Category: देहरादून

  • गांव की सरकार :शपथ ग्रहण की तारीखें घोषित, जानिए कब होनी है शपथ।

    गांव की सरकार :शपथ ग्रहण की तारीखें घोषित, जानिए कब होनी है शपथ।

    देहरादून—  उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद अब गांव की सरकार को औपचारिक रूप से कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया तय हो गई है।

    पंचायती राज सचिव चंद्रेश कुमार द्वारा शपथ ग्रहण की तिथियां घोषित कर दी गई हैं। हरिद्वार को छोड़कर बाकी सभी जिलों में ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक का शपथ ग्रहण 27 अगस्त से 1 सितंबर के बीच होगा।

    शपथ ग्रहण और बैठकों की तिथियां इस प्रकार हैं।

    ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य

    शपथ ग्रहण – 27 अगस्त
    प्रथम बैठक – 28 अगस्त

    क्षेत्र पंचायत सदस्य, कनिष्ठ व ज्येष्ठ उप प्रमुख, ब्लॉक प्रमुख

    शपथ ग्रहण – 29 अगस्त
    प्रथम बैठक – 30 अगस्त

    जिला पंचायत सदस्य, उपाध्यक्ष व अध्यक्ष

    शपथ ग्रहण -1 सितंबर
    प्रथम बैठक – 2 सितंबर

    सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित समय सारिणी के अनुसार शपथ ग्रहण और पहली बैठक अनिवार्य रूप से सम्पन्न कराएं।

  • ऋण बीमा होने के बावजूद आश्रितों की फजीहत, प्रशासन ने बैंक को सीधा चेतावनी दी….

    ऋण बीमा होने के बावजूद आश्रितों की फजीहत, प्रशासन ने बैंक को सीधा चेतावनी दी….

    देहरादून – पति की मृत्यु के बाद ऋण का बीमा होने के बावजूद विधवा माला देवी को प्रताड़ित करने वाले केनफिन होम लि. पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बैंक प्रबंधक पर ₹22 लाख की आरसी काटने के साथ ही बैंक की संपत्ति को कुर्क कर लिया है। अब यह संपत्ति 23 अगस्त को नीलाम की जाएगी।

    चुक्खुवाला निवासी माला देवी ने फरियाद लगाई थी कि उनके पति स्व. उदय शंकर ने मकान खरीदने के लिए केनफिन होम लि. से ₹20 लाख का ऋण लिया था, जिसका बीमा भी कराया गया था। अब तक परिवार ₹12.22 लाख की किश्त भी चुका चुका था, लेकिन 20 जनवरी 2025 को उदय शंकर के आकस्मिक निधन के बाद बीमा राशि का लाभ दिलाने की जगह बैंक और बीमा कंपनी ने विधवा माला को मानसिक उत्पीड़न का शिकार बनाया।

    दो छोटे बच्चों की मां माला देवी ने बताया कि लगातार परेशानियों से उनके बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तुरंत कार्रवाई की और बैंक की संपत्ति कुर्क कर दी।

  • कनिष्ठ अभियंता के रिक्त पदों की जानकारी एक सप्ताह में कार्मिक विभाग को सौंपेगा जल संस्थान….

    कनिष्ठ अभियंता के रिक्त पदों की जानकारी एक सप्ताह में कार्मिक विभाग को सौंपेगा जल संस्थान….

    देहरादून – उत्तराखंड में कनिष्ठ अभियंता के रिक्त पदों की जानकारी शासन को शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए जल संस्थान ने ठोस कदम उठाने का भरोसा दिलाया है। मंगलवार को जल संस्थान मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया।

    राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल के नेतृत्व में प्रांजल नौडियाल और दर्जनों बेरोजगार अभ्यर्थियों ने जल संस्थान के सचिव एसके सिंह से मुलाकात की। अभ्यर्थियों ने कनिष्ठ अभियंता के रिक्त पदों का विवरण शीघ्र कार्मिक विभाग को भेजने की मांग उठाई।

    सचिव एसके सिंह ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर कनिष्ठ अभियंता के रिक्त पदों का संपूर्ण विवरण कार्मिक विभाग को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि कई विभाग रिक्तियों की जानकारी उपलब्ध कराने में देरी कर रहे हैं, जिसे दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

