Spread the love

देहरादून—  उत्तराखंड में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेशभर में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है।

मौसम विभाग ने आज उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य पर्वतीय और मैदानी जिलों के लिए भी येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

मौसम के इस बदले मिजाज ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, तेज बारिश होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।

डेढ़ घंटे की बारिश से बदला मौसम

नैनीताल जिले के हल्द्वानी समेत कई क्षेत्रों में शनिवार सुबह तक तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया, लेकिन दोपहर बाद अचानक बादलों ने आसमान को घेर लिया। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक हुई तेज बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। बारिश के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।

केदारनाथ धाम में बर्फबारी, लौटी ठंड

प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का असर और ज्यादा देखने को मिला। केदारनाथ धाम सहित कई ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी हुई है। बर्फ की सफेद चादर बिछने से आसपास के क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है और लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।

See also  झीलों का मेकओवर,,,, पार्किंग का समाधान,,,, धामी सरकार का बड़ा प्लान,।

ठंडक का अहसास

बारिश के बाद प्रदेश के कई शहरों में तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है।

देहरादून : अधिकतम 33.8°C, न्यूनतम 17.0°C

पंतनगर : अधिकतम 35.4°C, न्यूनतम 23.9°C

मुक्तेश्वर : अधिकतम 20.2°C, न्यूनतम 9.5°C

नई टिहरी : अधिकतम 25.2°C, न्यूनतम 10.5°C

मानसून की दस्तक और करीब

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। मानसून अरब सागर, लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। अगले चार से पांच दिनों में केरल, तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में इसके और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।


Spread the love