Category: देहरादून

  • कालाढूंगी पुलिस ने नशे में ड्राइविंग करने वाले व्यक्ति को किया गिरफ्तार, वाहन सीज, DL निरस्तीकरण*

    कालाढूंगी पुलिस ने नशे में ड्राइविंग करने वाले व्यक्ति को किया गिरफ्तार, वाहन सीज, DL निरस्तीकरण*

    कालाढ़ोंगी–  -कालढ़ोंगी पुलिस को डायल 112 के माध्यम से प्राप्त सूचना के आधार पर, थाना कालाढूंगी पुलिस द्वारा तत्काल कार्यवाही की गई।

     

     

    सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति सड़क पर अपनी कार को लहरा कर चला रहा है। इस पर *थानाध्यक्ष कालाढूंगी  पंकज जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नैनीताल तिराहे पर चेकिंग अभियान चलाया। वहां वाहन संख्या यूपी 15E1365 के चालक इमरान पुत्र इलियास निवासी ज़खीर नगर, सेक्टर 25, साउथ दिल्ली, उम्र 32 वर्ष को नशे में वाहन चलाते पाया गया।

     

    पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए चालक को नियमानुसार गिरफ्तार कर वाहन को सीज कर दिया गया। वाहन चालक के ड्राइविंग लाइसेंस के कैंसिलेशन की रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जा रही है।

     

    इसके अतिरिक्त सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत नैनीताल पुलिस द्वारा लगातार जनमानस को जागरुक करते हुए 687 लापरवाह वाहन चालकों के विरुद्ध कार्यवाही कर जुर्माना जमा करवाया गया, 04 वाहन सीज, 08 DL निरस्तीकरण की कार्यवाही की गई।

     

     

    एस एस पी नैनीताल का संदेश “नैनीताल में किसी भी तरह के अपराध या नशे में वाहन चलाने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षित सड़कों और समाज के लिए नैनीताल पुलिस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।”

  • आखिर ऐसा क्या हुआ जो  मेहमान खिलाड़ी का हाल-चाल जानने अल्मोड़ा पहुंची खेल मंत्री।

    आखिर ऐसा क्या हुआ जो मेहमान खिलाड़ी का हाल-चाल जानने अल्मोड़ा पहुंची खेल मंत्री।

    अल्मोड़ा– योगासन प्रतियोगिता के दौरान जिन खिलाड़ियों की को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई थी उनका हाल-चाल जानने खेल मंत्री रेखा आर्या सोमवार देर शाम अल्मोड़ा पहुंच गई। खेल मंत्री ने बताया कि अब सारे खिलाड़ी पूरी तरह फिट हैं।

     

     

    एक दिन पहले ऐसी खबरें आई थी कि अल्मोड़ा में योगासन प्रतियोगिता में भाग लेने आए तमिलनाडु के दो-तीन खिलाड़ियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई थी।

     

    सोमवार को खेल मंत्री रेखा आर्या अचानक कार्यक्रम में बदलाव करते हुए सीधे अल्मोड़ा पहुंच गई। वहां उन्होंने खिलाड़ियों से बातचीत करके उनका हाल-चाल जाना। इसके अलावा खेल मंत्री ने चिकित्सकों की टीम से भी बात की।

     

     

    खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि खिलाड़ियों को स्वास्थ्य संबंधी हल्की परेशानी मौसमी बदलाव के चलते हुई थी। अब सभी खिलाड़ी पूरी तरह फिट हैं और वह पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार अपनी खेत स्पर्धा में भाग लेने के लिए तैयार हैं।

     

     

    खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि हर आयोजन स्थल पर ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए काबिल चिकित्सकों की पर्याप्त टीम मौजूद है। खेल मंत्री ने बताया कि सरकारी चिकित्सको के अलावा प्रदेश में कई जगह निजी अस्पताल और मिलिट्री अस्पतालों से भी समन्वय बनाया गया है।

     

     