    इसके अतिरिक्त, शिवप्रसाद सेमवाल ने अपर सचिव (कार्मिक) ललित मोहन रयाल से सभी संबंधित विभागों को रिमाइंडर भेजने का अनुरोध किया। रयाल ने आश्वस्त किया कि विधानसभा सत्र के समापन के बाद सभी विभागों को रिक्तियों की जानकारी जमा करने के लिए एक और रिमाइंडर जारी किया जाएगा।

    बेरोजगार अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम, और ग्रामीण अभियंत्रण जैसे विभाग जल्द ही अपने रिक्त पदों की जानकारी कार्मिक विभाग को सौंप देंगे। इससे भर्ती प्रक्रिया को गति मिलने और समयबद्ध तरीके से कार्यवाही पूर्ण होने की संभावना है।

    इस पहल से बेरोजगार युवाओं में भर्ती प्रक्रिया के जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। अभ्यर्थियों ने इस दिशा में शासन और जल संस्थान के प्रयासों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।

  • पंचायत चुनाव ने आंकड़ा 11 होने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जनता का जताया आभार।

    पंचायत चुनाव ने आंकड़ा 11 होने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जनता का जताया आभार।

    देहरादून—-   भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने नैनीताल परिणाम के साथ पंचायत अध्यक्ष सीटों में जीत का आंकड़ा 11 होने के लिए जनता और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया है।

    अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा, हमने न्यायालय और राज्य निर्वाचन आयोग का सम्मान किया। पूरी सद्भावना और नैतिकता से निर्णय का इंतजार किया। लेकिन कांग्रेस पार्टी के लोग नकारत्मक माहौल बना बना रहे थे।

    कांग्रेस के लोग शुरू से ही लोकतंत्र को प्रभावित करने वाली बयानबाजी का काम कर रही थी। शांतिपूर्ण मतगणना हो जाए इसकी चिंता उन्हें नहीं थी और केवल बवंडर मचाने का काम वे कर रहे हैं।

    उन्होंने जोर देते हुए कहा, आज का यह नतीजा, सत्य की जीत का संकेत है।

    भाजपा का आज 12 में से 11 स्थान पर जीत दर्ज करना, जनता की विकास पर स्वीकृति है। उन्होंने पंचायतों में प्रचंड जीत के लिए राज्य की जनता और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया है।

  • गैरसैंण विधानसभा सत्र की उलटी गिनती शुरू, सरकार-विपक्ष आमने-सामने….

    गैरसैंण विधानसभा सत्र की उलटी गिनती शुरू, सरकार-विपक्ष आमने-सामने….

    देहरादून – उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार 19 अगस्त से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में शुरू होने जा रहा है। इस बार का सत्र धराली आपदा और लगातार हो रही बारिश जैसी दोहरी चुनौतियों के बीच आयोजित हो रहा है। मौसम विभाग ने 22 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे विधानसभा सचिवालय और सरकार की चिंता बढ़ गई है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को मानसून सत्र की तैयारियों का जायजा लेने भराड़ीसैंण पहुंचे। हेलीपैड पर जिलाधिकारी संदीप तिवारी और पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर पुलिस बल की ओर से मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

    चार दिवसीय इस मानसून सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बनाए हुए है, जबकि सरकार विकास और आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर अपनी उपलब्धियां गिनाएगी। बारिश और आपदा के बीच होने वाले इस सत्र को लेकर जनता और राजनीतिक हलकों में खासा उत्सुकता का माहौल है।

  • यूसीसी संशोधन: समय सीमा पार करने पर लगेगा दंड और जुर्माना….

    यूसीसी संशोधन: समय सीमा पार करने पर लगेगा दंड और जुर्माना….

    देहरादून – उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत विवाह पंजीकरण से जुड़ा महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। अब विवाह पंजीकरण की समय सीमा छह माह से बढ़ाकर एक वर्ष कर दी गई है। इसके साथ ही निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद दंड और जुर्माने का प्रावधान भी जोड़ा गया है।

    राज्य सरकार मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक-2025 सदन में पेश करेगी। इसमें विवाह पंजीकरण की समय सीमा बढ़ाने और दंड प्रावधान से संबंधित संशोधन शामिल होंगे।

    गौरतलब है कि सरकार ने इस बदलाव को लागू करने के लिए जुलाई माह में अध्यादेश जारी कर दिया था। अब इसे विधेयक के रूप में विधानसभा से पारित कराया जाएगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से लोगों को विवाह पंजीकरण कराने के लिए अधिक समय मिलेगा और प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी। वहीं, समय सीमा का पालन न करने वालों पर कानूनी कार्रवाई संभव होगी।

  • अब लागू होगी नई साक्षी संरक्षण योजना, पुराने कानून को हटाने का प्रस्ताव मंजूर….

