Spread the love

चंपावत—  उत्तराखंड के चंपावत जिले में 16 वर्षीय नाबालिग से कथित गैंगरेप के मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। मामले की जांच कर रही पुलिस की विशेष जांच टीम ने अब तक की जांच के आधार पर इसे सुनियोजित साजिश करार दिया है।

पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों में गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के अनुसार, नाबालिग ने न्यायालय में दिए गए बयान में कहा है कि उसके साथ कोई दुष्कर्म नहीं हुआ और पूरा घटनाक्रम रिश्ते में चाचा लगने वाले कमल रावत की साजिश का हिस्सा था।

एसपी रेखा यादव ने बताया कि कथित तौर पर बच्ची को उसके बीमार पिता के इलाज और आर्थिक मदद का लालच देकर इस पूरे मामले में शामिल किया गया। पुलिस का दावा है कि जांच में सामने आए तथ्य आरोपों से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं।

पुलिस जांच के अनुसार, नाबालिग लड़की गांव सल्ली में आयोजित एक शादी समारोह में अपनी इच्छा से अपने एक परिचित के साथ गई थी। SIT ने स्थानीय लोगों से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं।

जांच में बच्ची की लोकेशन और गतिविधियों को कॉल डिटेल रिकॉर्ड तथा CCTV फुटेज से ट्रेस किया गया। पुलिस का कहना है कि घटना वाले दिन वह कई अलग-अलग स्थानों पर गई थी, जिसकी पुष्टि तकनीकी साक्ष्यों से हुई है।

मेडिकल जांच में भी शरीर पर किसी तरह की बाहरी या अंदरूनी चोट, संघर्ष या जबरदस्ती के स्पष्ट संकेत नहीं मिले। इसी आधार पर पुलिस अब मामले को दूसरे एंगल से भी देख रही है।

See also  Big Update:- बनभूलपुरा रेलवे भूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट में 18 नवंबर को अहम सुनवाई,,,।

पुलिस जांच में गवाहों के बयान तकनीकी साक्ष्यों से मेल नहीं खाते पाए गए। इससे पूरे घटनाक्रम को लेकर संदेह और गहरा हुआ।

जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाले दिन कमल रावत, पीड़िता और उसकी एक महिला मित्र के बीच लगातार बातचीत और संपर्क हुआ था। पुलिस इसे मामले की अहम कड़ी मान रही है।

वहीं, जिन तीन लोगों – विनोद सिंह रावत, नवीन सिंह रावत और पूरन सिंह रावत — को नामजद किया गया था, उनके घटना के समय मौके पर मौजूद होने के सबूत अब तक नहीं मिले हैं। पुलिस का कहना है कि गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्य उनकी अनुपस्थिति की ओर इशारा करते हैं।

बदले की भावना से रची गई साजिश” : एसपी

एसपी रेखा यादव ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 सदस्यीय SIT गठित की गई थी। टीम ने मेडिकल रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, CCTV फुटेज और CDR का विस्तृत विश्लेषण किया।

उन्होंने कहा कि अब तक की जांच में बदले की भावना से साजिश रचे जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक कमल रावत और उसकी एक महिला सहयोगी ने कथित रूप से पूरे घटनाक्रम की योजना बनाई थी।

हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में फॉरेंसिक और डिजिटल जांच अभी जारी है। सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और यदि आरोप भ्रामक या मनगढ़ंत पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अफवाहों से बचें और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें।

See also  हल्द्वानी में बीजेपी का महामंथन शुरू,,,, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन देंगे जीत का मंत्र,,,, 2027 चुनाव का बनेगा रोडमैप।

Spread the love

You missed