वार—-  राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी, कोटद्वार में ICSSR प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारम्भ हुआ। 16 एवं 17 सितंबर तक चलने वाली इस संगोष्ठी का विषय *“Sustainable Development and Green Himalayan Growth: Prospects for Atmanirbhar Uttarakhand towards Viksit Bharat @2047”* रहा।

कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक महंत दिलीप सिंह रावत ने सारगर्भित उद्बोधन दिया।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हरीश चंद्रा ने अपने संबोधन में कहा, “सतत विकास के लिए हमारे पास जड़ी-बूटी है, जैविक खेती है, मोटा अनाज – मंडुवा, झंगोरा है। यही हमारी ताकत है। इन्हें ब्रांड बनाकर हम आत्मनिर्भर बन सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय पर्यटन के लिए हमें होटल के कंक्रीट के जंगल नहीं, बल्कि होम-स्टे, ईको-टूरिज्म और कण्वाश्रम जैसे आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना होगा। जल, जंगल और जमीन से हिमालय पूरे देश को पानी देता है। इस पानी से हरित ऊर्जा – सोलर और लघु जल-विद्युत बनाकर हम न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे भारत को आपूर्ति कर सकते हैं।

आयोजन संयोजक डॉ. दिवाकर ने बताया कि संगोष्ठी का उद्देश्य हिमालयी क्षेत्र के सतत विकास, हरित विकास और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के माध्यम से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की संभावनाओं पर मंथन करना है।

दो दिनों तक चलने वाली इस संगोष्ठी में देशभर के शोधार्थियों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों द्वारा शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। प्रथम दिन के सत्र में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शोधार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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