    अब लागू होगी नई साक्षी संरक्षण योजना, पुराने कानून को हटाने का प्रस्ताव मंजूर….

    देहरादून  – उत्तराखंड में गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य कैबिनेट ने रविवार को बैठक में उत्तराखंड साक्षी संरक्षण अधिनियम 2020 को रद्द करने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है। इसके स्थान पर अब साक्षी संरक्षण योजना लागू की जाएगी।

    मौजूदा अधिनियम दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के तहत प्रभावी था, लेकिन गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार इसे और सशक्त रूप में लागू करना चाहती है। इसी कड़ी में मानसून सत्र में सरकार उत्तराखंड साक्षी संरक्षण अधिनियम (निरसन) विधेयक पेश करेगी।

    कानून विशेषज्ञों का मानना है कि नई योजना गवाहों को अधिक सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने और आपराधिक मामलों में न्याय प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने का कार्य करेगी।

  • जिला विधियक सेवा प्राधिकरण द्वारा बहुद्देश्यीय/न्यू मॉड्यूलर शिवर का हुआ आयोजन।

    जिला विधियक सेवा प्राधिकरण द्वारा बहुद्देश्यीय/न्यू मॉड्यूलर शिवर का हुआ आयोजन।

    देहरादून—  जनपद देहरादून के दूरस्थ व जनजातीय क्षेत्र में कार्यालय खण्ड विकास अधिकारी कालसी, जिला देहरादून में मा0 कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति  मनोज तिवारी तथा मैडम न्यायमूर्ति श्रीमती मंजू तिवारी की गरिमामय उपस्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा बहुद्देशीय/न्यू मोड्यूल शिविर का आयोजन किया गया।

    उक्त शिविर में जिला जज देहरादून,  प्रेम सिंह खिमाल  व मैडम जिला जज श्रीमती नीमा खिमाल , आदरणीय सदस्य सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तराखण्ड,  प्रदीप मणि त्रिपाठी ,प मुख्य विकास अधिकारी, देहरादून  अभिनव शाह तथा मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून डाॅक्टर मनोज शर्मा तथा जनपद देहरादून के समस्त सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण तथा विभिन्न विभागों के अधिकारीगण भी उपस्थित रहें।

    इसके अतिरिक्त अध्यक्ष बार एसोसियेशन, विकासनगर  चौधरी विजय पाल द्वारा भी उक्त शिविर में प्रतिभाग किया गया।

    उक्त शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारीगण एवं गैर सरकारी संगठनो ( एनoजीoओo ) द्वारा सहयोग किया गया तथा विभिन्न आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया गया। साथ ही कालसी क्षेत्र की जनजातीय/ग्रामीण जनता को अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं के सम्बंध में जागरूक किया गया।

    माननीय न्यायमूर्ति जी द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

    इस अवसर पर संस्कृति विभाग, देहरादून के कलाकारों द्वारा सरस्वती वंदना व स्वागत गीत और स्थानीय संस्कृति को दर्शाने हेतु लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया।

    सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून श्रीमती सीमा डुँगराकोटी द्वारा बताया गया कि इस प्रकार के बहुउद्देशीय शिविर समय-समय पर आयोजित किये जाते रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से, क्षेत्र की जनता को, उनके विधिक एवं सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।

    इस शिविर की स्वच्छता व्यवस्था हेतु 07 पर्यावरण मित्रों को उनके निःस्वार्थ सहयोग के लिये जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की ओर से धन्यवाद किया गया व माननीय न्यायमूर्ति जी द्वारा सम्मानित कराया गया।

    स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में स्वास्थ्य विभाग और ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज द्वारा उक्त बहुद्देशीय शिविर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर विभिन्न जांच परिक्षण और दवाईयों का वितरण किया गया।

