Category: देहरादून

  • उत्तराखंड में वक्फ सम्पत्तियों पर बड़ा एक्शन तय,,,,, उम्मीद,, पर नहीं हजारों प्रॉपर्टीज़,,,,,।

    उत्तराखंड में वक्फ सम्पत्तियों पर बड़ा एक्शन तय,,,,, उम्मीद,, पर नहीं हजारों प्रॉपर्टीज़,,,,,।

    उत्तराखंड—-  देवभूमि उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों को लेकर अब बड़ा प्रशासनिक और कानूनी एक्शन शुरू होने जा रहा है। राज्य में दर्ज 7 हजार से अधिक वक्फ संपत्तियों में से 4,632 संपत्तियों का ब्यौरा अब तक केंद्र सरकार के ‘उम्मीद पोर्टल’ पर अपलोड नहीं किया गया है।

    इसे महज लापरवाही नहीं बल्कि संदिग्ध मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार को आशंका है कि कई संपत्तियां सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के बाद वक्फ बोर्ड में दर्ज कराई गई हो सकती हैं। इसी को लेकर अब धामी सरकार ने भूमि रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी है।

    सरकार_की_सख्ती_अब_दस्तावेज_दिखाने_होंगे

    केंद्र सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाने के लिए ‘उम्मीद पोर्टल’ लागू किया गया था, जिसमें सभी मुतवल्लियों और कब्जेदारों को अपनी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने थे।

    इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए गए और समयसीमा बढ़ाकर फरवरी 2026 तक कर दी गई, लेकिन उत्तराखंड में बड़ी संख्या में संपत्तियां अब भी पोर्टल पर दर्ज नहीं हुईं। राज्य में कुल 7,288 संपत्तियां सूचीबद्ध हैं, जिनमें औकाफ संपत्तियों के साथ मस्जिद, मदरसे, कब्रिस्तान, ईदगाह, मजार और इमामबाड़े शामिल हैं। लेकिन अब तक केवल सीमित संपत्तियां ही सत्यापित होकर पोर्टल पर दर्ज हो पाई हैं।

    जमीनों_के_दस्तावेज_न_होने_की_आशंका

    सरकारी सूत्रों और जानकारों का मानना है कि बड़ी संख्या में लोग इसलिए जानकारी देने से बच रहे हैं क्योंकि कई संपत्तियों के पास जमीन के पुख्ता दस्तावेज नहीं हैं। अब जब सरकार असली भूमि रिकॉर्ड और वैध दस्तावेज मांग रही है, तो कई कब्जेदार चुप्पी साधे हुए हैं।

    5_जून_के_बाद_सीधी_कार्रवाई_की_चेतावनी

    अल्पसंख्यक मामलों के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने स्पष्ट कहा है कि 5 जून तक जो संपत्तियां पोर्टल पर दर्ज नहीं होंगी, उन्हें अवैध कब्जा मानते हुए सरकार अपने अधीन लेने की कार्रवाई करेगी।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी दो टूक कहा है कि सरकार ने पर्याप्त समय और अवसर दिया है। इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    अब उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों को लेकर शुरू हुई यह पड़ताल आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासों और प्रशासनिक फैसलों का कारण बन सकती है।

  • दर्दनाक सड़क हादसा – कोल्ड ड्रिंक से भरा ट्रक गहरी खाई में गिरा, चालक की मौत,,,,।

    दर्दनाक सड़क हादसा – कोल्ड ड्रिंक से भरा ट्रक गहरी खाई में गिरा, चालक की मौत,,,,।

    उत्तराखंड—– बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में कोल्ड ड्रिंक और राशन से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।

    हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है।

    खबर मसूरी से है। यहां से प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रक देहरादून से उत्तरकाशी की ओर जा रहा था। इसी दौरान मसूरी क्षेत्र में अचानक वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सीधे गहरी खाई में जा गिरा।

    हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन खाई अत्यधिक गहरी और जोखिम भरी होने के कारण SDRF की सहायता ली गई।

    SDRF की टीम ने कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू अभियान चलाकर घायल युवक को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। वहीं ट्रक चालक के शव को भी खाई से बाहर निकाला गया।

    पुलिस ने मृतक चालक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। दूसरी ओर घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी है।

    फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती आशंका वाहन के अनियंत्रित होने की जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

  • उत्तराखंड में बादलों का मूवमेंट जारी,,,, फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज़,,,,!

