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पौड़ी—   दूरदर्शिता, तकनीक का सशक्त उपयोग और जनहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प, ये सभी बातें पूरी तरह चरितार्थ होती हैं, जब हम जनपद पौड़ी के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान द्वारा शुरू की गई ‘सेफ सफर ऐप’ से परिचित होते हैं।

इस पहल ने पौड़ी को उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण बना दिया है। आज जब देशभर में सड़क सुरक्षा एक गंभीर चुनौती है, तब जनपद पौड़ी की यह पहल एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरी है।

उत्तराखंड प्रदेश के जनपद पौड़ी में यह पहली बार हुआ है, जब शादियों में किराए पर लिये जाने वाले व्यवसायिक वाहनों की निगरानी और पंजीकरण के लिए एक समर्पित डिजिटल पोर्टल तैयार किया गया हो।

यह ऐप (पोर्टल) वर्ष जून 2023 में शुरू किया गया था। जिस क्षेत्र में बारात की बस व टैक्सी-मेक्सी जाती हैं, उन क्षेत्रों के राजस्व कर्मी और पुलिस कर्मी उनसे ‘सेफ सफर एप’ में पंजीकरण किया है या नहीं, इसकी जानकारी भी लेते हैं।

इससे जनपद में ओवर लोडिंग न होने ओर शराब पीकर वाहन का संचालन नहीं करने पर दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा। जब से इस ऐप की शुरुआत हुई है, तब से शादियों के लिए हायर हुए व्यवसायिक वाहनों की दुर्घटनाओं में कमी देखने को मिली है।

16 जून 2023 को शुरू हुआ यह ऐप न केवल तकनीकी नवाचार का उदाहरण है, बल्कि यह दिखाता है कि एक ईमानदार और संवेदनशील प्रशासक अपने जनपद की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर कितना सजग हो सकता है।

‘सेफ सफर ऐप’ पौड़ी जनपद में शादियों के दौरान होने वाली वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाता है। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने न केवल इस पोर्टल को बनवाया, बल्कि इसके संचालन में विभिन्न विभागों जैसे राजस्व, पुलिस और परिवहन के समन्वय को भी सुनिश्चित किया, जिससे निगरानी मजबूत हुई और व्यवस्था पारदर्शी बनी।

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“सेफ सफर ऐप” में पंजीकरण की अनिवार्यता और अस्थाई परमिट की प्रक्रिया ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी वाहन बिना वैध दस्तावेज और सुरक्षा मानकों के बिना सड़क पर न उतरे।

यही वजह है कि 2023 से लेकर 2025 तक हजारों वाहन स्वामियों ने इसमें पंजीकरण कराया और दुर्घटनाओं में गिरावट दर्ज की गयी।

यह ऐप सिर्फ एक डिजिटल व्यवस्था नहीं, बल्कि एक सोच है, जिसमें जीवन की रक्षा को प्राथमिकता दी गयी है। बारातियों की सुरक्षा, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण, चालक की नशे में गाड़ी न चलाने की शपथ, ये सभी बातें इस बात को दर्शाती हैं कि यह योजना कितनी मानवीय और दूरदर्शी है।

आरटीओ द्वारिका प्रसाद ने बताया कि शादी समारोहों के लिए हायर की गई सभी बसों व टैक्सी मैक्सी को ‘सेफ सफर ऐप’ पर पंजीकरण कराना होगा। साथ ही केवल बस संचालकों को अनिवार्य रूप से आरटीओ कार्यालय से शादी में जाने के लिए अस्थायी परमिट लेना होता है।

यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि वाहन चालक नशे में न हों, कागजात पूरे हों और ओवरलोडिंग या ओवरस्पीडिंग न हो।

उन्होंने यह भी बताया कि पोर्टल के शुरू होने 16 जून 2023 में 280 बसों व 33 टैक्सी-मेक्सी, वर्ष 2024 में 525 बसों और 103 टैक्सी-मेक्सी और 2025 में वर्तमान तक 164 बसों व 61 टैक्सी-मेक्सी वाहन स्वामियों द्वारा पंजीकरण कराया गया है।

इस ऐप ने रजिस्ट्रेशन के लिए  सबसे पहले वाहन स्वामी को https://safesafarpauri.in लिंक पर जाएं।

उसके बाद चालक, परिचालक और वाहन स्वामी के मोबाइल नंबर से OTP सत्यापन करें।

इसके बाद एक ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा, जिसमें वाहन चालक/परिचालक का विवरण, पंजीकरण, बीमा, फिटनेस की वैधता, बारात की यात्रा का मार्ग, दिनांक और पड़ाव दर्ज करना होगा।

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वहीं अंत में सत्यनिष्ठा घोषणा भरनी होती है, जिसमें नशे में वाहन नहीं चलाया जाएगा, सीट के अनुसार सवारी बैठाई जाएगी और तेज रफ्तार नहीं की जाएगी।


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