Category: देहरादून

  • 20 मई को बंद रहेंगी दवा की दुकानें,,,, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन,,,

    20 मई को बंद रहेंगी दवा की दुकानें,,,, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन,,,

    कोटद्वार—   अवैध ई-फार्मेसी संचालन और बड़े कॉरपोरेट्स की ओर से अनुचित मूल्य निर्धारण समेत कई प्रमुख मांगों के विरोध में देशभर के 12.40 लाख से अधिक केमिस्ट और वितरक 20 मई को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद करेंगे।

    उत्तरांचल औषधी व्यवसायी महासंघ से संबद्ध कोटद्वार केमिस्ट एसोसिएशन ने मांगाें को लेकर शनिवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

    ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने इन मुद्दों को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।

    ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र और राज्य स्तर पर बार-बार निवेदन के बावजूद औषधि व्यापार और जन स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले गंभीर मुद्दे अनसुलझे पड़े हैं।

    इससे देशभर के 12.40 लाख से अधिक केमिस्ट और उनके करीब पांच करोड़ आश्रितों की आजीविका पर संकट आ गया है। अवैध ई-फार्मेसियों के अनियंत्रित विस्तार से दवा कानूनों और रोगी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो रहा है।

    इसमें बिना वैध पर्चे के दवाओं की बिक्री, पर्चों का दुरुपयोग और एंटीबायोटिक्स की आसान उपलब्धता शामिल है। फार्मासिस्ट और रोगी के बीच सीधा संवाद न होने से नकली दवाओं और अनुचित भंडारण का जोखिम भी बढ़ रहा है।

    अवैध ई-फार्मेसी से जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा है। ये बिना चिकित्सकीय पर्चे के दवाएं बेचते हैं और पर्चों का बार-बार दुरुपयोग करते हैं।

    ज्ञापन सौंपने वालों में कोटद्वार केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक अग्रवाल, महासचिव विजयपाल सिंह नेगी, पाणिनी बौंठियाल, दिनेश रस्तोगी, अनिल डबराल, रोशन काला, मनोज अग्रवाल व परमानंद गौड़ आदि शामिल रहे।

  • हल्द्वानी की बेटी– CBSE टॉपर अरीना रघुवंशी को सीएम धामी ने दी बधाई,,,,

    हल्द्वानी की बेटी– CBSE टॉपर अरीना रघुवंशी को सीएम धामी ने दी बधाई,,,,

    देहरादून/हल्द्वानी—  सीबीएसई 12वीं परीक्षा में उत्तराखंड में प्रथम स्थान हासिल करने वाली हल्द्वानी की छात्रा अरीना रघुवंशी से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को दूरभाष पर बातचीत कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने अरीना से उनके भविष्य के लक्ष्य के बारे में पूछा। इस पर अरीना ने कहा कि वह आगे चलकर यूएन और यूनेस्को में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं। अरीना के इस बड़े सपने और आत्मविश्वास की मुख्यमंत्री ने सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अरीना रघुवंशी की सफलता पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अरीना की मेहनत, अनुशासन और लगन का परिणाम है। उनकी सफलता प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगी।

    सीबीएसई की 12वीं परीक्षा में राज्य में शीर्ष स्थान पाने वाली डीपीएस की एरीना रघुवंशी ने 98.8 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। वह अधिवक्ता बनना चाहती हैं। पिता अर्पण भटनागर खुद की कंपनी चलाते हैं जबकि मां स्वाति भी बिजनेस वुमैन हैं। उन्होंने बताया कि उनको अंग्रेजी में 99, इतिहास में 99, राजनीति शास्त्र में 97 मनोविज्ञान में 100 और पेटिंग में 99 अंक मिले।

  • उत्तराखंड— कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60% हुआ,,,,

    उत्तराखंड— कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60% हुआ,,,,

    देहरादून—   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ा राहतभरा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की तर्ज पर 1 जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।

    अब राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को 58 प्रतिशत की जगह 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा।

    सरकार के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों और पेंशनरों को सीधे तौर पर आर्थिक राहत मिलेगी। लंबे समय से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य में विभिन्न विकास योजनाओं और आवास निर्माण कार्यों के लिए करीब 50 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की है।

