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  • ADG अजय प्रकाश अंशुमान को राष्ट्रपति पदक, कई पुलिसकर्मी व खिलाड़ी सम्मानित….

    ADG अजय प्रकाश अंशुमान को राष्ट्रपति पदक, कई पुलिसकर्मी व खिलाड़ी सम्मानित….

    देहरादून – देहरादून के परेड ग्राउंड में 79वें स्वतंत्रता दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण किया और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम के दौरान ADG अजय प्रकाश अंशुमान को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।

    सेवा आधारित मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक श्वेता चौबे, योगेश चन्द्र, विपिन चन्द्र पाठक, नरेन्द्र सिंह बिष्ट, राकेश चन्द्र भट्ट, अजय प्रकाश सेमवाल और सुनीत कुमार को दिया गया। विशिष्ट कार्य के लिए यह पदक शेखर चन्द्र सुयाल, राजेन्द्र सिंह खोलिया, कैलाश चन्द्र भट्ट, मनोहर सिंह रावत, ओमकान्त भूषण, दीपक कुमार, गोपाल राम, अमरजीत और राहुल को मिला। विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रिया राणा, मनीषा चौहान, राहुल सरनालिया, अमीषा चौहान, विशम कश्यप, अमित बेलवाल और महक चौहान को भी सम्मानित किया गया।

    मुख्यमंत्री ने 6 बड़ी घोषणाएं कीं—

    1. मिड-डे मील योजना वाले स्कूलों में गैस सिलेंडर और चूल्हा उपलब्ध कराना।
    2. पेयजल संकट वाले विधानसभा क्षेत्रों में 10-10 हैंडपंप लगाना।
    3. ग्राम चौकीदार और ग्राम प्रहरी का मानदेय 1,000 रुपये बढ़ाना।
    4. सैनिक कल्याण विभाग के ब्लॉक प्रतिनिधियों का मानदेय 2,000 रुपये बढ़ाना।
    5. जनपद स्तर पर विशेष शैक्षणिक केंद्र स्थापित करना, संचालन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय करेगा।
    6. हिमालयी ग्लेशियरों का नियमित अध्ययन और आपदा प्रबंधन को मजबूत करना।

    धामी ने राज्य की विकास उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पर्यटन और उद्योग के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं।

    खेलों में ‘ग्रीन गेम्स’ थीम पर राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने 103 पदक जीतकर 7वां स्थान हासिल किया। राज्य में 23 खेल अकादमियां स्थापित करने की योजना है। पर्यटन, कृषि, स्टार्टअप, योग, अध्यात्म और औद्योगिक विकास के लिए कई नई नीतियां लागू की गई हैं।

    धामी ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बनने, बेरोजगारी दर में कमी, जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, तथा भ्रष्टाचार विरोधी कदमों से राज्य तेज़ी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।

  • राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में सम्मानित हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन और पुलिसकर्मी….

    राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में सम्मानित हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन और पुलिसकर्मी….

    देहरादून – प्रदेश भर में 79वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। राजधानी देहरादून के परेड मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को याद किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम जिन खुशियों और स्वतंत्रता का आनंद ले रहे हैं, वह हमारे वीर सपूतों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान की देन है। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से आह्वान किया कि वे देश के विकास और सामाजिक एकता में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं, ताकि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों का भारत बनाया जा सके।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके अद्वितीय योगदान और त्याग का प्रतीक है। इसके साथ ही, कानून-व्यवस्था और जनसेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया गया।

    समारोह में देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और परेड की भव्य प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। मंच पर अनेक वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन, पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी से देश की अखंडता, एकता और स्वतंत्रता की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।

  • 79वें स्वतंत्रता दिवस पर सीएम धामी बोले शहीदों के सपनों को साकार करना ही सच्ची श्रद्धांजलि….

    79वें स्वतंत्रता दिवस पर सीएम धामी बोले शहीदों के सपनों को साकार करना ही सच्ची श्रद्धांजलि….

