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चम्पावत—  प्रारम्भिक शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने तथा छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीकी एवं सुविधायुक्त वातावरण में शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा प्रारम्भिक शिक्षा स्तर पर उत्कृष्ट विद्यालय (Centre for Excellence) स्थापित किए जाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।

इसी क्रम में शुक्रवार को जिला सभागार में जिलाधिकारी  नवनीत पांडे की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि इसके तहत ऐसे विद्यालयों का चयन किया जाएगा, जो विभिन्न शैक्षिक, भौगोलिक एवं भौतिक संसाधनों से संबंधित मानकों पर खड़े उतरते हों।

इनमें विद्यालय की अवस्थिति, आधारभूत संरचना, विद्युत कनेक्शन, तकनीकी उपकरणों की उपलब्धता, आंगनबाड़ी की निकटता, भूमि की उपलब्धता आदि प्रमुख बिंदु शामिल हैं।

इन उत्कृष्ट विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, पुस्तकालय, खेल मैदान, बालवाटिका जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, प्रति विद्यालय न्यूनतम 4 शिक्षक अथवा आर.टी.ई. मानकों के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी। छात्रों की आवश्यकता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

छात्रों के ट्रान्सपोर्ट/एस्कॉर्ट के लिए परिवहन सुविधा हेतु विशेष धनराशि प्रति बच्चा प्रति दिवस ₹100/- की दर से दी जाएगी , जिसमें उत्कृष्ट विद्यालय से छात्र के निवास स्थान/ चयनित उत्कृष्ट विद्यालय के सेवित ग्राम से इतर अन्य सेवित ग्राम से आने वाले छात्र-छात्राओं सम्बन्धित शर्तें लागू होंगी।

योजना के क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, आरटीओ/एआरटीओ, जिला शिक्षा अधिकारी, अधिशासी अभियंता (PWD), खण्ड विकास अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं उप शिक्षा अधिकारी को सदस्य के रूप में सम्मिलित किया गया है।

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मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में 26 राजकीय प्राथमिक विद्यालय एवं 1 उच्च प्राथमिक विद्यालय को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है।

जिलाधिकारी  पांडे ने बैठक में निर्देशित किया कि उप जिलाधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी की एक सब-कमेटी गठित की जाए जो जनपद में अवस्थित विद्यालयों का निरीक्षण व विस्तृत सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे।

इस रिपोर्ट के आधार पर उत्कृष्ट विद्यालयों का चिन्हीकरण किया जाएगा। जिसके बाद संबंधित क्षेत्र के नागरिकों से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे जिसके आधार पर अंतिम चयन सूची तैयार की जाएगी।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना से वर्तमान में संचालित अन्य विद्यालयों के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, वे पूर्व की भांति सुचारु रूप से चलते रहेंगे।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार, अपर जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा, उप जिलाधिकारी चंपावत अनुराग आर्य, अलकेश नौड़ियाल, जिला शिक्षा अधिकारी मान सिंह, प्रकाश सिंह जंगपांगी, खंड विकास अधिकारी चंपावत अशोक अधिकारी, ईई लोनिवि एम सी पलड़िया, उप शिक्षा अधिकारी संजय भट्ट, कमल भट्ट व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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