उत्तराखंड—  कुमाऊं परिक्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने व्यापक स्तर पर फेरबदल करते हुए दरोगा से लेकर कांस्टेबल तक कुल 526 पुलिसकर्मियों के तबादले कर दिए हैं। इस कार्रवाई को महकमे में अनुशासन और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

सख्त रुख में दिखीं आईजी

आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तबादला आदेश के बावजूद पुरानी तैनाती से जुड़े रहने की प्रवृत्ति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित जिला प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सभी स्थानांतरित कर्मियों को निर्धारित समयसीमा में कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं।

तबादलों का पूरा ब्योरा,, जारी सूची में विभिन्न पदों के पुलिसकर्मी शामिल हैं..

दरोगा (SI) – 23

सहायक उपनिरीक्षक (ASI) – 9

हेड कांस्टेबल – 92

कांस्टेबल – 357

अन्य – 33 सीएपी, 6 सीएमटी और 6 एम स्टाफ

इस व्यापक फेरबदल से लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मियों का रोटेशन सुनिश्चित किया गया है, साथ ही कई जिलों में स्टाफ की कमी को दूर करने की कोशिश की गई है।

जिलों को सख्त निर्देश

आईजी ने अल्मोड़ा, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर के एसएसपी और पिथौरागढ़, बागेश्वर व चंपावत के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि सभी कर्मियों को शुक्रवार तक कार्यमुक्त कर इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए।

प्रमुख तबादले (किसे कहां भेजा गया)

अल्मोड़ा से ऊधम सिंह नगर – राजेंद्र कुमार, दिनेश नाथ, अवनीश कुमार, संजय जोशी, अजेंद्र प्रसाद, मीना आर्या

चंपावत से ऊधम सिंह नगर – निर्मल सिंह लटवाल, दिलवर सिंह, देवेंद्र सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह कोरंगा, कैलाश चंद्र, जितेंद्र बिष्ट

चंपावत से नैनीताल – लक्ष्मण सिंह जगवाण, भुवन चंद्र आर्य, देवनाथ

पिथौरागढ़ से ऊधम सिंह नगर – अंबी राम, मनोज पांडेय, मदन सिंह बिष्ट

पिथौरागढ़ से नैनीताल – बसंत बल्लभ पंत, प्रदीप कुमार

बागेश्वर से नैनीताल – मनवर सिंह, प्रताप सिंह नगरकोटी, विवेक

इस बड़े पैमाने पर हुए तबादलों को कुमाऊं रेंज में पुलिसिंग को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां जिलों में स्टाफ की कमी पूरी होगी, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से जमे कर्मियों के स्थानांतरण से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।

स्पष्ट है कि आईजी स्तर पर यह कदम महज रूटीन प्रक्रिया नहीं, बल्कि पुलिस महकमे में अनुशासन और दक्षता को नई दिशा देने की ठोस पहल है।

कुमाऊं परिक्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने व्यापक स्तर पर फेरबदल करते हुए दरोगा से लेकर कांस्टेबल तक कुल 526 पुलिसकर्मियों के तबादले कर दिए हैं। इस कार्रवाई को महकमे में अनुशासन और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

सख्त रुख में दिखीं आईजी

आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तबादला आदेश के बावजूद पुरानी तैनाती से जुड़े रहने की प्रवृत्ति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित जिला प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सभी स्थानांतरित कर्मियों को निर्धारित समयसीमा में कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं।

तबादलों का पूरा ब्योरा,, जारी सूची में विभिन्न पदों के पुलिसकर्मी शामिल हैं..

दरोगा (SI) – 23

सहायक उपनिरीक्षक (ASI) – 9

हेड कांस्टेबल – 92

कांस्टेबल – 357

अन्य – 33 सीएपी, 6 सीएमटी और 6 एम स्टाफ

इस व्यापक फेरबदल से लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मियों का रोटेशन सुनिश्चित किया गया है, साथ ही कई जिलों में स्टाफ की कमी को दूर करने की कोशिश की गई है।

जिलों को सख्त निर्देश

आईजी ने अल्मोड़ा, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर के एसएसपी और पिथौरागढ़, बागेश्वर व चंपावत के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि सभी कर्मियों को शुक्रवार तक कार्यमुक्त कर इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए।

प्रमुख तबादले (किसे कहां भेजा गया)

अल्मोड़ा से ऊधम सिंह नगर – राजेंद्र कुमार, दिनेश नाथ, अवनीश कुमार, संजय जोशी, अजेंद्र प्रसाद, मीना आर्या

चंपावत से ऊधम सिंह नगर – निर्मल सिंह लटवाल, दिलवर सिंह, देवेंद्र सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह कोरंगा, कैलाश चंद्र, जितेंद्र बिष्ट

चंपावत से नैनीताल – लक्ष्मण सिंह जगवाण, भुवन चंद्र आर्य, देवनाथ

पिथौरागढ़ से ऊधम सिंह नगर – अंबी राम, मनोज पांडेय, मदन सिंह बिष्ट

पिथौरागढ़ से नैनीताल – बसंत बल्लभ पंत, प्रदीप कुमार

बागेश्वर से नैनीताल – मनवर सिंह, प्रताप सिंह नगरकोटी, विवेक

इस बड़े पैमाने पर हुए तबादलों को कुमाऊं रेंज में पुलिसिंग को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां जिलों में स्टाफ की कमी पूरी होगी, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से जमे कर्मियों के स्थानांतरण से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।

स्पष्ट है कि आईजी स्तर पर यह कदम महज रूटीन प्रक्रिया नहीं, बल्कि पुलिस महकमे में अनुशासन और दक्षता को नई दिशा देने की ठोस पहल है।

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