    इन योजनाओं के तहत जनपद चम्पावत के कोतवाली पंचेश्वर में टाइप-द्वितीय के 6 आवास और चाहरदीवारी निर्माण के लिए 3.13 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं जनपद नैनीताल के हल्द्वानी फायर स्टेशन में टाइप-द्वितीय के 64, टाइप-तृतीय के 8 और टाइप-चतुर्थ के 4 आवासों के निर्माण हेतु 36.64 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

    इसके अलावा चम्पावत के थाना रीठासाहिब में टाइप-द्वितीय के 6 और टाइप-तृतीय के 1 आवास के निर्माण के लिए 3.47 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

    सरकार के इन फैसलों को कर्मचारियों के हित और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

  • उत्तराखंड : देर रात आये भूकंप के झटके,,,  मची हलचल..

    उत्तराखंड : देर रात आये भूकंप के झटके,,, मची हलचल..

    देहरादून—  उत्तराखंड एक बार फिर धरती डोली लेकिन राहत की बात है कोई नुकसान नहीं हुआ है। उत्तरकाशी में शुक्रवार देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे जिला मुख्यालय क्षेत्र में कुछ देर के लिए हलचल मच गई।

    रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 2.4 दर्ज की गई। राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है।

    जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार भूकंप रात 10:40:40 बजे आया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र तहसील भटवाड़ी के गणेशपुर क्षेत्र के जंगलों में स्थित था। इसकी गहराई पृथ्वी की सतह से लगभग 5 किलोमीटर दर्ज की गई।

    प्रशासन के अनुसार झटके मुख्य रूप से जिला मुख्यालय क्षेत्र में महसूस किए गए, जबकि अन्य तहसीलों से ऐसी कोई सूचना नहीं मिली। भूकंप के तुरंत बाद प्रशासन ने सभी तहसीलों, पुलिस वायरलेस और राजस्व उप निरीक्षकों के माध्यम से स्थिति की जानकारी जुटाई। समीक्षा के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कहीं से भी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

    जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

  • सीबीएसई— 12th Result 2026 (OUT) – नतीजे ऐसे करें चेक ,,,, टॉपर्स का आंकड़ा…,,

    सीबीएसई— 12th Result 2026 (OUT) – नतीजे ऐसे करें चेक ,,,, टॉपर्स का आंकड़ा…,,

    दिल्ली—-  CBSE Board 12th Result 2026 OUT Live Updates: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं का रिजल्ट जारी हो चुका है. 13 मई को रिजल्ट जारी किया गया है, पिछले साल भी इसी दिन रिजल्ट आया था.

    करीब 18.5 लाख से ज्यादा छात्र अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे.

    रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जारी किया गया है.

    छात्र डिजीलॉकर (Digilocker) या फिर UMANG ऐप पर भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं.

    रिजल्ट जारी होने के बाद डिजीलॉकर की वेबसाइट और उमंग ऐप पर CBSE 12वीं के रिजल्ट वाला लिंक दिखने लगा है, जहां छात्र रिजल्ट देख सकते हैं।

    इस साल 17 फरवरी से बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हुई थीं, जो 10 अप्रैल तक चलीं. कॉपी चेक करने के लिए बोर्ड ने पहली बार ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम का इस्तेमाल किया, जिसमें लैपटॉप या फिर टैब से कॉपी चेक हुईं.

    ऐसे में रिजल्ट जल्दी जारी होने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पिछले साल की तरह 13 मई को ही रिजल्ट आया है।

    CBSE 12वीं का रिजल्ट ऐसे करें चेक

    रिजल्ट देखने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं
    यहां CBSE 12th Result 2026 लिंक पर क्लिक करें
    इसके बाद रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करें,

    सबमिट करते ही स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा
    इसे यहां से डाउनलोड कर लें और प्रिंट भी ले लें

