Category: हल्द्वानी

  • हल्द्वानी: गौला पुल से युवक ने लगाई छलांग, हालत नाजुक,,,।

    हल्द्वानी: गौला पुल से युवक ने लगाई छलांग, हालत नाजुक,,,।

    हल्द्वानी—-  हल्द्वानी से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक अज्ञात युवक ने गौला पुल से नदी में छलांग लगा दी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक ने अचानक पुल से कूदने का कदम उठाया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    सूचना मिलते ही बनभूलपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से युवक को नदी से बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

    बताया जा रहा है कि युवक की उम्र लगभग 20 से 25 वर्ष के बीच है। वह तेज बहाव वाली नदी में गिरने के बजाय चट्टानों पर जा गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं।

    फिलहाल युवक की पहचान नहीं हो पाई है और आत्मघाती कदम उठाने के कारणों का भी खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

  • शिक्षक दिवस हमें स्वयं का मूल्यांकन करने का अवसर देता है: — प्रो. लोहनी

    शिक्षक दिवस हमें स्वयं का मूल्यांकन करने का अवसर देता है: — प्रो. लोहनी

    हल्द्वानी—  उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने गुरुवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया।

    समारोह में विश्वविद्यालय ने उत्तराखंड की मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर गोविंद सिंह को विशेष रूप से सम्मानित किया।

    इस अवसर पर प्रो. गोविंद सिंह ने विश्वविद्यालय से जुड़ी अपनी यादें साझा की और सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने जीवनकाल की घटनाओं को सिलसिलेवार याद करते हुए अपने शिक्षकों का स्मरण किया और कहा कि बिना शिक्षकों के तराशे, एक छात्र कुछ भी नहीं है।

    उन्होंने अपने शिक्षकों रेवती देउपा और वीरेन्द्र मेंहदी रत्ता को विशेष तौर पर याद किया और कहा कि उनके निर्माण में उनके शिक्षकों का पूरा योगदान रहा।

    विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने प्रो. गोविंद सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने अनुभवों से हमें शिक्षक की भूमिका को बेहतर ढंग से समझने का अवसर दिया।

    उन्होंने कहा, पिछले 35 वर्षों से मैं प्रो. गोविंद सिंह को जानता हूँ। पत्रकारिता की दुनिया में जहां-जहां वह गए, वहां मुझे लेखनी के तौर पर सहयोग का अवसर मिलता रहा. प्रो. लोहनी ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लिए संदेश दिया कि उन्हें हमेशा यह देखना चाहिए कि वह विद्यार्थी जो प्राकृतिक आपदा या संसाधनों की कमी के कारण पढ़ाई से वंचित रह जाता है, उसकी शिक्षा तक कैसे पहुँच बनाई जा सकती है।

    उन्होंने कहा कि यह मुक्त और दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों का पहला कर्तव्य है। उन्होंने सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने विद्यार्थियों के प्रति इस तरह की प्रतिबद्धता रखें कि भविष्य में उन्हें भी इसी तरह सम्मानित किया जा सके।

    इस अवसर पर समारोह के संयोजक प्रो. पी. डी. पंत ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए कहा कि शिक्षक दायित्वों का निर्वाहन करना सबसे नोबल पेशा है।

    कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के प्रो. शशांक शुक्ला ने किया।सम्मान समारोह में विश्वविद्यालय के संपूर्ण परिवार ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडे, प्रो. एम. एम. जोशी, प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. मंजरी अग्रवाल, डॉ. भानू जोशी, प्रो. जीतेंद्र पांडे, सहित अन्य शिक्षक उपस्थित थे।

  • इतिहास विभाग व आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ(सीका) द्वारा आयोजित विशेष व्याख्यान एवं डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन में नृविज्ञानी प्रो. अंजली चौहान ने लिया भाग।

    इतिहास विभाग व आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ(सीका) द्वारा आयोजित विशेष व्याख्यान एवं डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन में नृविज्ञानी प्रो. अंजली चौहान ने लिया भाग।

    हल्द्वानी—-  बृहस्पतिवार को उत्तराखंड मुक्त विवि के इतिहास विभाग व आंतरिक आश्वासन गुणवत्ता प्रकोष्ठ (सीका) प्रो. चौहान ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि जौनसार क्षेत्र के परंपरागत उत्सव और खेल जैसे बिस्सू और थोड़ा द गेम ऑफ़ द वारियर्स केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि ये स्थानीय समाज की जीवन-शैली, कृषि परंपरा और सामाजिक संरचना की गहरी समझ प्रदान करते हैं।

    उन्होंने बताया कि बिस्सू पर्व फसल उत्सव के रूप में बैसाखी के समय पांच दिनों तक मनाया जाता है और इसमें स्थानीय रीति-रिवाजों, पारंपरिक भोजन और औपचारिक समारोहों के माध्यम से क्षेत्रीय संस्कृति का संरक्षण होता है।

    उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक समय में क्लाइमेट चेंज, शहरी दबाव और पर्यटन जैसे मुद्दों के मद्देनज़र इन परंपराओं का दस्तावेज़ीकरण और डिजिटल संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    स्थानीय कला, वास्तुकला और पारंपरिक सामाजिक प्रथाओं को बढ़ावा देना और एथनो-टूरिज़्म के माध्यम से उनकी रक्षा करना भी आवश्यक है।

    मुख्य वक्ता प्रोफेसर अंजलि चौहान एक प्रतिष्ठित नृविज्ञानी, शोधकर्ता और लेखिका हैं। वे श्री जय नारायण पी.जी. कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय में नृविज्ञान विभाग की अध्यक्ष हैं और डी.एन. मजूमदार मेमोरियल म्यूज़ियम की निदेशक भी रह चुकी हैं।

    प्रो. चौहान ने अमेरिका, कनाडा, यूके, चीन, भूटान और श्रीलंका में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और भारतीय संस्कृति, परंपराओं तथा जनजातीय जीवन पर कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं।

    इस अवसर पर कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि भारत और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता के विभिन्न पहलुओं को छात्रों तक पहुंचाना और पाठ्यक्रमों में शामिल करना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। उन्होंने विशेष रूप से जौनसार और हिमालयी क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

    प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडे निदेशक, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ और इतिहास विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर ने कहा कि पाठ्यक्रम में स्थानीय समाज और संस्कृति को शामिल करना आवश्यक है।

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एंथ्रोपोलॉजी के माध्यम से क्षेत्रीय विविधताओं, लोक देवताओं और परंपराओं को समझने में शोधकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।

    कार्यक्रम का संचालन प्रो. एम.एम. जोशी ने किया। उन्होंने बताया कि डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुति में थोड़ा खेल और बिस्सू पर्व के साथ-साथ यमुना नदी के किनारे स्थित कालसी और चकराता क्षेत्रों के सांस्कृतिक जीवन को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया।

    इस अवसर पर अन्य उपस्थित गणमान्य व्यक्ति थे: प्रो. रेनू प्रकाश, राकेश रायाल, प्रो. शशांक शुक्ला, प्रो. मंजरी अग्रवाल, डॉ. लता जोशी, डॉ. आरुषि, डॉ. भाग्यश्री जोशी, डॉ. भूपेन सिंह समेत विवि परिवार मौजूद रहे।

  • लापरवाही पर गिरी गाज, दो पुलिस अधिकारी निलंबित, दो लाइन हाजिर….

    लापरवाही पर गिरी गाज, दो पुलिस अधिकारी निलंबित, दो लाइन हाजिर….

    हल्द्वानी – जनपद नैनीताल के एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने पुलिस महकमे में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की है। विवेचना में ढिलाई बरतने के आरोप में धारी चौकी इंचार्ज हरजीत सिंह राणा और मुखानी थाने के एडिशनल एसआई सत्यपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

    इसके अलावा, रामनगर कोतवाली के एसएसआई यूनूस और छोई-क्यारी चौकी प्रभारी तारा सिंह राणा को लाइन हाजिर किया गया है। एसएसपी ने स्पष्ट कहा है कि विवेचना या जनहित के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे समय पर कार्रवाई करें और जनता से जुड़े मामलों में गंभीरता दिखाएं।

  • सोशल मीडिया पर कुमाऊंनी समाज के अपमान करने का आरोप, कार्रवाई की मांग।

    सोशल मीडिया पर कुमाऊंनी समाज के अपमान करने का आरोप, कार्रवाई की मांग।

    हल्द्वानी—- सोशल मीडिया पर कुमाऊंनी समाज को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से आक्रोशित ‘पहाड़ी आर्मी’ की जिला इकाई ने कोतवाली हल्द्वानी में तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    संगठन के अनुसार, 30 अगस्त को एक फेसबुक यूजर विवेक शर्मा द्वारा कुमाऊंनी समाज की पहचान और गौरवशाली इतिहास पर सवाल उठाते हुए अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया।

    जिला अध्यक्ष मोहन कांडपाल ने आरोप लगाया कि विवेक शर्मा की टिप्पणी कुमाऊं की ऐतिहासिक विरासत कत्युरी वंश, चंद वंश, कुल देवी माँ नंदा-सुनंदा, जिया रानी और ईष्टदेव गोलज्यू महाराज का सीधा अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी समाज को बांटने और कुमाऊंनी अस्मिता पर हमला करने का प्रयास है।

    तहरीर में चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन ने विवेक शर्मा पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो कुमाऊंनी समाज के लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

    इस दौरान नगर अध्यक्ष फौजी भुवन पांडे, भगवंत सिंह राणा, कविता जीना, गीता बिष्ट, फौजी राजेंद्र कांडपाल सहित कई लोग मौजूद रहे।

    इस विवाद की पृष्ठभूमि में गणेश महोत्सव का आयोजन भी रहा, जिसमें ‘पहाड़ी आर्मी’ द्वारा कथित तौर पर बाहरी लोगों के विरुद्ध की गई टिप्पणी से माहौल गरमा गया। जवाब में पंडित विवेक शर्मा, जो 23 वर्षों से वैश्य महासभा हल्द्वानी और प्राचीन शिव सेवा समिति के माध्यम से गणेश महोत्सव आयोजित कर रहे हैं, ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

    आरोप है कि उनके वीडियो के सिर्फ 10 सेकंड की क्लिप को तोड़-मरोड़कर प्रसारित कर समाज को भड़काने की कोशिश की गई।

    वहीं इस बीच, कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने विवेक शर्मा का समर्थन किया है।

    कुमाऊं के प्रसिद्ध कथा वाचक सुरेश बहुगुणा ‘तत्व गुरु’, बसंत वल्लभ त्रिपाठी, नवीन चंद जोशी समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि विसर्जन सनातन संस्कृति का हिस्सा है, और यह सकारात्मक दिशा में समाज को जोड़ने का प्रयास है।

  • हल्द्वानी के अनुराग का महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में हुआ चयन।

    हल्द्वानी के अनुराग का महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में हुआ चयन।

    हल्द्वानी—-   स्वस्तययन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के कक्षा 6 के छात्र अनुराग बिष्ट का चयन महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में शैक्षिक सत्र 2025-26 में हुआ।

    उन्होने प्रारंभिक व द्वितीय चयन प्रक्रिया में सफलता प्राप्त कर सभी को हर्षित कियाl मिनी स्टेडियम में चयनकर्ताओं की मौजूदगी में 33 प्रतिभागियों में से चयनित 21 प्रतिभागियों में अनुराग बिष्ट का चयन किया गया है ।

    स्वस्तययन विद्यालय अनेक खेलों जैसे- बॉक्सिंग, जूडो -कराटे, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, क्रिकेट आदि को प्राथमिकता दे रहा है, जिसमें विद्यार्थियों को विशिष्ट प्रशिक्षण दिया जाता है ।

    इस उपलब्धि पर अनुराग बिष्ट को विद्यालय की निदेशिका श्रीमती रजनीकांता बिष्ट, उप प्रधानाचार्या श्रीमती लवी शर्मा, समन्वयका श्रीमती मुक्ता नेगी व समस्त शिक्षकगण ने बधाई व आशीर्वाद दिया ।

  • नवीन चन्द्र दुम्का और मुकेश बोरा के मार्गदर्शन में दुग्ध उद्योग को मिली नई दिशा,,, 80,600 की सहायता और 6 रुपये प्रोत्साहन राशि की घोषणा। 

    नवीन चन्द्र दुम्का और मुकेश बोरा के मार्गदर्शन में दुग्ध उद्योग को मिली नई दिशा,,, 80,600 की सहायता और 6 रुपये प्रोत्साहन राशि की घोषणा। 

    लालकुआं—-  नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, लालकुआं के अध्यक्ष मुकेश बोरा की अध्यक्षता में स्वच्छ दुग्ध उत्पादन गोष्ठी एवं गुड हाईजिनिक मैन्युफैक्चरिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन शिव पार्वती वेंकट हॉल, रामबाग गौलापार में किया गया।

    कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि मुकेश बोरा की अध्यक्षता में संघ न केवल उत्पादकों के हित के प्रति समर्पित है, बल्कि उनके विश्वास और अपेक्षाओं को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधायक नवीन चन्द्र दुम्का और विशिष्ट अतिथि इम्पीरियल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक करन गंगोला ने किया।

    मुख्य अतिथि नवीन चन्द्र दुम्का ने स्थानीय दुग्ध उत्पादकों के बीच “आंचल” ब्रांड के उत्पादों की जानकारी साझा की और उत्पादकों के चेहरे पर उत्साह और आशा की चमक बिखेरी।

