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हल्द्वानी—   उत्तराखंड की राजनीति में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाली वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्वर्गीय इंदिरा हृदयेश की पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा भावनाओं, स्मृतियों और सम्मान का विराट संगम बन गई।

कार्यक्रम में कांग्रेस, भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और हजारों क्षेत्रवासियों ने पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

नैनीताल रोड स्थित सौरभ होटल के लॉन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा का शुभारंभ शांति पाठ के साथ हुआ। उपस्थित जनसमूह ने स्व. इंदिरा हृदयेश के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने उन्हें एक प्रखर वक्ता, कुशल रणनीतिकार, जननेता और जनता के सुख-दुख में साथ खड़ी रहने वाली संवेदनशील राजनीतिज्ञ बताया।

इस अवसर पर उनके पुत्र एवं हल्द्वानी विधायक सुमित हृदेश भावुक नजर आए। उन्होंने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्व. इंदिरा हृदयेश उनके लिए केवल मां नहीं थीं, बल्कि उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक गुरु भी थीं।

उन्होंने कहा, मां ने मुझे जनसेवा, संघर्ष और जनता के प्रति समर्पण का जो मार्ग दिखाया, उसी पर चलना मेरे जीवन का उद्देश्य है। उनके द्वारा शहर और प्रदेश के विकास के लिए किए गए कार्य आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। उनकी कमी आज भी मुझे ही नहीं, पूरे शहर को खलती है।”

सुमित हृदयेश ने कहा कि यदि उनके आदर्शों और कार्यशैली का अनुसरण किया जाए तो क्षेत्र और प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है। उन्होंने अपनी माता के दिखाए मार्ग पर निरंतर चलते रहने का संकल्प भी दोहराया।

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श्रद्धांजलि सभा में सांसद अजय भट्ट विधायक तिलक राज बेहड़, विधायक बंशीधर भगत पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश दुर्ग पाल महापौर गजराज बिष्ट सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया और स्व. इंदिरा हृदयेश के राजनीतिक एवं सामाजिक योगदान को याद किया।

सभा में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि स्व. इंदिरा हृदयेश ने जीवनभर जनता की आवाज को बुलंद किया और उत्तराखंड की राजनीति को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके संघर्ष, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कांग्रेस कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि स्व. इंदिरा हृदयेश आज भी लोगों के दिलों में उसी सम्मान और आत्मीयता के साथ जीवित हैं, जिसके लिए उन्हें उत्तराखंड की राजनीति में सदैव याद किया जाएगा।

राजनीति में व्यक्तित्व बहुत आते हैं, लेकिन कुछ नाम इतिहास बन जाते हैं। स्व. इंदिरा हृदयेश ऐसा ही एक नाम हैं, जिनकी विरासत आज भी जनसेवा और संघर्ष की मिसाल बनी हुई है।


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