    Digilocker पर रिजल्ट चेक करने का तरीका

    Digilocker पर रिजल्ट देखने के लिए DigiLocker App डाउनलोड करें या वेबसाइट digilocker.gov.in पर जाएं
    अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या आधार नंबर (Aadhaar Number) का इस्तेमाल कर ओटीपी के साथ लॉग-इन करें
    होम पेज पर ‘Education’ सेक्शन में जाएं और Central Board of Secondary Education (CBSE) पर क्लिक करें
    यहां दिख रहे Class XII Marksheet वाले लिंक पर क्लिक करें
    अपना रोल नंबर (Roll Number), स्कूल कोड और एडमिट कार्ड आईडी डालें
    ‘Get Document’ पर क्लिक करते ही आपकी मार्कशीट डाउनलोड हो जाएगी

    CBSE Class 12th की टॉपर्स की लिस्ट नहीं होगी जारी

    सीबीएसई की तरफ से इस बार भी टॉपर्स की लिस्ट जारी नहीं की जाएगी. बोर्ड सिर्फ रीजन वाइज रिजल्ट जारी करता है और ये नहीं बताता है कि किन छात्रों ने टॉप किया है. स्कूलों की तरफ से टॉपर्स की लिस्ट सामने आती है. इस बार भी 100 फीसदी अंक लाने वाले छात्रों की संख्या ज्यादा हो सकती है।

    केंद्रीय विद्यालय और नवोदय ने फिर मारी बाजी

    सीबीएसई 10वीं रिजल्ट की तरह 12वीं में भी केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों ने शानदार प्रदर्शन किया है. केंद्रीय विद्यालय (KV) 98.55% पास प्रतिशत के साथ टॉप पर है, जबकि जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) 98.47% के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद है. सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन भी काफी बेहतर रहा है और यहां 89.55% छात्र सफल हुए हैं।

  • वसूली- नप गए दरोगा जी- सस्पेंड,,, जांच के घेरे में पूरा नेटवर्क,,,,

    वसूली- नप गए दरोगा जी- सस्पेंड,,, जांच के घेरे में पूरा नेटवर्क,,,,

    उत्तराखंड—  देहरादून में RTO के सब-इंस्पेक्टर शशिकांत तेंगोवाल को अवैध वसूली के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया। जानिए पूरा मामला।

    उत्तराखंड – राजधानी देहरादून में परिवहन विभाग के एक सब-इंस्पेक्टर पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगने के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने सब-इंस्पेक्टर शशिकांत तेंगोवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

    मामले के सामने आने के बाद परिवहन विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए अपर परिवहन आयुक्त ने निलंबन आदेश जारी किए हैं।

    हर्रावाला में हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा

    जानकारी के अनुसार सोमवार को सब-इंस्पेक्टर हर्रावाला क्षेत्र में पहुंचे थे। इसी दौरान स्थानीय ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और लोगों ने उन पर अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया।

    स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि लोगों ने उन्हें एक दुकान के अंदर रोक लिया। करीब दो घंटे तक मौके पर हंगामा चलता रहा और बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    ट्रांसपोर्टरों ने खोली कथित ‘रेट कार्ड’ की पोल

    ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से चेकिंग के नाम पर वसूली का खेल चल रहा था। आरोपों के अनुसार अलग-अलग वाहनों के लिए कथित रकम तय थी।

    कथित वसूली रेट –

    छोटे कमर्शियल वाहन — ₹2,000

    6 टायर वाहन — ₹8,000

    8 टायर वाहन — ₹10,000

    12 टायर वाहन — ₹12,000 तक

    इन आरोपों के सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शासन स्तर पर मामले का संज्ञान लिया गया। परिवहन सचिव के निर्देश पर जांच शुरू की गई और शुरुआती जांच के बाद सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया।

    अब विभाग यह भी जांच कर रहा है कि इस कथित वसूली नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

    उठ रहे हैं कई बड़े सवाल

    क्या कई सालों से चल रही कथित वसूली की जानकारी अधिकारियों को नहीं थी?

    क्या जांच की आंच विभाग के अन्य कर्मचारियों तक भी पहुंचेगी?

    क्या परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार पर अब सख्ती देखने को मिलेगी?

    सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया

    घटना के बाद सोशल media पर लोगों ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कई यूजर्स ने सड़क चेकिंग के दौरान होने वाली कथित उगाही के अनुभव भी साझा किए।

  • धामी कैबिनेट के बड़े फैसले,,,, सीएम ने आधी की फ्लीट,,, अब ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ‘नो व्हीकल डे’..।

    धामी कैबिनेट के बड़े फैसले,,,, सीएम ने आधी की फ्लीट,,, अब ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ‘नो व्हीकल डे’..।

    देहरादून—  बढ़ती ईंधन चुनौती के बीच उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम, आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में ऊर्जा बचत, ईंधन खपत में कमी और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।

    सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में सरकारी कामकाज से लेकर आम लोगों की जीवनशैली तक में बदलाव देखने को मिल सकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण पूरी दुनिया में ईंधन, खाद्य पदार्थों और उर्वरकों की आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। इसका असर भारत पर भी पड़ा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुरूप राज्य में कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक कदम लागू किए जा रहे हैं।

    अब सरकारी बैठकों में बढ़ेगा ‘वर्क फ्रॉम होम’

    सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा। निजी संस्थानों को भी वर्क फ्रॉम होम अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि ईंधन की बचत हो सके और ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके।

    सप्ताह में एक दिन होगा ‘No Vehicle Day’

    राज्य सरकार ने सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” लागू करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या भी आधी की जाएगी। आम जनता को भी सप्ताह में एक दिन निजी वाहन का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

    एक अधिकारी, एक वाहन’ नीति लागू

    जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, वे एक दिन में अधिकतम एक ही सरकारी वाहन का उपयोग करेंगे। साथ ही सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

    उत्तराखंड में जल्द आएगी नई EV Policy

    सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई EV नीति लाने का ऐलान किया है। नए सरकारी वाहनों में 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन अनिवार्य होंगे। साथ ही चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क का विस्तार मिशन मोड में किया जाएगा।

    AC उपयोग सीमित, PNG और Solar Energy पर फोकस

    सरकारी और निजी भवनों में AC के सीमित उपयोग की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी भवनों में PNG गैस के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही PM Surya Ghar Yojana के तहत रूफटॉप सोलर को तेजी से बढ़ाया जाएगा।

    सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित करने के साथ “Visit My State” अभियान शुरू किया जाएगा। धार्मिक, ग्रामीण, वेलनेस और इको-टूरिज्म को प्रमोट किया जाएगा। राज्य में Destination Wedding को बढ़ावा देने के लिए Single Window Clearance की व्यवस्था भी लागू होगी।

    सरकार प्राकृतिक खेती, Zero Budget Farming और Bio-inputs को बढ़ावा देगी। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल के उपयोग की समीक्षा होगी। होटल और ढाबों को Low-Oil Menu अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

    राज्य सरकार “Made in State” और “Make in India” को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाएगी। स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर विशेष जोर रहेगा।

  • उत्तराखंड में 30 पीजी चिकित्सकों की तैनाती का विवाद गहराया,,,,  RTI में UMC का खुलासा — बिना पंजीकरण चिकित्सक कार्य नहीं ,,,

    उत्तराखंड में 30 पीजी चिकित्सकों की तैनाती का विवाद गहराया,,,, RTI में UMC का खुलासा — बिना पंजीकरण चिकित्सक कार्य नहीं ,,,

    देहरादून—   उत्तराखंड में 30 पीजी चिकित्सकों की तैनाती को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों में Uttarakhand Medical Council (UMC) ने स्पष्ट किया है कि Uttarakhand Medical Council Rules, 2004 के अनुसार बिना UMC पंजीकरण बिना कोई भी चिकित्सक राज्य में चिकित्सकीय कार्य नहीं कर सकता।

    प्राप्त अभिलेखों के अनुसार, आरटीआई कार्यकर्ता चंद्र शेखर जोशी, निवासी भीमताल (नैनीताल) द्वारा मांगी गई सूचनाओं में यह तथ्य सामने आया कि DG Health Uttarakhand के पत्रांक 2980 दिनांक 30 जनवरी 2026 की संस्तुति के आधार पर शासन ने आदेश संख्या 379892 दिनांक 17 मार्च 2026 जारी कर 30 पीजी चिकित्सकों की तैनाती की थी।

