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कोटद्वार/गढ़वाल—  – जहां गंदगी कई बीमारियों की वजह बनती है, वहीं स्वच्छता कई बीमारियों से हमें बचा भी सकती है, शायद इसी बात को मद्देनजर रखते हुए केंद्र सरकार विगत कई वर्षों से देशभर में स्वच्छ भारत मिशन चला रही है, जिसमें सरकार दिल खोलकर खर्चा भी कर रही है।

लेकिन गढ़वाल के प्रवेशद्वार कोटद्वार में स्थित बेस हॉस्पिटल के शौचालयों में पसरी गंदगी मानो कह रही हो कि केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन से हमारे हॉस्पिटल का कोई वास्ता नहीं है।

कई लोगों की शिकायत के बाद आज सुबह जब बेस हॉस्पिटल कोटद्वार के रजिस्ट्रेशन फ्लोर में स्थित हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एवं सृजन की ओपीडी के बराबर में स्थित शौचालय के अंदर का नजारा देखा, तो अंदर का हाल देखने लायक नहीं था,

प्रमाण के लिए कुछ सैकेंड रुककर फोटो लेना मजबूरी थी, शौचालय की गंदगी का आलम ये था कि शौचालय के बाहर गैलरी व अन्य कक्षों में भी भारी दुर्गन्ध फैली हुईं थीं, कई महिला पुरुषों एवं बुजुर्गों को मूंह पर दुपट्टा बांधकर शौचालय में आते- जाते देखा गया,

सभी लोग हॉस्पिटल प्रशासन की स्वच्छता व्यवस्था को कोसते नजर आए, आम लोग इससे ज्यादा कर भी क्या सकते हैं ।

एक उम्र दराज सीनियर सिटीजन का तो साफ कहना था कि हमारी सरकार बेस हॉस्पिटल कोटद्वार में जनता को विशेषज्ञ डॉक्टर एवं दवाएं नहीं उपलब्ध करा पा रही हैं, लेकिन सरकार कम से कम करोड़ों रुपए की लागत से बने इस हॉस्पिटल के शौचालयों की उचित साफ सफाई व्यवस्था तो रख ही सकती हैं,

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भारी गंदगी व टूटी फूटी सीटों वाले शौचालय से कुछ कदमों की दूरी पर हॉस्पिटल की पैथोलॉजी लैब है जहां से यूरीन टेस्ट आदि करवाने वाले मरीजों को न चाहते हुए भी मजबूरी में इस गन्दे शौचालय में न जाना पड़ रहा था,

एक गर्भवती महिला ने बताया कि शौचालय के अंदर फैली गंदगी व दुर्गंध से उसे उल्टी तक हो गई।

बेस हॉस्पिटल कोटद्वार प्रशासन को आम लोगों पर रहम करते हुए कमसेकम हॉस्पिटल के शौचालयों की दशा तो सुधारनी ही चाहिए। विमार और लचर व्यवस्था नही ,सोच होती हैं, अगर ठान ले तो सब ठीक हो जाता है।।


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