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हल्द्वानी—  तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गांधी द्वारा व्यक्तिगत राजनीतिक हित के लिए 25 जून सन् 1975 में देश में इमरजेंसी लागू कर दी थी।

जिसमें जनसंघियों और अन्य दलों के नेताओं तथा जेलों में ठूंस दिया गया था। उनके नाखून नोंच लिए गये। कई बड़े नेताओं को हादसे का रूप देकर मरवा दिया गयाथा।

उनके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया। तत्कालीन प्रधानमंत्री का वो दमनकारी नीति और हिटलरशाही का वो रूप आज भी लोगों के ज़हन में दर्द के रूप में उभर आता हैं।

आज नगरनिगम हल्द्वानी के सभागार में आपातकाल के इस काले अध्याय को दुखी मन से याद किया गया।और उस दौरान जो देशभक्तों ने इमरजेंसी को झेला और अन्यान्य के खिलाफ आवाज उठाई। ऐसे बुजुर्ग लोकतंत्र के रक्षकों को मंच से सम्मानित किया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड  त्रिवेंद्र सिंह रावत  मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

नैनीताल ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड के सांसद  अजय भट्ट , मेयर  गजराज सिंह बिष्ट, राज्य महिला आयोग उत्तराखंड की सदस्य श्रीमती कंचन कश्यप, नैनीताल जिला अध्यक्ष भाजपा  प्रताप सिंह बिष्ट, महामंत्री  नवीन भट्ट , रंजन बर्गली, दर्ज़ा मंत्री नवीन वर्मा, रेनू अधिकारी, दीपक मेहरा,  दिनेश आर्या, मंडल मुखानी सदस्य एवंं वरिष्ठ कवि  गोविन्द कश्यप “वीरा”  श्रुति तिवारी तथा, वरिष्ठ नेता गण गणमान्यजन भाजपा के सभी मंडलों के अध्यक्ष एवंं कार्यकर्ता आदि भारी संख्या में लोग उपस्थित थे।


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