    RTI में सामने आया “अनुत्तीर्ण” मामला
    शिकायत के अनुसार, DG Health कार्यालय द्वारा पत्रांक 9217 दिनांक 16 अप्रैल 2026 के माध्यम से उपलब्ध कराई गई सूचनाओं एवं अभिलेखों के अध्ययन में यह सामने आया कि 30 में से 16 चिकित्सकों के PG Registration संबंधी मामलों में “अनुत्तीर्ण” अथवा अपूर्ण स्थिति दर्शाई गई थी।

    दस्तावेजों में कई चिकित्सकों के आवेदन परीक्षणाधीन, लंबित अथवा प्रक्रिया में बताए गए हैं। इसके बावजूद उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में सरकारी अस्पतालों में तैनाती दिए जाने पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    UMC ने नियम स्पष्ट किए
    आरटीआई में उपलब्ध कराए गए UMC के उत्तर में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि Uttarakhand Medical Council Rules, 2004 के तहत राज्य में चिकित्सा सेवा देने के लिए संबंधित चिकित्सक का UMC में पंजीकरण अनिवार्य है। परिषद ने यह भी कहा कि बिना पंजीकरण कोई भी चिकित्सक चिकित्सकीय कार्य नहीं कर सकता।

    दस्तावेजों में यह भी उल्लेखित है कि विशेषज्ञ (PG) चिकित्सक के रूप में कार्य करने के लिए संबंधित विशेषज्ञता का पंजीकरण आवश्यक माना गया है। ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया की वैधता और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

    शासन और विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
    शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब UMC नियम स्पष्ट रूप से पंजीकरण को अनिवार्य बताते हैं, तब “अनुत्तीर्ण” अथवा अपूर्ण स्थिति वाले चिकित्सकों की तैनाती कैसे की गई।

    आरटीआई में उपलब्ध फाइल नोटिंग और पत्राचार से यह भी संकेत मिलता है कि कई मामलों में नियुक्ति के बाद अभिलेखों एवं पंजीकरण की प्रक्रिया जारी रही। इससे विभागीय पारदर्शिता और नियुक्ति प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।

    उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
    शिकायतकर्ता ने सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही यदि नियमों की अनदेखी कर तैनाती आदेश जारी किए गए हों तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई गई है।

    मुख्य मांगों में शामिल हैं–
    1-30 चिकित्सकों के UMC पंजीकरण की जांच
    2-“अनुत्तीर्ण” अथवा अपूर्ण मामलों की समीक्षा
    3-नियुक्ति आदेशों की वैधता की जांच
    4- संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करना
    5- भविष्य में बिना UMC पंजीकरण किसी भी चिकित्सक की तैनाती पर रोक लगाना।

    मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार विभागीय स्तर पर फाइलों और नियुक्ति अभिलेखों की पुनः जांच की जा रही है।

  • Weather Update :- उत्तराखंड में फिर बारिश का अनुमान ,,,,अगले दो दिन रहें सावधान ..

    Weather Update :- उत्तराखंड में फिर बारिश का अनुमान ,,,,अगले दो दिन रहें सावधान ..

    देहरादून—  उत्तराखंड में आज मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य के सभी जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन हो सकता है,

    जबकि 4500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार हैं। मैदानी जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने राज्य के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

    विभाग के अनुसार पर्वतीय जनपदों में आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। खासतौर पर चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    चारधाम यात्रियों के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने 12 और 13 मई को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। इसको देखते हुए गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने यात्रियों से मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी को स्थानीय दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

    राजधानी देहरादून में आज आंशिक बादल छाए रहने और कुछ क्षेत्रों में गर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

    मौसम विभाग के अनुसार 12 और 13 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कई स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। वहीं 14 मई को भी पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम खराब बना रह सकता है, जबकि मैदानी इलाकों में हल्की बूंदाबांदी और गर्जन देखने को मिल सकता है।

  • उत्तराखंड में विकास का मेगा पैकेज :- ₹1096 करोड़ की विकास योजनाओं को मंजूरी..