    देहरादून – 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री आवास पर ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और देश की आज़ादी एवं मां भारती की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, वीर सैनिकों और महानायकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

    ध्वजारोहण के उपरांत मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता बनाए रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने जिन सपनों के साथ आज़ादी की लड़ाई लड़ी, उन सपनों को साकार करने के लिए हमें एकजुट होकर कार्य करना होगा।

    सीएम धामी ने कहा कि आज़ादी हमें सहज रूप से नहीं मिली, बल्कि इसके लिए लाखों देशभक्तों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। यह आज़ादी तभी सार्थक होगी जब हम सभी अपने-अपने क्षेत्रों में श्रेष्ठ योगदान देंगे, समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे और राष्ट्र को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

    उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें, कड़ी मेहनत करें और समाज में प्रेरणा का स्रोत बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक धरोहर और मूल्यों से जोड़े रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।

    इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी देशभक्ति के गीतों और नारों के साथ स्वतंत्रता दिवस का उल्लास मनाया। मुख्यमंत्री के साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और आमजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

  • धामी कैबिनेट की बैठक में अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, अग्निवीरों को आरक्षण तय,,,,

    धामी कैबिनेट की बैठक में अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, अग्निवीरों को आरक्षण तय,,,,

    देहरादून—   उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

    इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 26 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें राज्य के प्रशासन, सुरक्षा, धर्मांतरण कानून और आईटी क्षेत्र से जुड़े कई अहम फैसले शामिल हैं।

    अग्निवीरों को मिला 10% क्षैतिज आरक्षण–

    कैबिनेट के सबसे बड़े निर्णयों में से एक रहा, राज्य में अग्निपथ योजना’ के तहत सेवा देने वाले अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय।

    यह आरक्षण पुलिस, गृह विभाग और वन विभाग की भर्तियों में लागू होगा। इसके अतिरिक्त, अग्निवीरों को आयु सीमा में भी विशेष छूट दी जाएगी। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 तक करीब 850 अग्निवीर सेवा समाप्त कर राज्य में लौटेंगे, जिन्हें इस फैसले से सीधा लाभ मिलेगा।

    धर्मांतरण कानून को बनाया गया और सख्त–

    कैबिनेट ने धर्मांतरण विरोधी कानून को और अधिक कठोर बनाने का फैसला लिया है। नए संशोधनों के तहत धर्मांतरण के मामलों में कड़ी सजा और कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा।

    सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के लिए नई नियमावली–

    बैठक में वर्ष 2025 के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की नई नियमावली को भी मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य राज्य में डिजिटल सेवाओं का विस्तार,ई-गवर्नेंस को मजबूत करना, और आईटी निवेश को बढ़ावा देना है।

    वनीकरण निधि प्रबंधन से संबंधित नियमों में संशोधन को मंजूरी, जिससे वन क्षेत्र के विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी।

    सहकारिता सेवा मंडल नीति को स्वीकृति मिली, जिससे सहकारी समितियों के कार्यों में सुधार होगा।

    उद्योगों की स्थापना और निर्माण के लिए नई मंजूरी प्रणाली विकसित की गई है, जिससे निवेशकों को प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी और राज्य में औद्योगिक विकास को बल मिलेगा।

    धर्मांतरण कानून में सजा बढाई–

    इसके साथ ही सरकार ने धर्मांतरण कानून और सख्त करने के लिए कानून में कुछ संशोधनों के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। एक्ट में संशोधन कर सजा को 10 साल से बढ़ा कर 14 साल किया। कुछ मामलों में 20 साल तक सजा हो सकती है। जुर्माना राशि को 50 हजार से बढ़ा कर 10 लाख किया गया।

    कैबिनेट बैठक प्रमुख फैसले—

    उत्तराखण्ड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम (UPDCC) के ढांचे का पुनर्गठन और यूआईआईडीबी व डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय के कार्यों के संपादन के लिए दो अतिरिक्त्त कार्यक्रम इकाई का गठन।

    सहकारिता विभाग की अधिसूचना 23.07.2001 द्वारा नवगठित उत्तराखंड के सीमित संसाधनों के कारण उप्र सहकारी संस्थागत सेवामंडल नियमावली को विखंडित करते हुए सारी शक्तियां निबन्धक, सहकारी समितियां, उत्तराखण्ड में निहित की गई।