    उत्तराखंड में बादलों का मूवमेंट जारी,,,, फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज़,,,,!

    उत्तराखंड—-  देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले रहा है। पिछले तीन-चार दिनों से लगातार बदल रहे मौसम ने जहां पहाड़ों में कड़ाके की ठंड बढ़ा दी है, वहीं मैदानी इलाकों में भी लोगों को सुबह-शाम हल्की सर्दी का अहसास होने लगा है।

    बारिश और बर्फबारी के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मई महीने में भी लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।

    बारिश-बर्फबारी से कांपा उत्तराखंड

    मंगलवार को पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण तापमान तेजी से नीचे गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों का तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि मैदानी इलाकों में भी पारा गिरकर करीब 6.7 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया।

    देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को और सुहावना बना दिया। हालांकि धूप निकलने से दिन में हल्की गर्मी महसूस हुई, लेकिन सुबह और शाम की ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।

    येलो अलर्ट जारी — पहाड़ों में बढ़ सकती है मुश्किलें!

    मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के मुताबिक 6 और 7 मई को उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक बदलता मौसम यात्रियों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए चुनौती बन सकता है। खासतौर पर ऊंचाई वाले इलाकों में सफर करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    इन जिलों में जारी रह सकती है बारिश

    उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में अगले कुछ दिनों तक कहीं-कहीं हल्की बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश लोगों को राहत दे सकती है।

    11 मई के बाद फिर बदलेगा मौसम!

    मौसम विभाग के अनुसार 8 से 10 मई के बीच ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। लेकिन 11 मई के बाद एक बार फिर पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी के संकेत मिल रहे हैं।

    हालांकि अगले एक-दो दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने के आसार हैं, जिससे गर्मी फिर अपने तेवर दिखा सकती है।

  • DGHealth उत्तराखंड पर RTI नियमों की अनदेखी के आरोप,,,, CD/DVD की जगह प्रति पृष्ठ शुल्क और अलग से पोस्टेज चार्ज वसूली का मामला,,,,।

    DGHealth उत्तराखंड पर RTI नियमों की अनदेखी के आरोप,,,, CD/DVD की जगह प्रति पृष्ठ शुल्क और अलग से पोस्टेज चार्ज वसूली का मामला,,,,।

    देहरादून—   महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखंड (DGHealth) कार्यालय पर सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

    बताया जा रहा है कि आवेदकों द्वारा CD/DVD माध्यम से सूचना मांगे जाने के बावजूद विभाग कागजी प्रतियां उपलब्ध कराने के नाम पर 2 रुपये प्रति पृष्ठ की दर से शुल्क वसूल रहा है। मामले में यह भी आरोप है कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 तथा उत्तराखंड RTI नियमावली 2013 में स्पष्ट प्रावधान न होने के बावजूद विभाग द्वारा 50 से 100 रुपये तक अतिरिक्त पोस्टेज शुल्क भी मनमाने तरीके से लिया जा रहा है, जिससे आवेदकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

    इस पूरे प्रकरण को उजागर करने वाले भीमताल निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व कृषि अधिकारी श्री चंद्र शेखर जोशी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जब आवेदक डिजिटल माध्यम (CD/DVD) में सूचना चाहते हैं, तो विभाग द्वारा कागजी प्रतियों का शुल्क थोपना RTI नियमों की भावना के विपरीत है।वहीं दूसरी ओर, उत्तराखंड शासन के चिकित्सा सचिव कार्यालय द्वारा CD/DVD में सूचनाएं उपलब्ध कराए जाने के बावजूद 2 रुपये प्रति पृष्ठ की दर से प्रतिलिपिकरण शुल्क लिया गया, हालांकि वहां पोस्टेज शुल्क नहीं लिया गया।

