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उत्तराखंड—  पिथौरागढ़ निवासी 23 वर्षीय ललिता देवी पत्नी सुनील कुमार को प्रसव संबंधी गंभीर स्थिति के चलते बीती रात जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ से अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

जानकारी के अनुसार गर्भ में ही शिशु की मृत्यु हो चुकी थी और डॉक्टरों के सामने प्रसूता ललिता देवी की जान बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया था। उपचार के लिए तत्काल A+ रक्त की आवश्यकता थी, लेकिन उस समय मेडिकल कॉलेज में भी यह रक्त उपलब्ध नहीं हो पा रहा था।

इस गंभीर स्थिति की सूचना पिथौरागढ़ से सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे को दी गई। सूचना मिलते ही संजय पाण्डे ने बिना देर किए आज सुबह अपने मित्र झिझाड़ क्षेत्र के पार्षद मोनू साह से फोन पर संपर्क कर रक्त की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया।

काफी प्रयासों के बावजूद जब कहीं से भी आवश्यक रक्त की व्यवस्था नहीं हो पाई, तो पार्षद मोनू साह स्वयं आगे आए और मानवता का परिचय देते हुए अपना A+ रक्तदान कर दिया।

मोनू साह के इस सराहनीय और संवेदनशील कदम से समय पर रक्त उपलब्ध हो सका और प्रसूता का उपचार संभव हो पाया। उनके इस कार्य की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने पार्षद मोनू साह के इस मानवीय कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में किसी की मदद के लिए आगे आना ही सच्ची मानवता है, और मोनू साह ने एक बार फिर समाज के सामने सेवा और संवेदना की प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।

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