    लखवाड़ जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों को नैनबाग के सर्किल रेट पर मुआवजा मिलेगा।
    राजकीय औद्योगिक आस्थानों में शेड/ भूखंडों के आवंटन/ निरस्तीकरण/ स्थानांतरण/ किराया आदि के संबंध में एकीकृत प्रक्रिया में संशोधन को मंजूरी।

    उत्तराखंड राज्याधीन सेवाओं में समूह ग के सीधी भर्ती के वर्दीधारी पदों पर सेवायोजन हेतु सेवामुक्त अग्निवीरों को क्षैतिज आरक्षण नियमावली – 2025 मंजूर।

    उत्तराखंड उच्चतर न्यायिक सेवा (संशोधन), नियमावली 2025 मंजूर।

    उत्तराखंड भू सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) के वार्षिक प्रतिवेदन 2023-24 को विधानसभा में सदन पटल पर रखे जाने को मंजूरी मिली।

    उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड, के वर्ष 2021-22 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन को विधानसभा पटल पर प्रस्तुत करने का मंजूरी।

    विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 104 (4) के अंतर्गत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2023-24 के वार्षिक लेखा विवरण को विधानमंडल के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।

    विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 105 के अंतर्गत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट को विधानमंडल के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।
    विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 181 के अंतर्गत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग द्वारा अधिसूचित किए गए विनियमों को अधिनियम की धारा – 182 के अतर्गत विधानमंडल के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।

    कंपनी अधिनियम 2013, की धारा 395 (बी) के अनुपालन के क्रम में उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लि. के वित्तीय वर्ष 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।

    उत्तराखंड पशुपालन विभाग सांख्यिकीय सेवा नियमावली 2025 का प्राख्यापन।

    उत्तराखंड वित्त सेवा (संशोधन) नियमावली 2025 मंजूर।

    सूचना प्रौद्योगिकी, सूराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार (एसटीआई) नीति – 2025 मंजूर।

    नगर निकायों में निर्वाचन के दृष्टिगत अन्य पिछड़ा वर्ग के सर्वेक्षण कार्य के लिए पूर्व की तरह उत्तराखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीएस वर्मा की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय समर्पित आयोग के गठन का निर्णय लिया गया।

    ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत प्रादेशिक विकास सेवा नियमावली 2011 में संशोधन को मंजूरी।

    उत्तराखंड पंचायतीराज (संशोधन) विधेयक 2025 को विधानसभा के समक्ष पुन: स्थापित किए जाने को मंजूरी।

    बदरीनाथ व केदारनाथ मंदिर के प्रशासन की व्यवस्था के लिए समिति में उपाध्यक्ष का 01 अतिरिक्त पद सृजित किया गया।

     

     

  • धर्मांतरण कानून और सख्त, अग्निवीरों को संविदा भर्ती में मिलेगा विशेष आरक्षण….

    धर्मांतरण कानून और सख्त, अग्निवीरों को संविदा भर्ती में मिलेगा विशेष आरक्षण….

    देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। इस बैठक में कुल 26 प्रस्तावों को मंजूरी मिली, जिनमें अग्निवीरों की भर्ती और धर्मांतरण कानून में संशोधन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

    सरकार ने घोषणा की कि अब ‘अग्निवीर’ योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले जवानों को समूह ‘ग’ के वर्दीधारी संविदा पदों की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मिलेगा। यह आरक्षण केवल उत्तराखंड के मूल निवासी या स्थायी निवासी अग्निवीरों को ही मिलेगा। माना जा रहा है कि अगले वर्ष सेवा निवृत्त होने वाले अग्निवीरों के लिए लगभग 850 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

    इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने प्रदेश में धर्मांतरण कानून को और सख्त बनाने पर भी मुहर लगा दी। अब अवैध धर्मांतरण से जुड़े मामलों में और कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ये फैसले न केवल युवाओं और सेना से जुड़े परिवारों को लाभ पहुंचाएंगे, बल्कि राज्य में सामाजिक-सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएंगे।

  • गैरसैंण में चार दिन चलेगा मानसून सत्र, 545 सवालों में आपदा प्रबंधन सबसे बड़ा मुद्दा….