    उक्त शिविर में निम्नलिखित सरकारी व गैर सरकारी संगठनो द्वारा अपना सहयोग प्रदान किया गया – महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, सारा sae प्राइवेट लिमिटेड सेलाकुई, शिरडी साई हरि मूर्ति सेवा धाम ऋषिकेश, मंदिर श्री भरत जी महाराज ऋषिकेश, जयराम ट्रस्ट ऋषिकेश, गायत्री परिवार विकासनगर, नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट ऋषिकेश, मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन देहरादून, सनकेयर फॉर्मूलेशन प्राइवेट लिमिटेड सेलाकुई, टपरवेेयर इंडिया प्राइवेट, लिमिटेड, ईस्ट अफ्रीकन ओवरसीज फार्मासिटी सेलाकुई, फेबको बैग इंडस्ट्रीज सेलाकुई , क्राइम कंट्रोल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन ऋषिकेश , समर्पण सोसायटी, देहरादून, मुल्तानी फाॅर्मास्यूटिकल्स लिमिटेड, भगवानपुर, रूडकी, हरिद्वार, डिक्सोन टेक्नोलाॅजीस इंडिया लिमिटेड पछुवादून, सेलाकुई, कैम्पस एक्टिव वेयर लिमिटेड, सेलाकुई द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।

    नारायण स्वयं सहायता समूह, धोईरा और ग्राम्य विकास विभाग कालसी द्वारा चेक का वितरण किया गया।

    साथ ही इस अवसर पर बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।

    उक्त शिविर में स्थानीय लाभार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, स्कूली छात्र छात्राओं को निम्नलिखित आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया गया – कंप्यूटर सेट, टैबलेट, लेजर प्रिंटर, आरoओo, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट, हिमालयन बेबी किट, न्यू पहल किट, फर्स्ट एड किट, स्टेशनरी का सेट , इम्युनिटी बूस्टर किट, सोलर लैम्प, छाते , कम्बल, टिफिन व वॉटर बोटल, स्कूल बैग का वितरण किया।

    इसके अतिरिक्त दिव्यांग व्यक्तियों के लिये समाज कल्याण विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून द्वारा व्हील चेयर, बैसाखी, वॉकर, कमर दर्द की बेल्ट, छडी और कान की मशीन का वितरण भी किया गया।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून द्वारा शिविर के अन्त में सरल कानूनी ज्ञानमाला पुस्तकों का वितरण किया गया।
    अंत में माननीय न्यायमूर्ति जी व मैडम न्यायमूर्ति जी तथा अन्य सभी सम्मानित अतिथिगणों द्वारा शिविर में लगाये गये स्टॉलों का निरीक्षण कर उपस्थित समस्त सरकारी विभागों तथा गैर सरकारी संगठनों का उत्साहवर्धन किया गया तथा माननीय न्यायमूर्ति जी द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया।

    इस मेगा शिविर में 1000 (एक हजार) से अधिक व्यक्ति लाभान्वित रहें।

  • उत्तराखंड— कैबिनेट बैठक में हुए बड़े फैसले।

    उत्तराखंड— कैबिनेट बैठक में हुए बड़े फैसले।

    देहरादून—-   कैबिनेट की अहम बैठक हुई, जिसमें पांच प्रस्ताव पर कैबिनेट ने अपनी सहमति जताई. खास तौर पर शिक्षा विभाग के एक मुद्दे पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है.

    जिसमें अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड की नियमावली में संशोधन किया है. मुस्लिम समाज सहित अब सिख इसाई वह पारसी को भी अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड में जोड़ा जाएगा.

    जिसमें कुल पांच प्रस्ताव पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है। यूसीसी के तहत होने वाले रजिस्ट्रेशन के टाइम को बढ़ा दिया गया है कैबिनेट ने आज यूसीसी के तहत होने वाले रजिस्ट्रेशन खासतौर से शादी रजिस्ट्रेशन की समय सीमा को बढ़ा दिया है।

     

    जिस तरह से अब यूसीसी के नियम के तहत जनवरी 2026 तक रजिस्ट्रेशन लोग कर सकते हैं ।

    उस पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है साथ ही उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा कल्याण बोर्ड के गठन के प्रस्ताव पर सहमति दी गई है आज की कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया कि अगर उत्तराखंड में ईसाई या अन्य अल्पसंख्यक अपनी शिक्षण संस्थान (स्कूल) खोलते हैं तो उसके लिए अब बोर्ड से रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा।यानी एजुकेशन अथॉरिटी का गठन किया जा रहा है।

    19 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा के सत्र में आने वाले कई प्रस्ताव को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा की गई है.

