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हरिद्वार—  उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्य की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।

इस अवसर पर उन्होंने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र प्रदान किए तथा साइबर अपराध से निपटने के लिए राज्य में ई-Zero FIR प्रणाली का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के दौरान गृहमंत्री ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित हिंगलाज माता मंदिर से जुड़े परिवारों समेत कई शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाणपत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि Citizenship Amendment Act के तहत पाकिस्तान और अफगानिस्तान से उत्पीड़न झेलकर भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के लोगों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए नागरिकता दी जा रही है।

इस मौके पर उत्तराखंड पुलिस में चयनित 1900 नवआरक्षियों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। गृहमंत्री ने कहा कि राज्य में पारदर्शी व्यवस्था के तहत युवाओं को “बिना पर्चा और बिना खर्चा” सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि नकल विरोधी कानून से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है।

साइबर अपराध पर सख्ती: ई-Zero FIR की शुरुआत

कार्यक्रम में गृहमंत्री ने ई-Zero FIR प्रणाली का शुभारंभ किया। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के तहत शुरू की गई यह व्यवस्था विशेष रूप से एक लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार की गई है।

अब 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज शिकायतें देहरादून स्थित राज्य साइबर पुलिस स्टेशन में ई-Zero FIR के रूप में दर्ज होंगी और तुरंत सीसीटीएनएस के माध्यम से संबंधित थाने को भेजी जाएंगी। इससे पुलिस को गोल्डन ऑवर में कार्रवाई, साक्ष्य जुटाने और संदिग्ध लेन-देन को फ्रीज़ करने में मदद मिलेगी, जिससे ठगी गई रकम की रिकवरी की संभावना बढ़ेगी।

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विकास योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के भाषणों पर आधारित पुस्तक ‘विकल्प रहित संकल्प’ का विमोचन भी किया गया तथा राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।

अपने संबोधन में गृहमंत्री ने उत्तराखंड आंदोलन को याद करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड का गठन किया और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में उत्तराखंड में ऑलवेदर रोड, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर और अन्य कई बुनियादी परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है।

गृहमंत्री ने बताया कि 2004-2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र से लगभग ₹54 हजार करोड़ मिले थे, जबकि उसके बाद यह राशि बढ़कर ₹1.87 लाख करोड़ से अधिक हो गई है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय भी अब ₹2.6 लाख से अधिक हो चुकी है और जीएसडीपी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य पलायन रोकना और सीमावर्ती गांवों को मजबूत बनाना है। साथ ही उन्होंने 2027 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले को ऐतिहासिक और रिकॉर्ड तोड़ आयोजन बनने की उम्मीद जताई।


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