    गैरसैंण में चार दिन चलेगा मानसून सत्र, 545 सवालों में आपदा प्रबंधन सबसे बड़ा मुद्दा….

    देहरादून – प्रदेश सरकार ने इस वर्ष का मानसून सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित करने का निर्णय लिया है। राजभवन से अनुमति मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने इसकी औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह सत्र 19 अगस्त से 22 अगस्त तक चलेगा।

    इस बार सत्र में आपदा प्रबंधन, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और राहत कार्यों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से छाए रहने की संभावना है। हाल ही में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदाओं और भारी बारिश से हुई जन-धन हानि को देखते हुए, विपक्ष सरकार से राहत और पुनर्वास कार्यों पर जवाब मांगने के लिए तैयार है।

    विधानसभा सचिवालय के अनुसार, अब तक पक्ष और विपक्ष के विधायकों की ओर से कुल 545 प्रश्न दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें अधिकांश प्रश्न आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, बिजली-पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हैं।

    राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह मानसून सत्र विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक का गवाह बनेगा। विपक्ष जहां सरकार पर आपदा राहत में लापरवाही के आरोप लगाएगा, वहीं सरकार अपने प्रयासों और उपलब्धियों को सामने रखने की कोशिश करेगी।

    भराड़ीसैंण में होने वाला यह सत्र प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और नीतिगत मंच साबित हो सकता है, जहां आपदा प्रभावित जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर गहन चर्चा होगी और आने वाले दिनों के लिए ठोस नीतियां बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

  • नदियों-नालों के किनारे निर्माण कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित सीएम धामी….

    नदियों-नालों के किनारे निर्माण कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित सीएम धामी….

    देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सीएम आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के आपदा प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर अहम निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक जल स्रोतों, नदियों और नालों के किनारों पर किसी भी प्रकार का सरकारी या निजी निर्माण कार्य प्रतिबंधित रहेगा।

    सीएम धामी ने पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, हिमस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों को तत्काल चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर नई बसावट या नए निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से संभावित खतरों के प्रति सतर्कता बढ़ाने और आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया।

  • संस्कृत ग्राम योजना का शुभारंभ, धामी बोले देवताओं की भाषा बने व्यवहार की भाषा….

    संस्कृत ग्राम योजना का शुभारंभ, धामी बोले देवताओं की भाषा बने व्यवहार की भाषा….

    देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भोगपुर से प्रदेश के 13 जिलों के 13 संस्कृत ग्रामों का वर्चुअल शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम उत्तराखंड संस्कृत अकादमी और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय प्राथमिक विद्यालय भोगपुर में आयोजित हुआ।

    सीएम धामी ने कहा कि संस्कृत ग्रामों की स्थापना से लोगों में संस्कारों का विकास होगा। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे बोलचाल और व्यवहार में भी अपनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने संस्कृत को देवताओं की भाषा बताते हुए इसके प्रचार-प्रसार के लिए सभी से योगदान देने का आह्वान किया।

  • टोल पर आया हाथी, कार को मारी टक्कर, मच गई चीख पुकार,,,,,

    टोल पर आया हाथी, कार को मारी टक्कर, मच गई चीख पुकार,,,,,

    देहरादून—- – देहरादून के डोईवाला क्षेत्र स्थित लच्छीवाला टोल प्लाजा पर शनिवार शाम उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक जंगली हाथी अचानक टोल के क्षेत्र में आ गया और वहां खड़ी  एक कार पर हमला कर दिया।

    घटना में कोई गंभीर घायल नहीं हुआ, लेकिन कार को नुकसान पहुंचा और यात्रियों में भारी दहशत फैल गई।