    उन्होंने दूध, दही, पनीर, रबड़ी, लस्सी और देशी घी जैसे उत्पादों की गुणवत्ता और उनके पीछे छुपी मेहनत की कहानी विस्तार से बताई।

    दुम्का ने कहा, “हर बूँद दूध, हर कटोरी दही और हर टुकड़ा पनीर उत्पादक की लगन और ईमानदारी का प्रतीक है।” उन्होंने उत्पादकों को प्रेरित किया कि अपने उत्पादों की शुद्धता और स्वाद बनाए रखें, ताकि उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़े और स्थानीय दुग्ध उद्योग की पहचान पूरे देश में चमके।

    अध्यक्ष मुकेश बोरा ने उपस्थित दुग्ध समितियों के अध्यक्षों और सचिवों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और कई मुद्दों का तत्काल निस्तारण किया।

    इस अवसर पर संघ की ओर से 80,600 रुपये की आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन राशि वितरित की गई, जिससे उत्पादकों के चेहरे पर खुशी और संतोष देखा जा सकता था।

    बोरा ने बताया कि सरकार द्वारा दूध प्रोत्साहन राशि 4 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर करने का आश्वासन मिला है। सचिवों के आग्रह पर इसका 50 पैसे प्रति लीटर लाभ सीधे उत्पादकों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दुग्ध उत्पादकों की मांगों को लेकर वे शीघ्र ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा से वार्ता करेंगे और इसे लागू कराने का हर संभव प्रयास करेंगे।

    संचालन का दायित्व दुग्ध संघ प्रभारी प्रशासन एवं विपणन संजय सिंह भाकुनी ने संभाला। इस अवसर पर प्रबंधक पी एंड आई सुभाष बाबू और संजय सिंह भाकुनी ने उत्पादकों को गुणवत्तापूर्ण दूध उत्पादन और स्वास्थ्यवर्धक दुग्ध उत्पादों के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी।

    कार्यक्रम में गौलापार चोरगलिया क्षेत्र से दुग्ध संघ संचालक दीपा रैकवाल , कालाढूंगी क्षेत्र से संचालक दीपा बिष्ट , सांसद प्रतिनिधि त्रिलोक नोला, प्रकाश चन्द्र गरजोला, ग्राम प्रधान तारेश बिष्ट, मण्डल अध्यक्ष पान सिंह मेवाणी, बीडीसी सदस्य गीता चुफाल, कालाढूंगी इंचार्ज शांति कोरंगा , सहायक प्रबन्धक मोहन चन्द्र जोशी , ग्राम प्रधान अमर सिंह, नीरज रैकवाल, प्रकाश चन्द्र पांडे, राजू आर्या, बसन्त सनवाल, विक्रम वर्गली, गंगा बिष्ट, सन्तु कार्की, सौरभ शर्मा, गुरचरण सिंह, सोनियाप्रीति, उमेश कुमार, योगेश वर्गली, राजेन्द्र सिंह बोरा पूरन मिस्रा ,पद्दमा आर्या , राजेन्द्र प्रसाद ,हेमन्त पाल , कुलदीप रैकवाल , मनोज कुमार , मोहन पांडे , लाल सिंह बिष्ट समेत भारी संख्या में दुग्ध उत्पादक मौजूद थे।

  • नैनीताल/हल्द्वानी : मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त,,, रास्ते बाधित।

    नैनीताल/हल्द्वानी : मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त,,, रास्ते बाधित।

    नैनीताल/हल्द्वानी— : उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

    तेज़ बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, वहीं भूस्खलन और जलभराव की घटनाओं से कई सड़क मार्ग बाधित हो गए हैं। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लगातार राहत और निगरानी में जुटा हुआ है।

    मुख्य ट्रैफिक अलर्ट – शेर नाला–  आवाजाही बंद—-

    चोरगलिया हल्द्वानी मार्ग पर स्थित शेर नाला में जलस्तर अत्यधिक बढ़ने के कारण मोटर मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि जब तक स्थिति सामान्य न हो, इस मार्ग पर यात्रा न करें और सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

    भवाली क्षेत्र में सड़क पर गिरे पत्थर, मार्ग अवरुद्ध—

    थाना भवाली क्षेत्र अंतर्गत छड़ा और नावली के बीच लगातार भारी बारिश के चलते पहाड़ियों से बड़े-बड़े पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे मार्ग बाधित हो गया है। प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीन लगाकर मार्ग को सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस मौके पर तैनात है और यात्रियों की मदद के लिए तत्पर है।

    नदी-नालों में उफान, कई क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ा—

    देवखड़ी हाइडिल, कलसिया गोला बैराज, रकसिया नाला और दमुआडूंगा क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

    इन क्षेत्रों में तेज बहाव और जलभराव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इलाके में अलर्ट मोड लागू कर दिया है।

    स्थानीय नागरिकों को अनाउंसमेंट के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है, और खतरे की संभावना को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।

    अग्निशमन एवं आपात सेवा केंद्र—-

    हल्द्वानी – रुद्रपुर रोड बेलबाबा के पास एक पेड़ रोड पर गिरने की सूचना पर तत्काल फायर स्टेशन हल्द्वानी से रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंचकर वुडन कटर की सहायता से पेड़ के छोटे छोटे टुकड़े कर हटाया गया। यातायात हेतु मार्ग खोला गया।

    गौला नदी खतरे के निशान से ऊपर, प्रशासन अलर्ट पर—

    हल्द्वानी में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गौला नदी का जलस्तर 48,000 क्यूसेक तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से ऊपर है। नदी के किनारे बसे काठगोदाम रेलवे स्टेशन के पीछे के रिहायशी इलाकों पर खतरा मंडराने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम राहुल शाह, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, तहसीलदार मनीषा बिष्ट और सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी की।

    प्रशासन ने प्रभावित इलाकों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। जिनके पास वैकल्पिक आवास नहीं था, उनके लिए रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और नदी के किनारे न जाने की हिदायत दी है।

    गौला नदी खतरे के निशान से ऊपर, प्रशासन अलर्ट पर—-

    हल्द्वानी में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गौला नदी का जलस्तर 48,000 क्यूसेक तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से ऊपर है।

    नदी के किनारे बसे काठगोदाम रेलवे स्टेशन के पीछे के रिहायशी इलाकों पर खतरा मंडराने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम राहुल शाह, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, तहसीलदार मनीषा बिष्ट और सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी की।

    प्रशासन ने प्रभावित इलाकों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। जिनके पास वैकल्पिक आवास नहीं था, उनके लिए रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है।

    मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और नदी के किनारे न जाने की हिदायत दी है।

     

    SSP नैनीताल की आमजन से अपील—-

    एसएसपी नैनीताल की ओर से जारी सार्वजनिक अपील में कहा गया है कि – इस समय बिल्कुल आवश्यक न हो तो पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा न करें। नदी-नालों या बहाव वाले क्षेत्रों को पार करने का प्रयास न करें। भूस्खलन और जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हैं।

     

    आपातकालीन सहायता के लिए संपर्क करें—

    आपातकालीन नंबर – 112
    नैनीताल पुलिस कंट्रोल रूम – 9411112979

    पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर—–

    जिले भर में पुलिस अलर्ट मोड है। संवेदनशील इलाकों में बैरियर लगाए जा रहे हैं। पुलिस टीमें लगातार गश्त और निगरानी कर रही हैं।

    झूठी अफवाहों से बचें।—-
    केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करें।,सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

    नैनीताल पुलिस व प्रशासन की ओर से एक ही संदेश आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।”

  • नैनीताल जिले में भारी बारिश की चेतावनी, स्कूलों में कल छुट्टी..।

    नैनीताल जिले में भारी बारिश की चेतावनी, स्कूलों में कल छुट्टी..।

    नैनीताल—-  नैनीताल जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जिसको देखते हुए स्कूली बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत जनपद के सभी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केदो में 1सितंबर यानी सोमवार को अवकाश के आदेश जारी किए गए हैं।

    यह आदेश कक्षा 1 से 12 तक संचालित समस्त राजकीय, परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों एवं सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर लागू होगा।

    जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छात्रहित एवं बाल्यहित की दृष्टि से यह निर्णय एहतियातन लिया गया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    साथ ही, सभी तहसीलों और संबंधित विभागों को इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की अवहेलना करने वाले किसी भी शैक्षणिक संस्थान के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

  • भारी बारिश का अलर्ट, कल इन जिलों में स्कूल रहेंगे बंद…।.

    भारी बारिश का अलर्ट, कल इन जिलों में स्कूल रहेंगे बंद…।.

    उत्तराखंड—-  : प्रदेश भर में लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनज़र, भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा आगामी दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    विभाग के अनुसार, 29 अगस्त से 4 सितम्बर के मध्य उत्तराखंड के अधिकांश जनपदों में कहीं-कहीं औसत से अधिक वर्षा गर्जन और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है।

    पर्वतीय क्षेत्रों में निरंतर वर्षा के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की भी चेतावनी दी गई है।

    30 अगस्त को प्रदेश के तीन जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, और उधम सिंह नगर जिले में छुट्टी का आदेश जारी किए गए है।