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उत्तराखंड—  उत्तराखण्ड के बागेश्वर जिले में हिमालय के दुर्गम ट्रेल्स पास(5,312मी.)अभियान के दौरान 19 सदस्यीय पर्वतारोहण दल एक्सपीडिशन पर था।

दल दहशत में तब आ गया जब ऊपर खड़े लोगों ने नीचे खड़े लोगों के उपास से एविलंच आते देखा। हिमालयी पहाड़ियों से बर्फ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर तेज गति से नीचे गिरता दिखा।

इस दल ने इससे 10 दिन पहले तक बर्फीले तूफान, गहरी हिम दरारों और भारी बर्फबारी का सामना करते हुए ट्रेल्स पास फतह की थी।

अभियान लीडर दिनेश सिंह दानू ने बताया कि एक ‘पास’ से उतरते वक्त मौसम साफ था, लेकिन धूप बढ़ने के साथ बर्फ पिघलने लगी। इससे हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया। अंतिम खड़ी ढलान पार करने के दौरान नीचे मौजूद सपोर्ट टीम ने अचानक एवलांच की चेतावनी दी।

इसके बाद सभी सदस्य तेजी से सुरक्षित स्थान की ओर भागे। देखते ही देखते हिमस्खलन एक्सपीडिशन दल के बिल्कुल बगल से गुजर गया जैसे मौत छूकर निकल गई हो।

दानू ने बताया कि अगर पांच सेकेंड की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि टीम की सतर्कता और त्वरित निर्णय से सभी सदस्य सुरक्षित बच निकले और नंदा देवी ईस्ट बेस कैंप होते हुए सुरक्षित मुनस्यारी लौट आए।


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