    यह घटना शनिवार शाम करीब 7:15 बजे की है जब लच्छीवाला नेचर पार्क की ओर से एक हाथी टोल प्लाजा की ओर आया। वहां वीआईपी लेन में रखे बैरियर को गिराते हुए वह सड़क पार करने लगा। इसी दौरान एक कार हाथी के सामने से जबरदस्ती निकलने की कोशिश करने लगी, जिससे आक्रोशित होकर हाथी ने कार पर हमला कर दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने कार को अपनी सूंड से धकेलते हुए उसके पिछले शीशे तोड़ दिए। कार में सवार चार लोग इस हमले से घबरा गए और उनके बीच चीख-पुकार मच गई।

    सौभाग्य से, हाथी ने दोबारा हमला नहीं किया और कुछ ही देर बाद वह वापस जंगल की ओर लौट गया।

    घटना के बाद वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ दिया। किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष के गंभीर होते स्वरूप की ओर ध्यान खींचा है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि लच्छीवाला टोल प्लाजा जिस स्थान पर बना है, वह एक हाथी कॉरिडोर है। इस क्षेत्र से हाथियों का नियमित आवागमन होता है। बावजूद इसके, पर्यटकों और राहगीरों द्वारा बार-बार हाथियों को देखने, वीडियो बनाने या उनके पास जाने की कोशिशें इन जंगली जानवरों को उत्तेजित कर रही हैं।

    वन्यजीव विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसे व्यवहार पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। हाथी स्वभाव से शांत जीव होते हैं, लेकिन बार-बार की गई छेड़छाड़ और मानव गतिविधियों से वे आक्रोशित हो सकते हैं, जिसका परिणाम खतरनाक होता है।

    इस घटना ने प्रशासन और वन विभाग के सामने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि हाथी कॉरिडोर जैसे संवेदनशील इलाकों में विकास कार्य और यातायात प्रबंधन किस प्रकार किया जाए ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ मानव जीवन भी सुरक्षित रह सके।

  • मुख्यमंत्री ने राज्य के 13 जिलों के 13 आदर्श संस्कृत ग्रामों का किया शुभारंभ।

    मुख्यमंत्री ने राज्य के 13 जिलों के 13 आदर्श संस्कृत ग्रामों का किया शुभारंभ।

    देहरादून—  जनपद नैनीताल में आदर्श संस्कृत ग्राम विकासखंड कोटाबाग के पांडे गांव को बनाया गया है।

    रविवार को वर्चुअल माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी तेरह जनपदों में बनाए गए आदर्श सस्कृत ग्राम का शुभारंभ किया, जिसमें पांडे गांव भी शामिल रहा।

    यहॉ आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक नैनीताल सरिता आर्या,विशिष्ट अतिथि दाईत्वधारी शांति मेहरा सहित विभिन्न जनप्रतिंनिधियों, ग्रामीण जनता, सस्कृत विद्यालय के छात्र सहित अन्य उपस्थिति रहे।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रा.प्र. विद्यालय, भोगपुर, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए राज्य के 13 जिलों के 13 आदर्श संस्कृत ग्रामों का शुभारंभ किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में इन सभी आदर्श संस्कृत ग्रामों में संस्कृत भवनों के निर्माण के साथ ही राजकीय प्राथमिक संस्कृत विद्यालयों की भी स्थापना करेगी।

    मुख्यमंत्री ने देहरादून में भोगपुर गांव, टिहरी गढवाल के मुखेम गांव, उत्तरकाशी के कोटगाँव, रुद्रप्रयाग के बैंजी गांव, चमोली के डिम्मर गांव, पौड़ी गढ़वाल के गोदा गांव, पिथौरागढ के उर्ग गांव, अल्मोड़ा के जैंती पाण्डेकोटा गांव,बागेश्वर के शेरी गांव, चम्पावत के खर्ककार्की गांव, हरिद्वार के नूरपुर पंजनहेडी गांव , नैनीताल के पाण्डे गाँव एवं ऊधमसिंहनगर के नगला तराई गांव को आदर्श संस्कृत ग्रामों के रूप में उनका शुभारंभ किया।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न संस्कृति ग्रामों के लोगों से वर्चुअल माध्यम से संवाद भी किया।

    मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी और पौड़ी में आई आपदा पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यों को पूरी संवेदना और तेज गति से करेगी।

    उन्होंने कहा राज्य सरकार, उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में आदर्श संस्कृत ग्राम की स्थापना कर देववाणी संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

    देवभूमि उत्तराखंड सदियों से देववाणी संस्कृत के अध्ययन और शोध का केंद्र रही है।राज्य सरकार का प्रयास है कि देववाणी संस्कृत की पवित्र ज्योति को उत्तराखंड में प्रज्ज्वलित रखा जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड पहला राज्य है। जो इस तरह की पहल से देववाणी संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्धन पर कार्य कर रहा है। संस्कृत भाषा हमारी संस्कृति, परंपरा, ज्ञान और विज्ञान का मूल आधार है। संस्कृत भाषा के आधार पर ही प्राचीन मानव सभ्यताओं का विकास संभव हो सका है। सनातन संस्कृति में वेदों, ग्रंथों, पुराणों और उपनिषदों की रचना संस्कृत में ही की गई है। संस्कृत भाषा अनादि और अनंत है।

    मुख्यमंत्री ने कहा आदर्श संस्कृत ग्रामों में लोग अपने दैनिक जीवन में संस्कृत का प्रयोग करेंगे जिससे देववाणी पुनः हमारे जीवन में बोलचाल, व्यवहार और संवाद का हिस्सा बन सकेगी।

    राज्य सरकार प्रदेश के विद्यालयों में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है। संस्कृत भाषा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान योजना से सम्मानित किया जा रहा है।

    संस्कृत के प्रचार – प्रसार के लिए उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार के माध्यम से अखिल भारतीय शोध सम्मेलन, अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन, अखिल भारतीय वेद सम्मेलन जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    इस अवसर पर विकास खण्ड कोटाबाग के संस्कृत आदर्श ग्राम पांडे गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि विधायक नैनीताल सरिता आर्या ने क्षेत्र वासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह इस क्षेत्र के लिए एक खुशखबरी है कि इस गांव का चयन संस्कृत आदर्श गांव के लिए रूप में किया गया है।

    हमें इसे एक आदर्श संस्कृत ग्राम बनाने हेतु मिलकर कार्य करना होगा। सर्वप्रथम यहॉ संस्कृत विद्यालय खोले जाने हेतु भूमि का चयन करना होगा, ताकि उसका भवन शीघ्र निर्मित हो सके।

    उन्होंने कहा कि आदर्श संस्कृत ग्राम से सनातन धर्म को आगे बढ़ने का कार्य होगा। इससे हमें अपनी संस्कृति को भी आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि दर्जाधारी शांति मेहरा ने सभी क्षेत्र वासियों को बधाई देते हुए कहा कि संस्कृत भाषा हमारी सनातन संस्कृति है संस्कृत भाषा को बढ़ाए जाने हेतु राज्य में एक मुहिम छेड़ी गई है। माननीय मुख्यमंत्री जी ने इसे आगे बढ़ाने हेतु जो कार्य किया है हमें मिलकर उसे मुकाम तक लाना होगा।

    इस अवसर पर उत्तराखंड सस्कृत अकादमी के प्रतिनिधि के रूप में आए दुर्गा दत्त कपिलाश्रमी संस्कृत विद्यालय हल्द्वानी के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद भट्ट द्वारा भी संस्कृत शिक्षा एवं संस्कृत भाषा आदि के बारे में अपने विचार रखे। उन्होंने अवगत कराया की संस्कृत अकादमी उत्तराखंड की ओर से वर्तमान में ग्राम प्रशिक्षक के तौर पर दीपक चंद पांडे की नियुक्ति यहां आदर्श संस्कृत ग्राम पांडे गांव में की गई है जिनके द्वारा पंचायत भवन पांडे गांव में सुनिश्चित पाठ्यक्रम का आयोजन संचालित किया जा रहा है।
    इस अवसर पर नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान पाण्डे गाँव प्रभा पाण्डे, नवनिर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य राहुल पंत, जिला शिक्षा अधिकारी पी आर टमटा,सहित अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सकृत अकादमी के ग्राम प्रशिक्षक दीपक चंद पांडे द्वारा किया गया।