    इसके विपरीत, कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग द्वारा RTI नियम 6(c) के अनुरूप DVD माध्यम से सूचनाएं उपलब्ध कराई गईं, जहां न तो प्रति पृष्ठ शुल्क लिया गया और न ही कोई अतिरिक्त पोस्टेज चार्ज वसूला गया। सूचना अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि एक ही राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा RTI नियमों की अलग-अलग व्याख्या पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।

    वर्ष 2005 में लागू RTI अधिनियम और 2013 में बनी राज्य नियमावली के बावजूद आज भी कई लोक सूचना अधिकारी नियमों को लेकर स्पष्टता के अभाव में अपने-अपने तरीके से कार्य कर रहे हैं।

    चंद्र शेखर जोशी ने शासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी विभागों में एक समान और नियमसम्मत व्यवस्था लागू करने की मांग की है, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक शुल्क और परेशानियों से राहत मिल सके।अब देखना यह होगा कि शासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है।

  • महिला आरक्षण के समर्थन में मातृशक्ति की महिला आक्रोश मशाल यात्रा,,,,।

    महिला आरक्षण के समर्थन में मातृशक्ति की महिला आक्रोश मशाल यात्रा,,,,।

    देहरादून—   महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर मातृशक्ति नें देहरादून में गांधी पार्क से घंटाघर तक महिला आक्रोश मशाल यात्रा निकाली।

    इस यात्रा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्री रेखा आर्या सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और महिलाएं शामिल रहीं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिला आरक्षण देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है और केंद्र सरकार महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दलों का रुख महिलाओं की आकांक्षाओं के विपरीत है, जिसे जनता देख रही है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमारी परंपरा में महिलाओं को सम्मान जरूर मिला है, लेकिन अब जरूरत है कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी बराबरी का स्थान मिले।

    संसद और विधानसभाओं में एक-तिहाई आरक्षण से महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी और यह बदलाव देश के विकास को नई दिशा देगा।

    मंत्री रेखा आर्या नें कहा कि इस रैली का आयोजन सौभाग्य से मुझे प्राप्त हुआ और मेरे आह्वान पर महिला आक्रोश रैली में पहुंची हजारों की संख्या में मातृशक्ति का ह्रदय की गहराईयों से धन्यवाद व आभार व्यक्त करती हूँ I रेखा आर्या ने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विपक्ष का रवैया निराशाजनक रहा है। महिलाओं की अपेक्षाओं के विपरीत जाकर जो रुख अपनाया गया है, उसे देश की महिलाएं भली-भांति समझ रही हैं।

    आने वाले समय में महिलाएं कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित पार्टियों को हराकर मुंहतोड़ जवाब देंगी और इसका प्रभाव भी देखने को मिलेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को उनका अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा और नारी सशक्तिकरण को और अधिक मजबूती मिलेगी।

    इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, संगठन महामंत्री अजय कुमार, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट, राष्ट्रीय महिला महामंत्री दीप्ति रावत, शैलेंद्र कुमार, विधायक सविता कपूर, पार्वती दास, राज्यमंत्री मधु भट्ट,बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष गीता खन्ना,महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल समेत हजारों महिलाएं उपस्थित रही।

  • हीटवेव का असर – दून में कल स्कूलों की छुट्टी,,,,, पांच जिलों में अलर्ट..।

    हीटवेव का असर – दून में कल स्कूलों की छुट्टी,,,,, पांच जिलों में अलर्ट..।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड में मौसम इस समय दो अलग-अलग रूपों में नजर आ रहा है। जहां मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप बढ़ रहा है, वहीं पहाड़ी जिलों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।

    देहरादून हीटवेव अलर्ट – स्कूल बंद

    देहरादून समेत मैदानी जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने 27 अप्रैल को भी भीषण गर्मी और लू की चेतावनी जारी की है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने 27 अप्रैल को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है।