    जिसमें=विधेयक भी शामिल है इसी तरह से आज की कैबिनेट की बैठक में सेवा नियमावली से संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लगी है। आज की कैबिनेट की बैठक में मुहर लगाई है।

    वही UCC के रजिस्ट्रेशन की अवधि बढ़ाने को लेकर भी फैसला लिया गया है. इसके साथ ही कई विधेयक को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है जो विधानसभा सत्र के दौरान पटल पर रखे जाने हैं.

    उत्तराखंड कैबिनेट ने आज एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसमें यह तय किया गया है कि आगामी विधानसभा सत्र में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान अधिनियम, 2025 लाया जाएगा। अभी तक अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा केवल मुस्लिम समुदाय को मिलता था। प्रस्तावित विधेयक के अंतर्गत अब अन्य अल्पसंख्यक समुदायों जैसे- सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध एवं पारसी को भी यह सुविधा मिलेगी। यह देश का पहला ऐसा अधिनियम होगा जिसका उद्देश्य राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा स्थापित शैक्षिक संस्थानों को मान्यता प्रदान करने हेतु पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित करना है, साथ ही शिक्षा में गुणवत्ता और उत्कृष्टता सुनिश्चित करना है।

    अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ–/

    1 – प्राधिकरण का गठन राज्य में उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, जो अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा प्रदान करेगा।

    2 – अनिवार्य मान्यता – मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन या पारसी—

    समुदाय द्वारा स्थापित किसी भी शैक्षिक संस्थान को अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा पाने हेतु प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

    3 – संस्थागत अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम अल्पसंख्यक शैक्षिक—

    संस्थानों की स्थापना एवं संचालन में हस्तक्षेप नहीं करेगा, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा की गुणवत्ता और उत्कृष्टता बनी रहे।

    4 – अनिवार्य शर्तें – मान्यता प्राप्त करने हेतु शैक्षिक संस्थान का–

    सोसाइटी एक्ट, ट्रस्ट एक्ट या कंपनी एक्ट के अंतर्गत पंजीकरण होना आवश्यक है। भूमि, बैंक खाते एवं अन्य संपत्तियाँ संस्थान के नाम पर होनी चाहिए। वित्तीय गड़बड़ी, पारदर्शिता की कमी या धार्मिक एवं सामाजिक सद्भावना के विरुद्ध गतिविधियों की स्थिति में मान्यता वापस ली जा सकती है।

    5 – निगरानी एवं परीक्षा – प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा—

    उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार दी जाए और विद्यार्थियों का मूल्यांकन निष्पक्ष एवं पारदर्शी हो।

    अधिनियम का प्रभाव–

    राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षिक संस्थानों को अब पारदर्शी प्रक्रिय के माध्यम से मान्यता मिलेगी।

    शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे।

    राज्य सरकार के पास संस्थानों के संचालन की निगरानी करने और समय-समय पर आवश्यक निर्देश जारी करने की शक्ति होगी।

  • भराड़ीसैंण विधानसभा में गूंजेंगे सवाल-जवाब, 545 प्रश्न अब तक प्राप्त….

    भराड़ीसैंण विधानसभा में गूंजेंगे सवाल-जवाब, 545 प्रश्न अब तक प्राप्त….

    देहरादून – उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र 19 से 22 अगस्त तक ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में आयोजित किया जाएगा। सत्र के लिए अब तक पक्ष और विपक्ष के विधायकों की ओर से कुल 545 प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आगामी सत्र के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि जैसा पहले से प्रस्तावित था, सत्र भराड़ीसैंण में ही होगा और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र के दौरान सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है।

    इस बार के सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा, वहीं सरकार अपनी नीतियों और विकास कार्यों को जनता के सामने रखने की तैयारी में है। भराड़ीसैंण में होने वाले चार दिवसीय सत्र को लेकर प्रशासन ने भी सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं।