Category: देहरादून

  • उत्तराखंड में आज से फिर शुरू होगा नॉनस्टॉप बारिश का दौर,,,  इस जिले में स्कूल बंद,,,,  नैनीताल_ देहरादून_बागेश्वर में बहुत भारी बारिश के आसार..।.

    उत्तराखंड में आज से फिर शुरू होगा नॉनस्टॉप बारिश का दौर,,, इस जिले में स्कूल बंद,,,, नैनीताल_ देहरादून_बागेश्वर में बहुत भारी बारिश के आसार..।.

    देहरादून—   उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर अपना रूप दिखाने की तैयारी में है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार रविवार से प्रदेश में बारिश का दौर तेज होगा। खासकर 27 जुलाई (सोमवार) को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज गर्जना, आकाशीय बिजली और कुछ स्थानों पर अति तीव्र वर्षा होने की संभावना है। इसे देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

    मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए बागेश्वर जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट अनुराधा पाल के निर्देश पर 27 जुलाई (सोमवार) को जिले के सभी सरकारी, अशासकीय और निजी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12 तक) के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    मौसम विभाग के अनुसार 28 और 29 जुलाई को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर सहित कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की आशंका भी जताई गई है।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें। अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • प्रधानाचार्य आरती , शिक्षा मंत्री द्वारा” एक्सिलेंस अवार्ड” से सम्मानित।

    प्रधानाचार्य आरती , शिक्षा मंत्री द्वारा” एक्सिलेंस अवार्ड” से सम्मानित।

    देहरादून—  शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु देहरादून के जीजीआईसी रानीपोखरी की प्रधानाचार्या आरती चिटकारिया को शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत द्वारा स्कूल एक्सिलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।

    तुलाज यूनिवर्सिटी में अमर उजाला की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में शिक्षा मंत्री ने देहरादून की विभिन्न सरकारी और प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं में से चयनित संस्थाओं के प्रधानाचार्यों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया।

    कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नवाचार, अनुशासन, पाठ्य सहगामी गतिविधियों और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली शिक्षण संस्थाओं के संस्थाध्यक्षों के योगदान की सराहना और भविष्य के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना था।

    आरती चिटकारिया वर्तमान में डोईवाला विकासखंड के राजकीय बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज में बतौर प्रधानाचार्य कार्यरत हैं। वे लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित होकर 1997 से विभाग में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इससे पूर्व भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु उन्हें विभिन्न संस्थाओं तथा मंचों द्वारा विभिन्न सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है।

    उन्होंने बताया कि इस वर्ष विद्यालय में 10 बोर्ड का परीक्षाफल शत प्रतिशत रहा। साथ ही विभिन्न पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों में भी छात्राएं सराहनीय प्रदर्शन कर रही हैं। उनका मानना है कि प्रत्येक सम्मान जहां संतोष और गौरव की अनुभूति देता है वहीं भविष्य के लिए प्रोत्साहित भी करता है।

    कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। जिन्होंने अपने संबोधन में संस्थाध्यक्षों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इस आयोजन को एक सार्थक पहल बताया।

    उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 22 लाख विद्यालयों में 20 हजार शिक्षाविद् कार्यरत हैं जिनमें से कुछ चुनिंदा लोगों को सम्मानित किया जाना शिक्षा में उनके सार्थक प्रयासों को स्वतः प्रमाणित करता है।

    उन्होंने उपस्थित शिक्षाविदों से नई शिक्षा नीति, वर्तमान शिक्षण व्यवस्था और भविष्य में विद्यालयों की भूमिका पर भी अपने विचार साझा किए।

    समारोह में तुलाज यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरमैन रौनक जैन, वाइस प्रेसिडेंट डॉ राघव गर्ग सहित प्राचार्य, शिक्षाविद और कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

  • उत्तराखंड:- बड़ा फेरबदल, 11 IAS-IFS अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदलीं..।

    उत्तराखंड:- बड़ा फेरबदल, 11 IAS-IFS अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदलीं..।

    देहरादून—  उत्तराखंड की धामी सरकार ने शुक्रवार को राज्य की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए 11 वरिष्ठ IAS और IFS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है।

    सभी अधिकारियों को तत्काल नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

    इस फेरबदल में बृजेश कुमार संत को आबकारी सचिव बनाया गया है, जबकि

    रविनाथ रमन अब परिवहन सचिव और परिवहन आयुक्त होंगे।

    डॉ. सुरेंद्र नारायण पाण्डेय को विद्यालयी शिक्षा विभाग की कमान सौंपी गई है।

    डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय को सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है

    जबकि नितेश कुमार झा अब पंचायती राज विभाग के सचिव होंगे।

    वहीं, लंबे समय से बाध्य प्रतीक्षा में रहीं ज्योति यादव को गन्ना विकास एवं चीनी विभाग का सचिव बनाया गया है।

    रणवीर सिंह चौहान को वित्त सचिव की जिम्मेदारी मिली है।

    और युगल किशोर पंत को सचिवालय प्रशासन विभाग सौंपा गया है। इसके अलावा

    IFS अधिकारी डॉ. पराग मधुकर धकाते से पंचायती राज विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है।

    जबकि अभिषेक रूहेला को अपर सचिव राज्य सम्पत्ति विभाग एवं राज्य सम्पत्ति अधिकारी नियुक्त किया गया है।

    सरकार का कहना है कि इस प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाना, प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना और विकास कार्यों में तेजी लाना है।

  • उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में पेपर लीक : दो परीक्षाएं रद्द, हजारों छात्रों को फिर देनी होगी परीक्षा।

    उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में पेपर लीक : दो परीक्षाएं रद्द, हजारों छात्रों को फिर देनी होगी परीक्षा।

    उत्तराखंड–  उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (UTU) में दो सेमेस्टर परीक्षाओं के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक होने का मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी ने जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद दोनों परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इस फैसले से प्रदेश के 12 इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों छात्र प्रभावित हुए हैं, जिन्हें अब दोबारा परीक्षा देनी होगी।

    UTU पेपर लीक: दो परीक्षाएं रद्द, हजारों छात्रों पर फिर परीक्षा का बोझ

    देशभर में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर बढ़ती चिंता के बीच उत्तराखंड से भी एक गंभीर मामला सामने आया है। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (UTU) की दो सेमेस्टर परीक्षाओं के प्रश्नपत्र कथित तौर पर परीक्षा से पहले व्हाट्सऐप पर साझा किए गए।

    मामले का खुलासा होने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित दोनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। इससे हजारों छात्रों को दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी पड़ेगी, जिससे उनकी पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

    व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा हुआ प्रश्नपत्र

    यूनिवर्सिटी की जांच में सामने आया कि देहरादून स्थित शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता पर प्रश्नपत्र छात्रों के व्हाट्सऐप ग्रुप और एक ऑनलाइन पोर्टल पर साझा करने का आरोप है।

    वाइस चांसलर के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय जांच समिति और कॉलेज की आंतरिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।

    आरोपी प्रोफेसर पर 7 साल की रोक

    UTU ने कड़ी कार्रवाई करते हुए डॉ. आशीष कुमार गुप्ता को अगले सात वर्षों तक यूनिवर्सिटी की किसी भी परीक्षा संबंधी जिम्मेदारी से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही, परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में लापरवाही के आरोप में शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को भी कड़ी चेतावनी जारी की गई है।

    अगस्त में फिर होगी परीक्षा

    परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीके पटेल के अनुसार, ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ और ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ विषयों की परीक्षाएं रद्द की गई हैं।

    अब दोनों विषयों की दोबारा परीक्षा अगस्त के तीसरे सप्ताह में कराई जाएगी। नई परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की सूची जल्द ही यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

    इन 12 इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र प्रभावित

    बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज

    तुलाज इंस्टीट्यूट

    बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान

    रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी

    शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग

    जयरामभाई पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी

    माया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी

    बाबा फरीद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी

    टीएचडीसी इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोपावर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी

    नन्हीं परी सीमांत इंजीनियरिंग संस्थान

    वूमेन्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी

    इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी

  • थाने से महज 200 मीटर दूर सनसनीखेज मर्डर,,, घर में घुसकर दीपक हत्या,,।

    थाने से महज 200 मीटर दूर सनसनीखेज मर्डर,,, घर में घुसकर दीपक हत्या,,।

    उत्तराखंड–  देहरादून में बुधवार शाम एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। पटेलनगर थाना से महज 200 मीटर दूर एक घर में घुसकर 48 वर्षीय दीपक गुप्ता की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। बड़ी बात यह रही कि परिजनों ने मौके पर ही एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

    पुलिस के अनुसार, शाम करीब 5 बजे चाकू से हमले की सूचना मिली। जब परिजन कमरे की ओर पहुंचे तो दीपक गुप्ता खून से लथपथ पड़े थे और एक युवक हाथ में चाकू लिए खड़ा था। परिजनों ने साहस दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया।

    हत्या के आरोप में माजरा निवासी 20 वर्षीय रोहन प्रजापति को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि दीपक गुप्ता ब्याज पर पैसे देने का काम करते थे, इसलिए पुलिस पैसों के लेनदेन समेत सभी संभावित एंगल पर जांच कर रही है।

    सूत्रों के अनुसार, वारदात के समय तीन युवक घर में दाखिल हुए थे, जिनमें से दो फरार बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक केवल एक युवक के घर में घुसने की पुष्टि की है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

  • सनसनीखेज वारदात :- महिला को गोली मारने के बाद युवक ने खुद को भी मारी गोली,,,मौत…।

    सनसनीखेज वारदात :- महिला को गोली मारने के बाद युवक ने खुद को भी मारी गोली,,,मौत…।

    उत्तराखंड—  देहरादून में विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के कल्याणपुर में बुधवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां एक युवक ने महिला को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली।

    घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि महिला गंभीर रूप से घायल है और उसे देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    पुलिस के अनुसार, चकराता निवासी कमलेश ने त्यूणी निवासी संगीता पर तमंचे से फायर किया। गोली महिला की कनपटी को छूते हुए निकल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके बाद कमलेश ने अपनी कनपटी पर गोली मार ली। घटना के समय महिला के दोनों बच्चे स्कूल गए हुए थे।

    सुबह करीब 10:15 से 10:20 बजे के बीच गोलियों की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद पुलिस ने दरवाजे की जाली तोड़कर अंदर प्रवेश किया।

    कमरे के अंदर कमलेश और संगीता दोनों खून से लथपथ पड़े मिले। जांच में पता चला कि कमलेश की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि संगीता की सांसें चल रही थीं। पुलिस ने घायल महिला को तत्काल विकासनगर के लेहमन अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में देहरादून के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

    प्रेम प्रसंग की आशंका

    प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, कमलेश और संगीता दोनों ही शादीशुदा थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि कमलेश का संगीता के घर पर अक्सर आना-जाना था। इसी आधार पर पुलिस इस घटना को आपसी संबंधों से जोड़कर जांच कर रही है।

    फॉरेंसिक जांच जारी

    घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने फिंगरप्रिंट्स और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने मौके से तमंचा भी बरामद कर लिया है, जिससे फायरिंग किए जाने की आशंका है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट खुलासा फॉरेंसिक रिपोर्ट और घायल महिला के होश में आने के बाद दर्ज होने वाले बयान के आधार पर ही हो सकेगा।

  • उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी,,, दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट,,, नैनीताल में सड़कें बाधित।

    उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी,,, दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट,,, नैनीताल में सड़कें बाधित।

    उत्तराखंड–  उत्तराखंड में लगातार तीसरे दिन भी बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने देहरादून और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    देहरादून और बागेश्वर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा अति तीव्र से अत्यंत तीव्र बारिश के दौर पड़ सकते हैं। राज्य के शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज बारिश, बिजली चमकने और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।

    प्रदेशभर में सड़कें बाधित, स्कूल बंद

    लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन और पहाड़ों से गिरते मलबे के कारण उत्तराखंड में कई प्रमुख सड़कें बाधित हो गई हैं। हालात को देखते हुए बागेश्वर और उत्तरकाशी जिलों में 21 जुलाई को सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।

    मसूरी रोड बंद, चारधाम यात्रा स्थगित

    देहरादून के आईटी पार्क क्षेत्र में सोमवार को कई सड़कें जलमग्न हो गईं, जबकि देहरादून-मसूरी रोड पर 20वें किलोमीटर के पास सड़क धंसने से स्टेट हाईवे बंद करना पड़ा।

    राज्यभर में भूस्खलन के कारण 150 से अधिक सड़कें बंद होने के बाद प्रशासन ने चारधाम यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है।

    गढ़वाल कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू कराई जाए।

    हादसों ने बढ़ाई चिंता

    पिथौरागढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि बागेश्वर में सरयू नदी में बहा 8 वर्षीय बच्चा अभी भी लापता है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगातार जुटी हुई हैं।

    नैनीताल जिले का हाल

    नैनीताल जिले में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम बदला हुआ रहा। अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहे, जबकि कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई सड़कें बाधित हुई हैं और उन्हें खोलने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है।

    कहां कितनी हुई बारिश

    नैनीताल: 26.0 मिमी
    हल्द्वानी: 24.0 मिमी
    कालाढूंगी: 17.0 मिमी
    रामनगर: 9.0 मिमी
    श्री कैंचीधाम: 13.0 मिमी
    बेतालघाट: 11.5 मिमी
    खनस्यू (ओखलकांडा): 6.0 मिमी

    धारी और लालकुआं क्षेत्रों में रेन गेज उपलब्ध नहीं होने के कारण वर्षा का सटीक आंकड़ा प्राप्त नहीं हो सका।

    नैनीताल जिले में कौन से रास्ते बंद हैं?

    वर्तमान में नैनीताल जिले में 3 राज्य मार्ग और 4 ग्रामीण मार्ग बाधित हैं। बंद मार्गों में शामिल हैं..

    रामनगर-भंडारपानी अमगड़ी मोटर मार्ग (राज्य मार्ग-71)

    रामनगर-बोहराकोट-ओखलढुंगा-कालीपहाड़ी मोटर मार्ग (राज्य मार्ग-71)

    गर्जिया-घुघतीधार-वेतालघाट-खैरना-ओडाखान-भटेलिया-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग (राज्य मार्ग-62)

    आईटीआई-कमोली मोटर मार्ग

    हरतोला-सतपुरी मोटर मार्ग
    बसगांव-जिलौली-तरी-सकदीना मोटर मार्ग

    नौनी विनायक-अंबेडकर ग्राम रिखोली मोटर मार्ग

    इन सभी मार्गों को शीघ्र खोलने का प्रयास जारी है।

    यात्रियों के लिए सबसे जरूरी सूचना

    हल्द्वानी-भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर रामगढ़ पुल के पास मार्ग धंसने के कारण भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। प्रशासन ने वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।

    बिजली, पानी और नालों की स्थिति

    जिला प्रशासन के अनुसार नैनीताल जिले में विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था और नालों की स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है।

    अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान

    22 जुलाई: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना। सभी 13 जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी।

    23 जुलाई: बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना। पूरे राज्य में तेज बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी जारी।

    24 जुलाई: देहरादून और नैनीताल में येलो अलर्ट। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के सभी जिलों में गरज-चमक और तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।

  • रेड अलर्ट:-  उत्तराखंड में बारिश ने थामी रफ्तार,,,आने वाले तीन दिन भारी..।

    रेड अलर्ट:- उत्तराखंड में बारिश ने थामी रफ्तार,,,आने वाले तीन दिन भारी..।

    देहरादून—  उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से राज्यभर में लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने आज राज्य के विभिन्न जिलों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए राज्य के सभी जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।

    इन जिलों में रेड अलर्ट

    मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी और हरिद्वार जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी और अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

    ऑरेंज अलर्ट वाले जिले

    नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर पड़ने की संभावना जताई गई है।

    येलो अलर्ट वाले जिले

    रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भी गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।

    सीएम धामी के निर्देश

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सड़क, बिजली, पेयजल और संचार सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के आदेश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग से लगातार स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी गई है।

    बारिश से बढ़ी मुश्किलें

    रुद्रप्रयाग में लगातार बारिश आफत बन चुकी है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन होने से यात्रा बार-बार बाधित हो रही है। रविवार को नैनीताल, देहरादून, ऊधम सिंह नगर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर समेत कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई।

    उत्तरकाशी में भगीरथी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

    देहरादून के कई इलाकों में जलभराव से लोगों को भारी परेशानी हुई।

    IT पार्क क्षेत्र सहित कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा।

    संतला देवी मंदिर के पास नदी के बीच फंसे 7 लोगों को SDRF और पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू किया।

    शुक्रवार से अब तक बारिश से जुड़े हादसों में 3 लोगों की मौत हो चुकी है।

    अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान

    21 जुलाई

    देहरादून और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट रहेगा।

    22 जुलाई

    उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना है। राज्य के सभी 13 जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

    23 जुलाई

    बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना है। साथ ही पूरे राज्य में तेज बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।

    प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

  • महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए ,, धामी सरकार की त्वरित कार्रवाई सराहनीय :-  रुचि भट्ट

    महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए ,, धामी सरकार की त्वरित कार्रवाई सराहनीय :- रुचि भट्ट

    देहरादून—  सोशल मीडिया पर स्वयं को “पहाड़ प्रेमी राजेंद्र उत्तराखंडी” नाम से प्रस्तुत करने वाले आरोपी द्वारा भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं के विरुद्ध की गई अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियों के प्रकरण में मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेंद्र सिंह की गिरफ्तारी किए जाने पर आज भाजपा महिला मोर्चा ने उत्तराखंड पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

    भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट के नेतृत्व में आज बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की प्रदेश पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता कोतवाली डालनवाला, देहरादून पहुँचीं और पुलिस अधिकारियों से भेंट कर महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए की गई शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई हेतु उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।

    इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए राज्य में कोई स्थान नहीं है।

    सोशल मीडिया पर महिलाओं के विरुद्ध अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने वालों को कानून के दायरे में लाकर सरकार ने यह सिद्ध किया है कि मातृशक्ति की गरिमा की रक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।

    उन्होंने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा ने प्रदेशभर में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाई थी और पुलिस प्रशासन ने अत्यंत संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके लिए महिला मोर्चा उत्तराखंड पुलिस तथा संपूर्ण पुलिस प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त करता है।

    रुचि भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में कानून का राज स्थापित है और महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता लगातार दिखाई देती है।

    यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो सोशल मीडिया की आड़ में महिलाओं का अपमान करने का प्रयास करते हैं। ऐसे किसी भी कृत्य को न तो समाज स्वीकार करेगा और न ही कानून।

    उन्होंने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा आगे भी महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वाभिमान की रक्षा के लिए सदैव सजग रहेगा तथा किसी भी महिला-विरोधी मानसिकता का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से दृढ़ता से सामना करेगा।

    इस अवसर पर उपस्थित महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति संगठित है और महिलाओं के सम्मान पर किसी भी प्रकार का आघात अब बिना कानूनी कार्रवाई के नहीं छोड़ा जाएगा। महिला सम्मान सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए समाज तथा प्रशासन का यह समन्वय भविष्य में भी इसी प्रकार बना रहेगा।

    इस अवसर पर डॉ हिमानी वैष्णव, डॉ नेहा शर्मा, सुमन सिंह, बबली चौहान, पूनम शर्मा, नीलू साहनी, पूनम ममगाईं, डॉ दिव्या नेगी, मनोरमा काला, रानी सैनी समेत पार्टी के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

  • कुमाऊँ में महिला सुरक्षा का ‘ट्रिपल लेयर कवच’ तैयार,,, अब संकट में अकेली नहीं होगी कोई बेटी,,।

    कुमाऊँ में महिला सुरक्षा का ‘ट्रिपल लेयर कवच’ तैयार,,, अब संकट में अकेली नहीं होगी कोई बेटी,,।

    हल्द्वानी—   कुमाऊँ मंडल में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई है। अब पीड़ित महिलाओं को केवल कानूनी मदद ही नहीं, बल्कि तत्काल चिकित्सा, मानसिक संबल और सुरक्षित माहौल भी एक साथ उपलब्ध कराया जाएगा।

    इसी उद्देश्य से हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग और सीडीएस जनरल बिपिन रावत के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।

    उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में कुमाऊँ मंडल के सभी जनपदों से वन स्टॉप सेंटरों की काउंसिलर्स, केस वर्कर्स, महिला पुलिसकर्मी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के अधिवक्ता और संरक्षण अधिकारी शामिल हुए।

    कार्यशाला का शुभारंभ लालकुआँ विधायक मोहन सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी और उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया।

    विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।

    “सिर्फ न्याय नहीं, मानसिक संबल भी जरूरी”

    महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि जब कोई प्रताड़ित महिला सामाजिक भय और मानसिक आघात के बीच मदद की उम्मीद लेकर आती है, तो सबसे पहले उसकी पहचान की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।

    उन्होंने कहा कि अदालत की लंबी प्रक्रिया के दौरान पीड़ित महिलाएं अक्सर निराश हो जाती हैं, इसलिए महिला आयोग, पुलिस और विधिक सेवा प्राधिकरण को एक मजबूत सुरक्षा दीवार बनकर काम करना होगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसे ‘मास्टर ट्रेनर्स’ तैयार करना है, जो आगे समाज में महिला अधिकारों की रक्षा का प्रभावी तंत्र विकसित कर सकें।

    तीन स्तर पर मिलेगा सुरक्षा कवच

    कार्यशाला में पुलिस, विधिक और मनोवैज्ञानिक सहायता को एक साथ जोड़कर ‘त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र’की कार्यप्रणाली समझाई गई।

    पुलिस सहायता_आपात स्थिति में ‘महिला चीता’ वाहिनी और डायल 112 की त्वरित कार्रवाई।

    विधिक सहायता_भारतीय न्याय संहिता, पोक्सो एक्ट और घरेलू हिंसा से जुड़े नए कानूनों की जानकारी।

    मनोवैज्ञानिक सहायता_ ट्रॉमा से पीड़ित महिलाओं को संभालने और उनका आत्मविश्वास लौटाने की तकनीक।

    उप निरीक्षक सुनीता कुंवर ने साइबर स्टॉकिंग, ब्लैकमेलिंग और डिजिटल फ्रॉड जैसे अपराधों से बचाव और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की जानकारी दी।

    ‘गोल्डन आवर’ में त्वरित मदद पर जोर

    डॉ. ऐश्वर्या कांडपाल ने कहा कि यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में पीड़िता की पहचान को पूरी तरह गुप्त रखना और शुरुआती ‘गोल्डन आवर’ में तत्काल चिकित्सा सहायता देना बेहद जरूरी है।

    वहीं, मनोविज्ञान विभाग के डॉ. ललित मोहन पंत ने काउंसिलर्स को ट्रॉमा पीड़ित महिलाओं को मानसिक रूप से संभालने और उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए।

    महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की प्रतिनिधि आरती बलोदी ने बताया कि समाज के पूर्वाग्रहों के कारण केवल 17% पीड़ित महिलाएं ही रिपोर्ट दर्ज कराने का साहस जुटा पाती हैं। इसलिए सभी कर्मियों को सर्वाइवर-सेंट्रिक अप्रोच अपनाने और पीड़िताओं को पुनर्वास योजनाओं का तत्काल लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।

    इस कार्यशाला के माध्यम से कुमाऊँ मंडल में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए एक ऐसा मजबूत और संवेदनशील तंत्र तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है, जो पीड़िताओं को न्याय के साथ-साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता का भरोसा भी देगा।

    यह संस्करण खबर को भावनात्मक, संवेदनशील और पाठकों को जोड़ने वाले अंदाज़ में पेश करता है, साथ ही समाचार की गंभीरता और महत्व को भी पूरी मजबूती से उभारता है।