हल्द्वानी–   उत्तराखंड को विकास की ऊंचाइयों तक पहुंचाने, जल-जंगल-जमीन के हक और उससे प्रदेश को लाभ कैसे मिले, इस विषय पर कार्यक्रम से पूर्व न्याय के देवता गोलू देवता के दर्शन किए गए और उसके बाद बालाजी वाटिका हॉल में तीसरे राजनीतिक विकल्प के लिए एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

यूजीसी का विरोध :- उत्तराखंड में तीसरे विकल्प की आगाज ,,, 1 नवंबर को देहरादून में विशाल जनसभा,,।

कार्यक्रम में शांभवी पीठ के पीठाधीश्वर आनंद स्वरूप महाराज जी ने कहा कि प्रदेश में तीसरा विकल्प तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही प्रदेश को लूटने में लगी हैं। “एक पार्टी नागनाथ है तो दूसरी सांपनाथ है, जिन्होंने उत्तराखंड की जनता को छला है।”

महाराज जी ने कहा कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार चरम पर है, अधिकारियों से जनता परेशान है, हर जगह लूट का माहौल है और जनता भय के माहौल में जी रही है। जनता अब तीसरे विकल्प की मांग कर रही है।

उन्होंने कहा कि आज अलग-अलग कानून लाकर, UGC जैसे कानूनों के जरिए समाज को जाति-धर्म में बांटकर हिंदुओं को बांटने का काम किया जा रहा है। हम समाज में समानता के अधिकार की मांग करते हैं। हम हर गरीब को गरीबी के आधार पर आरक्षण के पक्षधर हैं और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का आह्वान कर रहे हैं।

महाराज आनंद स्वरूप जी ने कहा कि *1 नवंबर को देहरादून से एक विशाल जनसभा के साथ उत्तराखंड के हितों को ध्यान में रखते हुए तीसरे राजनीतिक विकल्प का शंखनाद किया जाएगा।* हमारे लोग लगातार हर जिले में काम में जुटे हैं। मजबूत विकल्प आज उत्तराखंड की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

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कार्यक्रम के संयोजक एवं मुख्य रूप से उपस्थित लोगों में भुवन भट्ट, विशाल शर्मा, तेज सिंह कार्की, अमित चौहान, दीपक जोशी, मनोहर मिश्रा, दिनेश थुआल, बालम जोशी, विजय तिवारी, देवेंद्र सिंह खाती, बृजपाल नेगी, राकेश चौहान, भुवन सत्यवली, हेम भट्ट, सुरेश शर्मा, प्रकाश शर्मा, प्रकाश मंडोलिया, अनिता जोशी, किरन बोरा आदि सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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