    उत्तराखंड में विकास का मेगा पैकेज :- ₹1096 करोड़ की विकास योजनाओं को मंजूरी..

    देहरादून—   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार को विकास कार्यों की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए कुल ₹1096 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी दी।

    यह फैसला सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के गांवों, शहरों, पर्यटन स्थलों, शिक्षा व्यवस्था और आगामी महाकुंभ 2027 की तैयारियों को नई गति देने वाला माना जा रहा है।

    सरकार की इस वित्तीय स्वीकृति में ग्रामीण संपर्क मार्गों से लेकर आधुनिक शहरी सुविधाओं तक, पंचायतों से लेकर शिक्षा विभाग तक और हरिद्वार महाकुंभ से लेकर पर्यटन क्षेत्र मुक्तेश्वर तक विकास की व्यापक तस्वीर दिखाई देती है।

    कालाढूंगी को बड़ी सौगात, गुरुणी नाले पर बनेगा पुल नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में कोटाबाग के पतलिया स्थित गुरुणी नाले पर पुल निर्माण के लिए ₹9.43 करोड़ की मंजूरी दी गई है।

    बरसात के दौरान उफनते नाले की वजह से वर्षों से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पुल बनने के बाद क्षेत्र की आवाजाही सुरक्षित और सुगम हो सकेगी। मुक्तेश्वर में पार्किंग संकट होगा खत्म रामगढ़ विकासखंड के मोहन बाजार मुक्तेश्वर में आधुनिक कार पार्किंग निर्माण के लिए ₹9.89 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसमें पहली किश्त के रूप में ₹3.95 करोड़ तत्काल जारी किए जाएंगे।

    पर्यटन सीजन में मुक्तेश्वर में वाहनों की भारी भीड़ लगती है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को परेशानी होती है। नई पार्किंग परियोजना से पर्यटन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। शहरी निकायों को ₹331 करोड़ से ज्यादा की राहत छठे राज्य वित्त आयोग के तहत प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए ₹328.27 करोड़ जारी किए गए हैं।

    वहीं तीन गैर-निर्वाचित निकायों के लिए अलग से ₹3 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है। कुल मिलाकर शहरी विकास के लिए ₹331.27 करोड़ की बड़ी राशि अवमुक्त की जाएगी, जिससे सफाई, सड़क, जल निकासी और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। “शहरों को मिलेगा विकास का नया इंजन” गांवों के विकास को मिला बड़ा बजट पंचायती राज संस्थाओं के लिए भी सरकार ने बड़ा वित्तीय पैकेज जारी किया है।

    जिला पंचायतों को ₹82.20 करोड़ क्षेत्र पंचायतों को ₹75.46 करोड़ ग्राम पंचायतों को ₹194.61 करोड़ तीनों स्तरों को मिलाकर कुल ₹352.27 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इससे गांवों में सड़क, पानी, सफाई और स्थानीय विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलने की संभावना है।

    शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन के लिए बड़ा प्रावधान सरकार ने सहायता प्राप्त गैर-सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन के लिए ₹160 करोड़ का प्रावधान किया है। पहली किश्त के रूप में ₹80 करोड़ जारी किए जाएंगे। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत अप्रैल से सितंबर 2026 तक के लिए ₹300 करोड़ जारी करने का निर्णय लिया गया है।

    लंबे समय से वेतन में देरी की शिकायत झेल रहे शिक्षकों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है। महाकुंभ 2027 की तैयारियां तेज, हरिद्वार का होगा कायाकल्प Kumbh Mela 2027 को देखते हुए हरिद्वार में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

    प्रमुख चौकों और आंतरिक मार्गों के नवीनीकरण के लिए ₹6.44 करोड़ जंक्शन सुधार और सौंदर्यीकरण के लिए ₹6.83 करोड़ आधुनिक रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीद के लिए ₹5.95 करोड़ सरकार का लक्ष्य है कि करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन से पहले हरिद्वार को स्वच्छ, व्यवस्थित और आकर्षक बनाया जाए।