    खेल मंत्री रेखा आर्या नें मेहमान खिलाड़ियों से कहा कि ” जब तक वह उत्तराखंड में है…. तब तक एक खेल मंत्री के रूप में मेरी भूमिका सिर्फ व्यवस्थापक की ही नहीं है बल्कि आपके अभिभावक के रूप में हर वक्त मैं आपके साथ मौजूद हूं।

     

     

    कभी भी यह मत समझिए कि यहां आप अपने माता-पिता और परिवार से दूर है… आपकी फिक्र हम करेंगे आप बस बिंदास होकर खेलिए।

  • विवेक पांडे ने वेटलिफ्टिंग में जीता कांस्य, खेल मंत्री ने दी बधाई।

    विवेक पांडे ने वेटलिफ्टिंग में जीता कांस्य, खेल मंत्री ने दी बधाई।

    देहरादून– उत्तराखंड के विवेक पांडे ने पुरुषों की 109+ किलोग्राम भारवर्ग वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। विवेक की इस उपलब्धि पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने उन्हें बधाई दी है।

     

     

    यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले नेशनल गेम्स में उत्तराखंड ने इस श्रेणी में भाग नहीं लिया था। चंपावत जिले के टनकपुर निवासी विवेक ने महज दो साल पहले वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। अपनी इस सफलता पर उन्होंने अपने माता-पिता और कोच को श्रेय दिया।

     

     

    खेल मंत्री रेखा आर्या ने विवेक पांडे को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि सिर्फ 2 साल के अभ्यास से अपने स्तर को इतने ऊपर तक उठाना बड़ी बात है, इससे इस खिलाड़ी के जज्बे, दृढ निश्चय और समर्पण का पता चलता है।

     

     

    खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विवेक की इस सफलता ने राज्य को वेटलिफ्टिंग क्षेत्र को नई पहचान दी है और उनके इस पदक से प्रेरित होकर उत्तराखंड के और युवा इस खेल की ओर आकर्षित होंगे।

  • इंद्र सूर्य ट्रस्ट (IST) ने  शुरु की दान अभियान की शुरुआत ।,

    इंद्र सूर्य ट्रस्ट (IST) ने शुरु की दान अभियान की शुरुआत ।,

    देहरादून–/इंद्र सूर्य ट्रस्ट (IST) ने वर्ष के पहले दान अभियान की शुरुआत की,जो समुदाय की सहायता और उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था। यह कार्यक्रम 31 जनवरी 2025 को सरकारी प्राथमिक विद्यालय, नया गांव, देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित किया गया।

     

    इस अवसर की गरिमा को बढ़ाने के लिए IST के संस्थापक और अध्यक्ष ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

     

     

    कार्यक्रम की शुरुआत श्री सागर लामा (पार्षद) और क्षेत्र के प्रमुख नागरिकों का हार्दिक स्वागत करके की गई। पूरा IST टीम इस आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए मौजूद था।

     

    इस अवसर पर कर्नल थापा ने एक प्रेरणादायक भाषण दिया, जिसने सभी को जरूरतमंदों की सहायता के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।

     

    कर्नल थापा ने स्वयं सरकारी प्राथमिक विद्यालय के बच्चों और आशा कार्यकर्ताओं को आवश्यक वस्तुएं वितरित कीं। दान किए गए सामानों में बच्चों के लिए टेबल, कुर्सियां, ट्रैकसूट तथा आशा कार्यकर्ताओं के लिए बैग, लंच बॉक्स और पानी की बोतलें शामिल थीं। यह वितरण सम्मानित अतिथियों, मीडिया कर्मियों और विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रेखा राणा की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

     

    यह कार्यक्रम अत्यधिक सफल रहा और पूरे आयोजन में खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा।

     

    बच्चों और आशा कार्यकर्ताओं ने इस उदार दान के लिए न केवल आभार व्यक्त किया, बल्कि उन्हें प्रदान किए गए नाश्ते का भी भरपूर आनंद लिया। बच्चों से लेकर अतिथियों तक, हर किसी ने इस कार्यक्रम को उल्लासपूर्वक मनाया।

     

    IST टीम ने पूरे समर्पण के साथ यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो। अतिथियों और उपस्थित लोगों ने ट्रस्ट के प्रयासों की भरपूर सराहना की। विद्यालय की प्रधानाचार्या और बच्चों ने इस सहायता के लिए हृदय से धन्यवाद अर्पित किया।

     

    इंद्र सूर्य ट्रस्ट जरूरतमंदों की मदद करने के अपने संकल्प पर कायम है और हम हमेशा इस मिशन को जारी रखेंगे। एक संस्थापक और अध्यक्ष के रूप में, हमारी प्रेरित और मेहनती टीम के साथ, हम हमेशा उन लोगों की सहायता के लिए तैयार रहेंगे जिन्हें हमारी सबसे अधिक जरूरत है।

  • पहला गोल्ड मेडल आने पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने दी बधाइयां।

    पहला गोल्ड मेडल आने पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने दी बधाइयां।

    देहरादून– :- आज खिलाड़ियों की शानदार जीत पर खेलमंत्री रेखा आर्या नें कहा कि वुशु की हमारी टीमों ने अब तक बहुत शानदार प्रदर्शन किया है।

     

    हमारे पहले तीनों पदक वुशु की विभिन्न स्पर्धा में ही आए हैं। उत्तराखंड के लिए 38 वें नेशनल गेम्स में पहला गोल्ड मेडल जीतने पर मैं अकोम तापस को हार्दिक बधाई देती हूं। साथ ही ब्रॉन्ज मेडल जीतने के लिए विशम कश्यप को भी शुभकामनाएं।

     

    हमारी वुशु टीम को शानदार तैयारी कराने वाले कोच और सपोर्टिंग स्टाफ भी बधाई के पात्र हैं। मुझे उम्मीद है कि जैसे-जैसे खेल स्पर्धाएं होती जाएगी हमारी दूसरी टीमें भी इन खेलों में शानदार प्रदर्शन करेंगी।

  • इंतजार की घड़िया खत्म होने को, कुछ ही घंटो बाद उत्तराखण्ड के सबसे गौरवान्वित पल 38वें नेशनल गेम्स का होगा शुभारंभ ,,खेलमंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों को दिया संदेश – जाओ, छा जाओ।

    इंतजार की घड़िया खत्म होने को, कुछ ही घंटो बाद उत्तराखण्ड के सबसे गौरवान्वित पल 38वें नेशनल गेम्स का होगा शुभारंभ ,,खेलमंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों को दिया संदेश – जाओ, छा जाओ।

    देहरादून– 27 जनवरी- 38वें राष्ट्रीय खेलों के इंतजार की घड़ियां खत्म हो चुकी हैं और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी रंगारंग उद्घाटन समारोह में खेलों का आगाज करने जा रहे हैं।

     

     

    इसके लिए भारतीय ओलम्पिक संघ अध्यक्ष पीटी ऊषा समेत कई मेहमान पहुंच चुके हैं और बाकी मंगलवार दोपहर तक देहरादून पहुंच जाएंगे। खेलों की पूर्व संध्या पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने अपने खिलाड़ियों को संदेश दिया है – जाओ और खेल फलक पर छा जाओ।

     

     

    देश दुनिया की नजरें इस वक्त देवभूमि उत्तराखंड पर हैं। यहां 28 जनवरी से 38वें राष्ट्रीय खेलों का आगाज होने जा रहा है।

     

    राष्ट्रीय खेलों की उत्तराखंड अपने इतिहास में पहली बार मेजबानी कर रहा है।

     

    नेशनल गेम्स के लिए देश भर के खिलाड़ियों का उत्तराखंड पहुंचने का सिलसिला भी जारी है। नेशनल गेम्स में 9 हजार से ज्यादा खिलाड़ी उत्तराखंड की धरती पर अपना दमखम दिखाएंगे। खिलाड़ियों और स्टाफ को मिलाकर कुल 16,000 लोग यहां पहुंच सकते हैं।

     

     

    खेल मंत्री रेखा आर्या ने खेलों की पूर्व संध्या पर कहा कि सरकार के रूप में हम खेल आयोजन को बेहतर से बेहतर जो कर सकते थे वह सब किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब प्रदेश की टीमों से अपेक्षा है कि वे अपने दमदार प्रदर्शन से देवभूमि को गौरवांवित करें।

     

     

    सबसे ज्यादा 700 खिलाड़ी एथलेटिक्स में ट्रायथलॉन में 128, खो-खो में 240, वुशु में 390, शूटिंग 400, बैडमिंटन 240, फुटबॉल 352, राफ्टिंग 136, रग्बी 192, वेटलिफ्टिंग 160, स्क्वैश 192, बॉक्सिंग 208, योगासन 272, आर्चरी 288, रोइंग 240, हॉकी 360, लॉन टेनिस 100, नेटबॉल 352, मॉडर्न पेंटाथलॉन ऑन 320, जिमनास्टिक 350, एथलेटिक्स 700 खिलाड़ी भाग लेंगे।

     

    टेबल टेनिस 136, फेंसिंग 264, जूडो 253, रेसलिंग 288, क्लियर पट्टू 220, मलखम 192, लॉन बॉलिंग 112, एकॉस्टिक 588, साइकिलिंग 432, कैननोइंग एंड कयाकिंग 224, हैंडबॉल 416, कबड्डी 288, वॉलीबॉल 256 और बास्केटबॉल में 256 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।

     

     

    डे नाइट होंगे कई गेम्स-

    ग्राउंड्स पर डे नाइट कंपटीशन की पूरी तैयारी की गई है। कई प्रतियोगिताएं सुबह 6:00 बजे से और देर रात तक होंगी।

     

    आउटडोर इंडोर कंपटीशन के लिए इस्तेमाल होने वाली लाइट विशेष प्रकार की लाइट होगी, जिन्हें कंप्यूटर से कंट्रोल किया गया है ताकि लाइट का इफेक्ट गेम पर ना पड़े और किसी तरह का कोई शैडो खिलाड़ी को डिस्टर्ब ना करें। लाइटों को इस तरह से सेट किया गया है जो कि नेचुरल फील दे।

     

    नेशनल गेम्स में एथलेटिक्स रग्बी 7, आर्चरी, फुटबॉल, हॉकी जैसे आउटडोर मुकाबले ऐसे हैं जो कि स्पोर्ट्स लाइट की रोशनी में होंगे।

     

    खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि हर खेल में उस देश से उपकरण मंगाए गए हैं, जिनकी क्वालिटी विश्व स्तरीय लेवल पर बेस्ट मानी जाती है. सभी खेल आयोजनों पर सभी उपकरण इंस्टॉल किये जा चुके है।

     

    उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खेलों के सभी इवेंट्स प्रदेश में ही करने के लिए हमने कई खेल अवस्थापनाएं तैयार की हैं। हमारे यहां जिन खेलों को कराने की सुविधा नहीं थी। हमने समय रहते उन खेल विधाओं के लिए विश्वस्तर के खेल मैदान और साइकिलिंग वेलोड्रोम जैसी सुविधाएं विकसित की।

     

     

    मैदान के बीच में एक 60 फीट ऊंची वीडियो वॉल तैयार की जा रही है। जिस पर लाइट प्रोटेक्शन के माध्यम से फील्ड के हर कोने में वीडियो शो देखा जा सकेगा। इसके अलावा राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इसी वीडियो वॉल के चारों तरफ थ्री लेवल स्टेज तैयार किया जा रहा है, जिस पर कल 3 से 4 हजार आर्टिस्ट अलग-अलग समय में अपनी परफॉर्मेंस देंगे।

     

    बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल, पवनदीप राजन, पांडवाज बैंड आयोजन का मुख्य आकर्षण होंगे।

     

    पूरे स्टेडियम में तकरीबन 1000 से 1500 लाइटें इंस्टॉल की जा रही है, जो कि एक भव्य लाइट शो और उसके बाद फायर वर्क्स भी नेशनल गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में चार चांद लगाएगी।

     

    ओपनिंग सेरेमनी में शिरकत करेंगे करीब 25,000 लोग
    पूरे देश भर से तकरीबन 25,000 लोग इस भव्य ओपनिंग सेरेमनी में शिरकत करेंगे। अलग-अलग राज्यों से तकरीबन 20 से 25 एथलीट और स्पोर्ट्स ऑफिशल्स इस प्रोग्राम में भाग लेंगे।

     

    वहीं, फील्ड में एथलीट की परेड का पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुआयना करेंगे और उसके साथ ही उन्हें सलामी भी दी जाएगी। पीएम का स्टेज साउथ स्टैंड पर बनाया गया है।

     

    जबकि, पीएम मोदी के स्टेज के दाहिनी तरफ एक वीआईपी क्षेत्र रखा गया है। उसके बाद प्रेस के लोगों के लिए 200 सीट रिजर्व रखी गई है तो वहीं सामने वाले नॉर्थ स्टैंड में भी लोअर स्टैंड में वीआईपी और अपर स्टैंड में पब्लिक के लिए खुला रखा गया है।

  • उत्तराखंड समान नागरिक संहिता अधिनियम, 2024 के तहत वसीयत एवं पूरक प्रलेख (Testamentary Succession)।

    उत्तराखंड समान नागरिक संहिता अधिनियम, 2024 के तहत वसीयत एवं पूरक प्रलेख (Testamentary Succession)।

    देहरादून–उत्तराखंड सरकार द्वारा लागू “उत्तराखंड समान नागरिक संहिता अधिनियम, 2024” वसीयत (Will) और पूरक प्रलेख (Codicil) के निर्माण एवं रद्द करने (टेस्टामेंटरी सक्सेशन) के लिए एक सुव्यवस्थित ढाँचा प्रदान करता है। इस अधिनियम में वसीयत से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तार से चर्चा की गई है।

    राज्य द्वारा सशस्त्र बलों में उत्कृष्ट योगदान देने की परंपरा को देखते हुए, अधिनियम में “प्रिविलेज्ड वसीयत” को विशेष रूप से महत्व दिया गया है। इसके अनुसार, सक्रिय सेवा या तैनाती पर रहने वाले सैनिक, वायुसैनिक अथवा नौसैनिक, वसीयत को सरल और लचीले नियमों के तहत तैयार कर सकते हैं—चाहे वह हस्तलिखित हो, मौखिक रूप से निर्देशित की गई हो, या गवाहों के समक्ष शब्दशः प्रस्तुत की गई हो।

     

    इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कठिन व उच्च-जोखिम वाली परिस्थितियों में तैनात व्यक्ति भी अपनी संपत्ति-संबंधी इच्छाओं को प्रभावी ढंग से दर्ज करा सकें। उदाहरण के लिए, अगर कोई सैनिक स्वयं अपने हाथ से वसीयत लिखता है, तो उसके लिए हस्ताक्षर या साक्ष्य (अटेस्टेशन) की औपचारिकता आवश्यक नहीं होती, बशर्ते यह स्पष्ट हो कि वह दस्तावेज़ उसी की इच्छा से तैयार किया गया है।

     

    इसी तरह, यदि कोई सैनिक या वायुसैनिक मौखिक रूप से दो गवाहों के समक्ष वसीयत की घोषणा करता है, तो उसे भी प्रिविलेज्ड वसीयत माना जा सकता है, हालाँकि यह एक माह बाद स्वतः अमान्य हो जाएगी यदि वह व्यक्ति तब भी जीवित है और उसकी विशेष सेवा-स्थितियाँ (सक्रिय सेवा आदि) समाप्त हो चुकी हैं।

     

    इसके अतिरिक्त, यह भी संभव है कि कोई अन्य व्यक्ति सैनिक के निर्देशानुसार वसीयत का मसौदा तैयार करे, जिसे सैनिक ज़बानी या व्यवहार से स्वीकार कर ले; ऐसी स्थिति में भी उसे मान्य प्रिविलेज्ड वसीयत का दर्जा प्राप्त होगा।

     

    यदि सैनिक ने वसीयत लिखने के लिखित निर्देश दिए थे, पर उसे अंतिम रूप देने से पहले ही उसकी मृत्यु हो गई, तब भी उन निर्देशों को वसीयत माना जाएगा, बशर्ते यह प्रमाणित हो कि वह उन्हीं की इच्छाएँ थीं।

     

     

    इसी तरह, यदि दो गवाहों के सामने मौखिक निर्देश दिए गए और वे गवाह सैनिक के जीवनकाल में लिखित रूप में दर्ज कर पाए, पर दस्तावेज़ को औपचारिक रूप से अंतिम रूप नहीं दिया जा सका, तो भी ऐसे निर्देशों को वसीयत का दर्जा मिल सकता है।

     

    महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रिविलेज्ड वसीयत को भविष्य में सैनिक द्वारा चाहें तो एक नई प्रिविलेज्ड वसीयत (या कुछ परिस्थितियों में साधारण वसीयत) बनाकर रद्द या संशोधित भी किया जा सकता है, जिससे सैनिक की नवीनतम इच्छाएँ प्रतिबिंबित हों।

     

     

    यह संपूर्ण व्यवस्था उन जवानों के हितों की रक्षा करती है, जो विषम परिस्थितियों में रहते हुए भी अपनी संपत्ति से संबंधित निर्णय स्पष्ट रूप से दर्ज कराना चाहते हैं।

     

     

    जनसाधारण को सुविधाजनक और नागरिक-अनुकूल विधिक प्रक्रियाएँ उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के तहत, इन सेवाओं को शीघ्र ही एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी प्रस्तुत किया जाएगा।

     

     

    इससे आवेदन प्रक्रिया अधिक तेज़, सुचारु और कागज़ी कार्रवाई से मुक्त हो सकेगी, साथ ही एक सुदृढ़ डिजिटल रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा। ध्यान रहे कि वसीयत बनाना किसी के लिए अनिवार्य नहीं है; यह एक व्यक्तिगत निर्णय है। फिर भी, जो व्यक्ति अपनी संपत्ति के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित करना चाहते हैं, उनके लिए यह अधिनियम एक सुरक्षित और सरल व्यवस्था प्रस्तुत करता है।

     

     

    उप-निबंधकों, निबंधकों (Registrars) तथा महानिबंधक (Registrar General) की नियुक्ति यह सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि सभी आवेदनों का निपटान निश्चित समय-सीमा में हो। यह ढाँचा राज्य के नागरिकों को उनकी विधिक आवश्यकताओं के संदर्भ में प्रभावी सहयोग एवं पारदर्शिता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • नगर निगम देहरादून से भाजपा के सिंबल पर वार्ड नंबर 96 से पार्षद उम्मीद वीरेंद्र वालिया के लिए वोट मांगते उनके समर्थक।

    नगर निगम देहरादून से भाजपा के सिंबल पर वार्ड नंबर 96 से पार्षद उम्मीद वीरेंद्र वालिया के लिए वोट मांगते उनके समर्थक।

    देहरादून– नगर निगम देहरादून वार्ड नं 96 नवादा से भारतीय जनता पार्टी पार्टी चिन्ह कमल के फूल से पार्षद प्रत्याशी वीरेंद्र वालिया के समर्थकों द्वारा मिनी मसूरी एवं प्रवेश बिहार में समर्थकों द्वारा प्रचार प्रसार कर उनके पक्ष में मतदान कर उन्हें नगर निगम में पहुंचाकर वार्ड की सेवा का अवसर प्राप्त करें ।

     

    अपने घोषणापत्र में पार्षद प्रत्याशी वीरेंद्र वालिया ने वार्ड के लोगों से अपील की जैसा आप सबको ज्ञात है नगर निगम (स्थानीय निकाय) चुनाव की घोषणा हो चुकी है आने वाले 23 जनवरी 2025 को पार्षद एवं मेयर के लिए मतदान होना है। इस बार मैं आपके बीच पार्षद पद हेतु भाजपा द्वारा अधिकृत प्रत्याशी हूँ।

     

    सेवानिवृत्त होने के बाद से मैं निरंतर आप लोगों की सेवा में व क्षेत्र के विकास कार्यों में प्रयासरत रहा हूँ। 2014 में मेरी धर्मपत्नी प्रधान पद के लिये चुनी गई तब भी मैंने उनके सहयोग से सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं को जन-जन तक पहुँचाने लाभान्वित करने का प्रयास किया।

     

     

    बद्रीपुर से डिफेन्स कॉलोनी जाने वाला कच्चा मार्ग जो कि आजादी के बाद से अब तक नहीं बन पा रहा था मेरे अथक प्रयासों द्वारा रास्ते का भी निर्माण भी 2014 में धर्मपत्नी जी के कार्यकाल में ही कराया गया।

     

     

    आपको ज्ञात होगा कि इस क्षेत्र में केवल 1 ही ट्यूबवेल था। मेरे प्रयासों द्वारा आज क्षेत्र में ट्यूबवेल की संख्या 3 हो गई है। जिससे पानी की सप्लाई पूरे क्षेत्र में निरन्तर हो रही है। आने वाले 5 वर्षों में मेरा यह प्रयास रहेगा कि अन्य सभी योजनाओं के अतिरिक्त अपने वार्ड को और बेहतर एवं और अधिक सुविधाओं से युक्त किया जाय।

     

    स्ट्रीट लाइटों को टाइमर द्वारा जोड़ा जाना, सीसीटीवी कैमरा लगाना।

    बरसाती जल निकास हेतु भूमिगत नालियों का निर्माण, वर्तमान में बनी हुयी नालियों को भी भूमिगत किया जाना जिससे रोड़ का चौड़ीकरण हो सकें।अधिक सफाई कर्मचारी नियुक्त कराकर सफाई व्यवस्था को और अधिक बेहतर किया जाना।

    सरकारी योजनाओं द्वारा अपेक्षित लोगों को लाभ पहुँचाना।
    सामुदायिक भवनों, मन्दिरों, पार्को का अधिक सौंदर्गीकरण करना एवं अतिरिक्त पार्क का निर्माण किया जाना।वार्ड के अन्तर्गत रास्तों से अतिक्रमण हटवा के रास्तों का चौड़ीकरण करवाना।उचित स्थानों पर बैठने के लिए बैंच लगवाना एवं सेड का निर्माण करना।

     

     

    असमाजिक तत्वों का क्षेत्र में प्रवेश बंद कर सभी का सत्यापन कराना एवं क्षेत्र में सभी की सुरक्षा हेतु उपाय करना।अन्य सभी कार्य जो क्षेत्र की जनता द्वारा समय-समय पर मुझे निर्देशित किये जायेंगे उन्हे प्राथमिकता से करना।

     

     

    मुझे पूरा विश्वास है कि आप मुझे इस बार भारी मतों से विजयी दिलाकर आपकी सेवा करने का मैका अवश्य देगें। अंत में मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप सभी अपने मत का प्रयोग करें और कोई भी व्यक्ति अपने मताधिकार से वंचित न रहें।

  • राष्ट्रीय खेलों को लेकर मुख्यमंत्री की पहल, सोशल मीडिया अकाउंट्स की DP पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाए जाने का मुख्यमंत्री ने किया आग्रह।

    राष्ट्रीय खेलों को लेकर मुख्यमंत्री की पहल, सोशल मीडिया अकाउंट्स की DP पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाए जाने का मुख्यमंत्री ने किया आग्रह।

    देहरादून–मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेलों को लेकर चल रही तैयारी के बीच राज्य में प्रदेशवासियों से सामूहिक रूप से देवभूमि आ रहे खिलाड़ियों के स्वागत में विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट्स की DP पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाए जाने का आग्रह किया है।

     

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने का जो गौरव प्राप्त हुआ है, वो ऐतिहासिक है। आगामी राष्ट्रीय खलों में देशभर के विभिन्न राज्यों से लगभग 10,000 खिलाड़ी देवभूमि आ रहे हैं।

     

    उन्होंने जनता से निवेदन करते हुए कहा कि हमारी ‘अतिथि देवो भवः’ की संस्कृति का पालन करते हुए, सभी खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत करना है। और उनके उत्साहवर्धन हेतु अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की DP पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाना है।

     

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता सामूहिक तौर पर सभी खिलाड़ियों का स्वागत करेगी। सभी ने मिलकर आगामी राष्ट्रीय खेलों को विशेष और ऐतिहासिक बनाना है। हमारा यह कर्तव्य है कि देवभूमि आ रहे खिलाड़ी, हमारे राज्य से बेहतर यादें और अनुभव लेकर जाएं।

     

    उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कथन 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बनाए जाने के संकल्प में राष्ट्रीय खेल भी सहायक सद्ध होंगे।

  • काले कौवा काले घुघुति माला खा ले कहकर बुलाते हैं कौवो को:डा सोनी,, जानिए क्यों मनाते हैं इस त्योहार को,,,,

    काले कौवा काले घुघुति माला खा ले कहकर बुलाते हैं कौवो को:डा सोनी,, जानिए क्यों मनाते हैं इस त्योहार को,,,,

    देहरादून– घुघुति कुमाऊँ का एक विशेष त्योहार हैं इसदिन आटा के मोड़कर घुघुति बनाये जाते हैं।

     

    शुबह बच्चे इन्हें कौवों को बुलाकर खिलाते हैं। पर्यावरणविद् वृक्षमित्र डॉ त्रिलोक चंद्र सोनी कहते हैं हमारे यहां पौराणिक मान्यता हैं कि चंद्रवंश का कल्याण चंद राजा हुआ करता था उसका संतान न होने के वजन वह बागेश्वर बाघनाथ के मंदिर गया वहां उसे पुत्र वरदान में प्राप्त हुआ।

     

    उसका नाम निर्भयचंद रखा। उसके गले मे मोती माला जिसमें घुंघरू लगे थे। उसे पहनाते थे, बच्चे को माँ घुघुति नाम से पुकारती थी, बच्चा गुस्सा होता तो माँ कहती तेरी माला कौवों को दे दूं, बच्चा डर से मान जाता था ।

     

    आवाज सुनकर कौवे आसपास आ जाते थे। राजपाट की लालच में राजा का मंत्री व उसके साथी निर्भयचंद को मारने का षड्यंत्र रचने लगे और उसे उठाकर जंगल की ओर ले जाने लगे, बच्चा चिल्लाने लगा उसकी चिल्लाने की आवाज सुनकर कौवे वहां आ गए और कौवों ने मंत्री व उसके साथियों पर झपटना सुरु कर दिया, बच्चे को छोड़कर वे वहां से भागगये।

     

    डॉ सोनी कहते हैं सभी कौवे पेड़पर बैठे रहे औए एक कौवा बच्चा के गले से मोती की माला लेकर राजमहल के पास काऊ काऊ करने लगा। राजा कहने लगा ये क्यों चिल्ला रहा हैं देखा वहां बच्चे की माला थी राजा व उसके सैनिक कौवे के पीछे पीछे जाते रहे, जहां बच्चा था वहां पहुंच गए, बच्चे को देख कर राजा बहुत खुश हुआ, और बच्चे को लेकर घर आया।

     

    बच्चा देखकर माँ होश में आगई और बहुत खुश हुई। बच्चे की खुशी में विभिन्न प्रकार के पकवान बनाये गए।

     

    रानी ने बच्चे से कहा जा अपने दोस्त कौवों को इसे खिलाओ और वह बच्चा उन पकवानों को खिलाने के लिए कौवों को बुलाने लगा तब से यह त्यौहार मनाया जाता है । जिसे घुघुति त्योहार के नाम से जाना जाते हैं।

     

    किरन सोनी कहती हैं शुबह बच्चे उठकर काले कौवा काले, घुघुति माले खा ले, ले कौवा लगोड़ मैंखेड़ दे भैबड़ा दगोड़, कहकर कौवों को बुलाकर घुघुति को खिलाते हैं इस त्योहार को बच्चों का त्योहार भी कहते हैं। देश में इसे उत्तरायण व मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता हैं।