    पहाड़ी जिलों में बारिश

    चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 4400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के भी आसार हैं।

    येलो अलर्ट जारी

    मौसम विभाग ने इन पांच जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। लोगों को सतर्क रहने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

    हीट स्ट्रोक से बचें

    भीषण गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, अधिक पानी पिएं और शरीर को ठंडा रखें।

  • नैनीताल पुलिस को मिला टेक्नोलॉजी बूस्ट: NAFIS/MCU ट्रेनिंग का सफल समापन,,,।

    नैनीताल पुलिस को मिला टेक्नोलॉजी बूस्ट: NAFIS/MCU ट्रेनिंग का सफल समापन,,,।

    देहरादून—  उत्तराखण्ड के नैनीताल में पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के नेतृत्व में 21 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक आयोजित NAFIS/MCU प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हो गया।

    इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में जिले के कुल 205 पुलिसकर्मियों जिनमें उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल, मालखाना मोहर्रिर और CCTNS स्टाफ शामिल रहे, ने भाग लिया। कार्यक्रम का समन्वय पुलिस अधीक्षक संचार रेवाधर मठपाल द्वारा किया गया।

    क्या है NAFIS और MCU ट्रेनिंग?

    प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को NAFIS (National Automated Fingerprint Identification System) और MCU (Mobile Crime Unit) जैसी आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें खासतौर पर_

    फिंगरप्रिंट कलेक्शन और एनालिसिस
    डिजिटल साक्ष्यों का सुरक्षित संरक्षण
    फॉरेंसिक तकनीकों का उपयोग पर जोर दिया गया, ताकि पुलिस जांच को और मजबूत और सटीक बनाया जा सके।

    विशेषज्ञों ने दी ट्रेनिंग

    इस कार्यक्रम में राज्य और क्षेत्रीय स्तर के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया, जिनमें देहरादून से आई निरीक्षक राशिदा और MCU/NAFIS मास्टर ट्रेनर्स शामिल रहे। व्यावहारिक सत्रों के जरिए प्रतिभागियों की तकनीकी क्षमता को भी बेहतर बनाया गया।

    समापन समारोह में मिला सम्मान

    25 अप्रैल को आयोजित समापन कार्यक्रम में SP संचार रेवाधर मठपाल ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्य अपराध जांच की रीढ़ बन चुके हैं इसलिए हर विवेचना अधिकारी का तकनीकी रूप से सक्षम होना जरूरी है।

    पुलिसिंग में आएगा बड़ा बदलाव,इस तरह के प्रशिक्षण से_जांच की गति और गुणवत्ता बेहतर होगी, साक्ष्य मजबूत होंगे
    , कोर्ट में दोषसिद्धि दर बढ़ेगी,अपराधों का जल्द खुलासा संभव होगा।

  • उत्तराखंड बोर्ड रिजल्ट 2026 जारी,,,, बागेश्वर चमका,, बेटियों ने मारी बाजी_ अक्षत, गीतिका और सुशीला टॉपर.।

    उत्तराखंड बोर्ड रिजल्ट 2026 जारी,,,, बागेश्वर चमका,, बेटियों ने मारी बाजी_ अक्षत, गीतिका और सुशीला टॉपर.।

    रामनगर/देहरादून—  उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। करीब दो लाख परीक्षार्थियों का लंबा इंतजार आज खत्म हो गया। परिणाम शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की मौजूदगी में जारी किए गए।

    इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर सफलता दर और बेटियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने एक बार फिर राज्य की शिक्षा गुणवत्ता को नई ऊंचाई दी है।

    टॉपर्स की चमक

    हाईस्कूल (10वीं)

    अक्षिता गोयल, एम.पी. इंटर कॉलेज, रामनगर
    491/500 अंक (98.20%) प्रदेश टॉपर

    इशांत कोठारी (उत्तरकाशी) एवं भूमिका (नैनीताल)
    490/500 अंक – संयुक्त द्वितीय स्थान

