नैनीताल— उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त आरोपी पुलकित आर्य समेत दो अन्य की जमानत याचिकाओं पर उच्च न्यायालय आगामी 18 अगस्त को सुनवाई करेगा।
मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के जमानत प्रार्थनापत्र पर सोमवार को न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ में सुनवाई हुई। अभियुक्तों की ओर से कहा गया कि वह निर्दोष हैं।
अभियोजन पक्ष की ओर से उन्हें जबरन फंसाया गया है। तथ्य और सुबूत उनके खिलाफ हैं। जिन व्हाट्सएप संदेशों पर पूरी कहानी लिखी गई है, वह सत्यापित नहीं हैं जो साजिशन है। तीनों की ओर से कुछ तथ्यों को भी अदालत के समक्ष पेश किया गया।
तीनों अभियुक्तों की ओर से अपने बचाव में बहस की गई। अब 18 अगस्त को अभियोजन पक्ष और शिकायतकर्ता की तरफ से पक्ष रखा जाएगा।
बता दें कि कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने पिछले साल 30 मई को तीनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
पूर्व भाजपा नेता के पुत्र और ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट के स्वामी पुलकित आर्य को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201 और 354(ए) के तहत आजीवन कारावास जबकि रिसॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 201 के तहत आजीवन कारावास और साक्ष्य मिटाने का दोषी माना।
इसके बाद तीनों अभियुक्तों की ओर से निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई है। अपील पर सुनवाई लंबित है।
बता दें कि वर्ष 2022 में अंकिता हत्याकांड सामने आया था। अंकिता ऋषिकेश के पास मौजूद वनंतरा रिसॉर्ट में रिशेप्शनिस्ट के पद पर तैनात थी। वह 18 सितम्बर 2022 को संदिग्ध हालात में लापता हो गयी थी। 24 सितम्बर को अंकिता का शव चीला बैराज से बरामद हुआ था।
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