    योगेश जोशी, बागेश्वर
    489/500 अंक तृतीय स्थान

    खास बात: बेटियों का पास प्रतिशत 96.07%, जो बालकों से काफी अधिक रहा।

    इंटरमीडिएट (12वीं)

    गीतिका पंत, बागेश्वर

    सुशीला मेहंदीरत्ता, ऊधमसिंह नगर
    490/500 अंक (98%) – संयुक्त टॉपर

    आर्यन, ऋषिकेश
    489/500 अंक – द्वितीय स्थान

    वंशिका , हरिद्वार
    485/500 अंक – तृतीय स्थान

    यहां भी बालिकाओं ने बढ़त बनाई – 88.09% पास प्रतिशत।

    रिजल्ट की बड़ी तस्वीर

    हाईस्कूल (10वीं)

    पंजीकृत:1,12,266
    शामिल: 1,08,983
    पास – 1,00,373
    कुल रिजल्ट: 92.10%

    2025 की तुलना में 1.33% सुधार

     

    इंटरमीडिएट (12वीं)

    पंजीकृत: 1,02,986
    शामिल: 1,00,452
    पास: 85,499
    कुल रिजल्ट: 85.11%

    2025 की तुलना में 1.88% सुधार

     

    जिलों की परफॉर्मेंस

    बागेश्वर

    हाईस्कूल: – 96.98%

    इंटर – 94.81%

    दोनों ही स्तर पर जिला टॉप पर रहा।

    ऐसे चेक करें रिजल्ट

    छात्र अपना रिजल्ट आसानी से ऑनलाइन देख सकते हैं:

    आधिकारिक वेबसाइट:
    UBSE official website

    या फिर:
    DigiLocker

    स्टेप्स:

    1.वेबसाइट पर जाएं
    2.Board Exam 2026 Result” लिंक पर क्लिक करें
    3.अपना रोल नंबर दर्ज करें
    4.रिजल्ट स्क्रीन पर देखें, डाउनलोड/प्रिंट करें

    उत्तराखंड बोर्ड 2026 के नतीजे एक बार फिर साबित करते हैं कि राज्य में शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। बेहतर पास प्रतिशत, बेटियों का शानदार प्रदर्शन और जिलों की प्रतिस्पर्धा ये सभी संकेत हैं कि भविष्य की नींव मजबूत हो रही है।

  • भाजपा महिला आक्रोश पदयात्रा में आरक्षण विरोधियों के विरुद्ध उमड़ा जन सैलाब,,,महिला अधिकारो और सम्मान का संकल्प,,,,।

    भाजपा महिला आक्रोश पदयात्रा में आरक्षण विरोधियों के विरुद्ध उमड़ा जन सैलाब,,,महिला अधिकारो और सम्मान का संकल्प,,,,।

    देहरादून—   भाजपा ने विशाल महिला जनआक्रोश महा पदयात्रा रैली के माध्यम से संसद में महिला आरक्षण के खिलाफ विपक्षी चेहरे को बेनकाब किया है।

    इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने पदयात्रा को महिलाओं के अधिकारों और आत्मसम्मान के प्रति संकल्प बताया। कहा, महिलाएं अब किसी के बहकावे में आने वाली नहीं हैं और वे विकास, सुरक्षा और सम्मान की राजनीति को ही समर्थन देंगी।

    राजधानी के परेड ग्राउंड में आयोजित भाजपा महिला मोर्चा की इस ऐतिहासिक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज की यह पदयात्रा केवल विरोध नहीं, बल्कि उत्तराखंड की महिलाओं के आत्मसम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प है।

    भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं—चाहे वह राजनीतिक भागीदारी हो, आर्थिक आत्मनिर्भरता हो या सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हों।

    इसके विपरीत, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महिलाओं के मुद्दों को केवल चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।

    उन्होंने कहा कि आज देहरादून की सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब इंडी अलायंस के खिलाफ जनता के आक्रोश का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब किसी के बहकावे में आने वाली नहीं हैं और वे विकास, सुरक्षा और सम्मान की राजनीति को ही समर्थन देंगी।

    वहीं महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट ने कहा कि “महिला जन आक्रोश महा पदयात्रा” महिलाओं की आवाज को बुलंद करने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस महिलाओं को उनका हक दिलाने में असफल रही, जबकि भाजपा ने महिलाओं को हर क्षेत्र में नेतृत्व का अवसर प्रदान किया है।

    उन्होंने यह भी कहा कि आज की यह पदयात्रा महिला जागरूकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है, जो आने वाले समय में और अधिक सशक्त रूप में सामने आएगा, जो आने वाले समय की राजनैतिक दिशा भी तय करेगी। उन्होंने कहा कि महिला शक्ति ही देश की सबसे बड़ी ताकत है और जब यही शक्ति सड़कों पर उतरती है, तो परिवर्तन अवश्य होता है।

    आज की यह “महिला जन आक्रोश महा पदयात्रा” भव्य और अभूतपूर्व आयोजन हुई है, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई हजारों महिलाओं ने भारी संख्या में भाग लिया। यह पदयात्रा परेड ग्राउंड से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई आगे बढ़ी, जहां महिलाओं का उत्साह, जोश और एकजुटता साफ दिखाई दी।

    हाथों में तख्तियां, नारों की गूंज और महिला शक्ति का सैलाब इस बात का प्रतीक था कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग हैं और किसी भी प्रकार के अन्याय को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।

    इस जन आक्रोश पदयात्रा के माध्यम से महिलाओं ने इंडी अलायंस और विशेष रूप से कांग्रेस की महिला विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने हमेशा महिला सशक्तिकरण के मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया, लेकिन जब वास्तविक निर्णय लेने का समय आया, तब उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को दरकिनार करने का काम किया।

    पदयात्रा के दौरान महिलाओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे महिला विरोधी मानसिकता और नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेंगी तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

    यह “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” न केवल एक विरोध प्रदर्शन थी, बल्कि यह महिला शक्ति, एकता और जागरूकता का एक ऐतिहासिक उदाहरण बनकर उभरी, जिसने स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तराखंड की महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए पूरी ताकत के साथ खड़ी हैं।

    इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद  महेंद्र भट्ट ,प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक आशा नौटियाल, विधायक सविता कपूर, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रदेश महिला मोर्चा के प्रभारी शैलेंद्र बिष्ट, प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट, प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष सुमन सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, महिला कार्यकर्ता एवं समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • देहरादून में बायलॉज की अनदेखी:- बेतरतीब, बेकाबू और अवैध बिल्डिंग निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त,,,,।

    देहरादून में बायलॉज की अनदेखी:- बेतरतीब, बेकाबू और अवैध बिल्डिंग निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त,,,,।

    नैनीताल—  उत्तराखंड उच्च न्यायालय में देहरादून के भूस्खलन और संवेदनशील क्षेत्र में किए जा रहे अनियंत्रित और अव्यवस्थित निर्माण संबंधी जनहित याचिका में देहरादून नगर निगम, एम.डी.डी.ए.समेत राज्य सरकार से 3 सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 3 सप्ताह बाद के लिए तय की है।

    आपको बता दें कि देहरादून की समाजसेवी रेनू पॉल ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा कि वर्ष 2011 में उत्तराखंड के लिए बिल्डिंग बायलॉज बनाए गए थे। इसके बाद वर्ष 2015 में संसोधन कर 30 डिग्री ढलान और भूस्खलन क्षेत्र में निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

    जिसके बाद वर्ष 2019 में जारी शासनादेश के बाद देहरादून में फुटहिल क्षेत्रों का चिन्हीकरण करने के साथ ही निर्माण कार्यों के प्रतिबंधित किया गया था।

    बावजूद इसके देहरादून घाटी की तलहटी पर बहुमंजिले भवन बनाए जा रहे हैं। याचिका में न्यायालय से प्रार्थना की गई है कि घाटी के प्रतिबंधित क्षेत्रों में किए जा रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाए।