Category: हल्द्वानी

  • वन्य प्राणी अपराधों में न्यायिक प्रक्रिया एवम नियमों की जानकारी हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन।

    वन्य प्राणी अपराधों में न्यायिक प्रक्रिया एवम नियमों की जानकारी हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन।

    हल्द्वानी—   तराई पूर्वी वन विभाग हल्द्वानी द्वारा वन कर्मियों को वन्य प्राणियों के प्रति अपराधों की रोकथाम एवं संबंधित न्यायिक प्रक्रिया और नियमों एवं अधिनियमों की जानकारी प्रदान किए जाने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला  का आयोजन गोल्ज्यू सभागार हल्द्वानी में किया गया। उक्त कार्यशाला का आयोजन वाइल्ड प्रोटेक्शन सोसाइटी ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के सहयोग से संपन्न हुआ।

    कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ प्रभागीय अधिकारी हिमांशु बागरी द्वारा दीप प्रज्वलन करकिया गया, एवं अतिथियों का स्वागत किया गया।

    अपने उद्घाटन संबोधन में प्रभागीय वन अधिकारी महोदय ने वन्यजीव संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वन्य प्राणी अपराधों की रोकथाम में त्वरित एवं सुसंगत विधायक। कार्यवाही की अनिवार्यता को रेखांकित किया।

    उन्होंने कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे वन कर्मियों से अपेक्षा की कि वे  प्रशिक्षण के माध्यम से अधिनियम एवं प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त कर क्षेत्र से होने वाले अपराधों को प्रभावी नियंत्रण हेतू तत्परता से कार्य करें।

    कार्यशाला में प्रथम सत्र में प्रतिभागियों को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधानों, अपराधों की विवेचना प्रक्रिया, साक्ष्य संकलन, गिरफ़्तारी, जब्ती, आरोप पत्र प्रेसड एवं न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया आदि की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

    इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती मंजुला श्रीवास्तव द्वारा बन अपराधों से संबंधित  से संबंधित न्यायिक प्रकरणों की सुनवाई, साक्ष्य संकलन की विधि ,अभियोजन की रणनीति एवं न्यायालय व्यवहारिक पक्षों पर व्याख्यान दिया गया।

    तृतीय सत्र में डब्ल्यू पी एस आई के प्रोग्राम मैनेजर  जोसेफ द्वारा विभिन्न प्रकार के वन्य प्राणियों अपराधों, अपराधियों की कार्यप्रणाली ,वन्य प्राणी उत्पादों की तस्करी एवं नेटवर्क को पहचानने तथा अपराध रोकथाम के आधुनिक तकनीकी उपायों की जानकारी दी गई। इस सत्र में प्रतिभागियों को विभिन्न टीमों में विभाजित कर मॉक ड्रिल/अभ्यास  कराया गया, जिसमें एक अपराध स्थल की परिकल्पना कर साक्ष्य संकलन, अपराध की विवेचना एवं आरोप पत्र तैयार करने का अभ्यास कराया गया।

    मॉक अभ्यास के उपरांत सभी टीमों द्वारा प्रस्तुत विवेचनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया । जिसके उपरांत निर्णयको द्वारा सर्वश्रेष्ठ टीम को पुरस्कृत किया गया। विजेता टीम में वन कर्मी श्रीमती पुष्पा तिवारी, एनएन पांडे ,भास्कर जोशी आदि सम्मिलित रहे।

    पुरस्कार वितरण करते हुए प्रभागीय वनाधिकारी महोदय ने सभी प्रतिभागियों को विधि सम्मत एवं पारदर्शी तरीके से अपराधी की विवेचना करने हेतु प्रेरित किया।

    इस कार्यशाला में एसडीओ  संतोष पंत, अनिल जोशी, रेंजर  चंदन अधिकारी,  धनानंद चनियाल सहित कुल 65 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की ।

    कार्यशाला के समापन अवसर पर समस्त विशेषज्ञ एवं अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए डब्ल्यूपीएसआई टीम एवं प्रभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की गई।

    अंत में प्रभागीय वन अधिकारी महोदय ने सभी प्रतिभागियों से  प्राप्त प्रशिक्षण का क्षेत्रीय कार्य में अधिकतम प्रयोग कर वन्य जीव संरक्षण में सतत योगदान देने का आह्वान किया।

  • परिवहन विभाग के चेकिंग अभियान में 69 वाहनों के चालान ,3 वाहन सीज।

    परिवहन विभाग के चेकिंग अभियान में 69 वाहनों के चालान ,3 वाहन सीज।

    हल्द्वानी—  आज परिवहन विभाग के प्रवर्तन दलों के द्वारा चैकिंग अभियान में 69 वाहनों के चालान किये और टैक्सी , ऑटो व बाइक सहित 3 वाहन को सीज किया ।

    सहायक परिवहन अधिकारी प्रवर्तन  जितेंदर संगवान, परिवहन कर अधिकारी श्रीमती अपराजिता पांडे ,परिवहन निरीक्षक आरसी पवार,  गिरीश कांडपाल , नंदन रावत के द्वारा हल्द्वानी, नैनीताल, कालादूंगी, कुसुमखेड़ा, नगर निगम-नवाबीरोड आदि मार्गों पर चेकिंग अभियान चलाया  गया।

    जिसमें मोटरसाइकिल, कार,‌ टैक्सी ,मैक्सी, भार वाहन , बस, ऑटो, ई रिक्शा आदि वाहनों की चैकिंग करते हुए परमिट शर्तों का उल्लंघन, हेलमेट, टैक्स, ओवरलोडिंग, फिटनेस, नो पार्किंग, ट्रिपल राइडिंग , निर्धारित वर्दी न पहनना आदि अभियोग में प्रवर्तन कार्यवाही की गई।

    चेकिंग अभियान में सहायक परिवहन निरीक्षक  चंदन सुपयाल, अनिल कार्की, चंदन ढैला,  अरविंद हयांकि,  गोधन सिंह,  मो०दानिश प्रवर्तन चालक , महेंद्र कुमार,  सूर्य प्रकाश आदि सम्मिलित रहे।

  • 5 जुलाई को लगेगा राज्य महिला आयोग उत्तराखंड का जन सेवा शिविर।

    5 जुलाई को लगेगा राज्य महिला आयोग उत्तराखंड का जन सेवा शिविर।

    हल्द्वानी—- राज्य महिला आयोग उत्तराखंड जिला नैनीताल के तत्वावधान में आगामी दिनांक 5‌‌ जुलाई दिन शनिवार को एक “जन सेवा शिविर” का आयोजन किया जा रहा है।

    जिसमें जिला नैनीताल की महिलाएं जिन्हें पारिवारिक,सामाजिक या अन्य किसी प्रकार से उत्पीड़ित किया जा रहा है, अपनी समस्या लेकर शिविर में आ सकतीं हैं।

    यह कैम्प रामपुर रोड, रूद्राक्ष होटल के पास, गंगा भवन में होगा। समय 11 बजे 2 बजे के बीच रहेगा।।।

    जिसका समाधान राज्य महिला आयोग उत्तराखंड जिला नैनीताल की सदस्य श्रीमती कंचन कश्यप जी द्वारा  उत्तराखंड पुलिस तथा श्रीमती अलका सक्सेना वरिष्ठ समाज सेविका के सहयोग से किया जाएगा।

  • लगातार बारिश से हल्द्वानी में संकट, कोल्हापुर क्षेत्र में चेक डैम बहा, निर्माण कार्य प्रभावित….

    लगातार बारिश से हल्द्वानी में संकट, कोल्हापुर क्षेत्र में चेक डैम बहा, निर्माण कार्य प्रभावित….

    हल्द्वानी – उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर हल्द्वानी में गौला नदी पर साफ नजर आने लगा है। तेज बारिश के चलते गौला नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे चोरगलिया-हल्द्वानी मार्ग पर कटाव का खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए नदी किनारे पॉलिथीन बैरिकेडिंग कर मार्ग को सुरक्षित रखने की कवायद शुरू कर दी है। बारिश का असर कोल्हापुर क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है, जहां चेक डैम निर्माण कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जानकारी के अनुसार कई निर्माण ब्लॉक तेज बहाव में बह गए हैं, जिससे विकास कार्यों को गहरा झटका लगा है।

    प्रशासन सतर्क, राहत टीमें एक्टिव

    स्थानीय प्रशासन द्वारा SDRF और अन्य आपदा राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड में रखा गया है। गौला नदी के जलस्तर की हर घंटे निगरानी की जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर इंतज़ाम किए जा रहे हैं।

    स्थानीय लोगों से नदी के पास न जाने की अपील

    प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही चोरगलिया मार्ग से यात्रा करने वालों को सतर्कता बरतने और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

  • उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को, तैयारियां पूरी।

    उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को, तैयारियां पूरी।

    हल्द्वानी—   उत्तराखंड लोक सेवा आयोग हरिद्वार द्वारा आयोजित उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्ष 2025 (वस्तुनिष्ठ प्रकार) का आयोजन रविवार 29 जून 2025 को जनपद नैनीताल के अंतर्गत हल्द्वानी के 26 परीक्षा केद्रों तथा रामनगर के तीन परीक्षा केद्रों, कुल 29 परीक्षा केद्रों में संपन्न होगी।

    जिसमें 12131 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षा को पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण पूर्वक संपन्न कराए जाने हेतु शनिवार को अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में नगर निगम हल्द्वानी सभागार में एक बैठक संपन्न हुई।

    बैठक में परीक्षा को संपन्न कराए जाने हेतु तैनात कुल 29 सेक्टर व 5 जोनल मजिस्ट्रेट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्हें परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराए जाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश अपर जिलाधिकारी द्वारा दिए गए।

    बैठक में लोकसेवा आयोग के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने परीक्षा संचालन के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।

  • यूपी-उत्तराखंड इकोनॉमिक एसोसिएशन सम्मेलन का दूसरा दिन,,,, समकालीन आर्थिक विषयों पर हुआ विचार विमर्श,,,  विकसित भारत @2047: नीति, परंपरा और प्रगति पर केंद्रित रहा सम्मेलन का दूसरा दिन।

    यूपी-उत्तराखंड इकोनॉमिक एसोसिएशन सम्मेलन का दूसरा दिन,,,, समकालीन आर्थिक विषयों पर हुआ विचार विमर्श,,, विकसित भारत @2047: नीति, परंपरा और प्रगति पर केंद्रित रहा सम्मेलन का दूसरा दिन।

    हल्द्वानी—  अब समय आ गया है जब हम सिर्फ नीतियों की नकल नहीं, बल्कि अपने स्वयं के आर्थिक मॉडल की तलाश और स्थापना की दिशा में गंभीरता से सोचें।

    विकसित भारत के विभिन्न घटकों—जैसे आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन, स्वदेशी उत्पादन, सतत विकास, सामाजिक समावेशिता और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था पर आज काम करने की जरूरत है. ये कहना है इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रो. एम. के. अग्रवाल का।

    उन्होंने कहा कि यदि हम अपने ऐतिहासिक अनुभव, सांस्कृतिक विरासत और वर्तमान संसाधनों को समझते हुए एक भारतीय संदर्भ में विकास का रास्ता अपनाएं, तभी सच्चे अर्थों में ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना साकार हो सकेगी।

    उन्होंने ये बात उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में आयोजित तीन दिवसीय 21वें यूपी-उत्तराखंड इकोनॉमिक एसोसिएशन (UPUEA) के राष्ट्रीय सम्मेलन में कही।

    सम्मेलन के दूसरे दिन विविध विषयों पर केंद्रित पैनल चर्चाओं, स्मृति व्याख्यानों और तकनीकी सत्रों के साथ अत्यंत सक्रिय और विचारोत्तेजक रहा।

    दिन की शुरुआत प्रातः 10:30 बजे समानांतर पैनल चर्चाओं से हुई। पांच प्रमुख विषयों—पारिस्थितिकीय स्थिरता, आजीविका सुरक्षा, राजकोषीय और वित्तीय स्थिरता, भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं अर्थव्यवस्था, तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का सतत विकास पर सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में देश भर से आए प्रतिष्ठित प्रोफेसरों, नीति-विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया।

    सत्रों की अध्यक्षता और समन्वयन करने वालों में प्रो. गीता सिंह (दिल्ली विश्वविद्यालय), प्रो. डिंपल विज (एकेपी पीजी कॉलेज, खुर्जा), प्रो. संधीर शर्मा (चिटकारा विश्वविद्यालय, पंजाब), प्रो. ए.डी.एन. वाजपेयी (कुलपति, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर), और प्रो. मनमोहन कृष्ण (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) जैसे वरिष्ठ शिक्षाविद शामिल रहे। पैनल चर्चाओं में भाग लेने वाले प्रमुख वक्ताओं प्रो. शांति कुमार (जेएनयू, दिल्ली), प्रो. अनीता चौधरी (डीएसएमएनआरयू, लखनऊ), प्रो. राजेन्द्र पी. ममगाईं (दून विश्वविद्यालय, देहरादून), श्री अजय कुमार गुप्ता (सीईओ, सेंचुरी पल्प एंड पेपर, लालकुआँ), प्रो. शैलेंद्र कुमार, प्रो. जी.एम. दुबे, प्रो. एल.सी. मल्लैया, प्रो. यशवीर त्यागी, प्रो. बद्री नारायण, प्रो. दुर्गेश पंत सहित अनेक गणमान्य विशेषज्ञ शामिल रहे। दोपहर 12:30 बजे प्रो. एस.के. मिश्रा स्मृति व्याख्यान आयोजित हुआ, जिसमें प्रो. मनोज कुमार अग्रवाल (पूर्व विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र, लखनऊ विश्वविद्यालय) ने विकसित भारत @2047 की अवधारणा पर गहन चर्चा की। सत्र की अध्यक्षता प्रो. ए.पी. पांडेय ने की।

    दोपहर उपरांत दो तकनीकी सत्रों में 15-15 शोध-पत्रों का वाचन हुआ, जो पांचों प्रमुख विषयों पर केंद्रित थे।

    इन सत्रों का समन्वयन डॉ. बीना टम्टा, डॉ. लता जोशी, डॉ. सुमित प्रसाद, प्रो. कमल देवलाल, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. नियति रावत, डॉ. सचिन दुबे, आदि ने किया। उक्त सत्रों में प्रो. भारती पाडे, प्रो. के. एम भट्ट, प्रो. अंग्रेजी राणा, प्रो. साहब सिंह, प्रो. दुष्यंत कुमार, कुमार रितु तवारी मौजूद रहे और कैसे जैविक की ओर बढ़कर हम भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बना सकते हैं इस पर बात हुई।

    शाम को 6:10 बजे यूपीयूईए की जनरल बॉडी मीटिंग और फिर कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें कवियों ने सामाजिक-आर्थिक सरोकारों को रचनात्मक अभिव्यक्ति दी।रात्रिभोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

    सम्मेलन में देशभर के विश्वविद्यालयों से आए लगभग 100 से अधिक शोधार्थियों, शिक्षकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। आयोजन समिति के संयोजन में प्रो. मंजीरी अग्रवाल (सम्मेलन संयोजक) और प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव (महासचिव, यूपीयूईए) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    सम्मेलन का समापन समारोह और अंतिम सत्र (29 जून 2025):
    सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन 29 जून को प्रातः 9:30 बजे से समानांतर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे , जिनमें पारिस्थितिकीय स्थिरता, आजीविका सुरक्षा, वित्तीय स्थिरता, भारतीय ज्ञान प्रणाली और उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के सतत विकास जैसे विषयों पर कुल 75 शोधपत्र प्रस्तुत किए। इलाहाबाद विवि के विभागाध्यक्ष प्रो. एम. के. अग्रवाल को संस्था के द्वारा एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।

    अधिवेशन के दूसरे दिन प्रो. सनातन नायक, प्रो. डिंपल विज, डा. शैलेन्द्र कुमार, डा. सुरजीत सिंह, डा. विकास प्रधान, प्रो. निधइ शर्मा, प्रो. भारती पांडे, प्रो. गदीश सिंह, प्रो आई.डी. गुप्ता, प्रो. एस.पी. सिंह, प्रो. मनोज अग्रवाल, प्रो. मनोज कुमार प्रो. मनमोहन कृष्ण, प्रो. नूप मिश्रा डा. दिनेश गुप्ता,डा. यू.आर. यादव, डा. स्वाति टम्टा, डा. एन. एस. बिष्ट संस्था के उत्तराखंड के सचिव डा. एन.ए. बिष्ट, समेत उत्तराखंड मुक्त विवि के प्रोफेसर्स मौजूद रहे।

    “भारत हमेशा से उत्पादकों का देश रहा है। हमारी 4000 वर्ष पुरानी संस्कृति में आर्थिक उत्पादन का एक अत्यंत समावेशी और सहभागिता पर आधारित मॉडल विकसित था।

    लेकिन दुर्भाग्यवश, हमने अपनी उस गौरवशाली परंपरा को भुलाकर पश्चिम के मात्र 200 वर्ष पुराने उपभोगवादी मॉडल को अपनाना शुरू कर दिया। परिणामस्वरूप, आज विदेशी कंपनियां भारत से भारी मुनाफा कमा रही हैं, जबकि हम अपने स्वदेशी आर्थिक मूल्यों और आत्मनिर्भरता की जड़ों से दूर होते जा रहे हैं।”- प्रो. मनमोहन कृष्ण

  • सांसद अजय भट्ट ने की अतिक्रमण नोटिस पर मुख्यमंत्री से बात, सहानुभुति पूर्ण विचार करने की, कि मांग।

    सांसद अजय भट्ट ने की अतिक्रमण नोटिस पर मुख्यमंत्री से बात, सहानुभुति पूर्ण विचार करने की, कि मांग।

    हल्द्वानी—  पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद अजय भट्ट ने हल्द्वानी के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण को लेकर दिए जा रहे हैं नोटिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर नोटिस पर तत्काल रोक लगाते हुए सहानुभूति पूर्ण विचार किए जाने की मांग की है।

    भट्ट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उनको पत्र के माध्यम से मांग की है कि उपरोक्त विषय के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि जनपद नैनीताल के हल्द्वानी नगर के दमुवादूंगा, सुभाष नगर, आवास विकास, भगवानपुर आदि क्षेत्रों में लगभग 40 से 50 सालों से निवास कर रहे अनेक परिवारों को अतिक्रमण सम्बन्धी नोटिस प्राप्त हुए हैं, जिससे उनमें भारी असमंजस और भय का वातावरण व्याप्त है।

    उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अधिकांश निवासी पर्वतीय जिलों जैसे-अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चम्पावत एवं नैनीताल के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों से स्थानांतरित होकर आए हैं।

    इन नागरिकों ने अपने जीवन की सम्पूर्ण पूंजी लगाकर वैध रूप से भूमि क्रय कर रजिस्ट्री कराकर मकान निर्माण किया है तथा वर्षों से शान्ति व अनुशासन के साथ यहां निवास कर रहे हैं।

    इनमें कई परिवार ऐसे हैं, जिनके सदस्य भारतीय सेना एवं अर्धसैनिक बलों में सेवारत् हैं या पूर्व में देश सेवा कर चुके हैं। ऐसे में उनके परिवारों को अचानक प्राप्त हुए अतिक्रमण नोटिस से वे अत्यन्त मानसिक तनाव एवं भय मे हैं, जो कि किसी भी दृष्टिकोण से न्यायोचित प्रतीत नहीं होता हैं।

    उन्होंने कहा कि जनहित को मद्देनजर रखते हुए इन अतिक्रमण नोटिसों पर तत्काल सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए, ताकि निर्दोष एवं मेहनतकश नागरिकों को अनवाश्यक कठिनाईयों का सामना न करना पड़ें।

  • शिक्षा और शोध का पर्व:- उत्तराखंड में शुरू हुआ तीन दिवसीय आर्थिक अधिवेशन।

    शिक्षा और शोध का पर्व:- उत्तराखंड में शुरू हुआ तीन दिवसीय आर्थिक अधिवेशन।

    हल्द्वानी—  उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड आर्थिक संघ (UPUEA) का 21वां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन भव्यता के साथ प्रारंभ हुआ।

    तीन दिवसीय इस सम्मेलन का विषय “एक सशक्त भारत के लिए सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा को सुदृढ़ करना: चुनौतियाँ और नीतिगत रूपरेखा” रखा गया है,

    जिसमें देशभर के आर्थिक विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधार्थी और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं।

    कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, कुलगीत और पुष्पांजलि अर्पण से हुई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी तथा राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह से जुड़े।

    शिक्षा मंत्री ने सम्मेलन को केवल एक अधिवेशन नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच बताया जहाँ ज्ञान के नए विमर्श जन्म लेंगे। उन्होंने कहा कि इस अधिवेशन का उत्तराखंड में आयोजन गौरव की बात है, और इससे प्रदेश की शैक्षिक-नीतिगत दिशा को नई ऊर्जा मिलेगी।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन से जो विचार और सुझाव सामने आएंगे, वे राज्य के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे और सरकार उन पर शीघ्र अमल करेगी।

    इस अवसर पर विभिन्न लेखकों की पुस्तकों का विमोचन भी हुआ।

    जिन लेखकों की पुस्तकें इस अवसर पर लोकार्पित हुईं, उनमें प्रो. विकास प्रधान, सौरभ वर्मा, डॉ. सरिता द्विवेदी और प्रो. अनुप कुमार प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, संस्था के शोध जर्नल, सम्मेलन स्मारिका और अन्य प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया।

    उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओ.पी.एस. नेगी ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह अधिवेशन केवल दो राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत की नींव रखने का एक सशक्त प्रयास है।

    उन्होंने इसे अनुभव और ऊर्जा का अद्भुत संगम बताते हुए कहा कि इसमें युवा शोधार्थियों से लेकर सेवानिवृत्त विशेषज्ञों तक की सहभागिता, विमर्श को समृद्ध बनाएगी। विश्वविद्यालय के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय केवल डिग्रियाँ प्रदान करने वाला संस्थान नहीं, बल्कि नवाचार, प्रौद्योगिकी और गुणवत्ता का केंद्र है।

    चंपावत निवासी प्रो. धर्मकीर्ति जोशी को इस अवसर पर UPUEA की ओर से सम्मानित किया गया। अपने वक्तव्य में उन्होंने भारत के सामाजिक-आर्थिक ढांचे की मजबूती के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को फिजिकल संरचना जितना ही आवश्यक बताया।

    सम्मेलन की रूपरेखा संस्था के महासचिव प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव ने प्रस्तुत की। संचालन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के डॉ. शशांक शुक्ला तथा अंग्रेज़ी विभाग की डॉ. सुचित्रा अवस्थी ने किया। समारोह की संयोजक प्रो. मंजरी अग्रवाल थीं जबकि समन्वय में प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडे ने भूमिका निभाई।

    इस अवसर पर UPUEA अध्यक्ष प्रो. अशोक मित्तल, प्रो. पी. के. घोष, प्रो. अनामिका चौधरी, प्रो. रेनू प्रकाश सहित अनेक गणमान्य शिक्षाविदों की उपस्थिति रही।

    दोपहर बाद हुए पहले प्लेनरी सत्र में प्रो. पी. के. घोष ने “India’s Defence and Economic Strength” विषय पर एक प्रभावशाली पावर पॉइंट प्रस्तुति दी।

    उन्होंने भारत की रक्षा नीतियों, रक्षा बजट में बदलाव, स्वदेशी उत्पादन और आर्थिक दृष्टिकोण से सुरक्षा क्षेत्र में हो रहे सुधारों पर प्रकाश डाला।

    इस प्रस्तुति में भारत की आंतरिक संप्रभुता और वैश्विक रणनीतियों के समन्वय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पूरे दिन चले सत्रों में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

  • बिड़ला स्कूल के पास हुए गोली काण्ड में शामिल मुख्य आरोपी समेत 7 लोग गिरफ्तार।

    बिड़ला स्कूल के पास हुए गोली काण्ड में शामिल मुख्य आरोपी समेत 7 लोग गिरफ्तार।

    हल्द्वानी— दिनांक 23.06.25 को कोतवाली हल्द्वानी क्षेत्रान्तर्गत प्रेमपुर लोशज्ञानी रोड बिड़ला स्कूल के पास हुई  गोली काण्ड की घटना के संबंध में थाना हल्द्वानी पर एक एफआईआर दर्ज हुई थी।

    उक्त मामले में  प्रहलाद नारायण मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रकाश चन्द्र, एस0पी0 सिटी हल्द्वानी को टीम गठित कर घटना का अनावरण करने तथा संलिप्तों की गिरफ्तारी करने के निर्देश दिये गये ।

    एस0पी0 सिटी द्वारा  नितिन लोहनी, क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी के पर्यवेक्षण में  राजेश कुमार यादव प्रभारी निरीक्षक कोतवाली हल्द्वानी के नेतृत्व में सनसनीखेज घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया।

    उक्त टीम द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए संदिग्धों के ठिकानों में दबिश देकर, पूछताछ एवं  सुरागरसी करते हुए घटना से जुडे सैकडों सीसीटीवी कैमरों को चैक किया गया ।

    टीम द्वारा सर्विलांस सैल की मदद से घटना में शामिल अभियुक्तों की तस्दीक करते हुए मुख्य अभियुक्त रोहित मंडोला उर्फ राज मंडोला पुत्र भूपेंद्र सिंह मंडोला निवासी हरिपुर लालमणि गन्ना सेंटर हल्द्वानी जिला नैनीताल सहित कुल 7 अभियुक्तों को बेलबाबा मंदिर से आगे वन विभाग चेक पोस्ट के पास जंगल से गिरफ्तार किया गया तथा मुख्य आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल अवैध बरामद की गयी ।

    बरामदगी का विवरण में 1 अदद पिस्टल अवैध दो मैगजीन एक जिंदा कारतूस अभियुक्त से घटनास्थल से बरामदगी 1 खोखा व 1 जिन्दा कारतूस हुआ।

    ग्रिफ्तार अभियुक्त रोहित मंडोला उर्फ राजा मंडोला उम्र 21 वर्ष पुत्र भूपेन्द्र सिंह मंडोला नि0 हरीपुर लालमणि निवाड थाना हल्द्वानी जिला नैनीताल,  प्रियांशु बिष्ट उर्फ हन्नु बिष्ट उम्र 19 वर्ष पुत्र श्री हीरा बिष्ट नि0 ग्राम करायल जौलासाल थाना हल्द्वानी जिला नैनीताल, विशाल बिष्ट उम्र 23 वर्ष पुत्र भीम सिंह बिष्ट नि0 करायल जौलासाल हल्द्वानी नैनीताल, जीवन बिष्ट उम्र 19वर्ष पुत्र हरीश सिंह बिष्ट नि0 छडैल सुयाल हिमालयन कालौनी थाना मुखानी हल्द्वानी, उज्जवल परगाई उम्र 24 वर्ष पुत्र नन्दन सिंह परगाई नि0 जीतपुर नेगी थाना हल्द्वानी नैनीताल, अक्षय रंगवाल उर्फ अक्कू उम्र 22 वर्ष पुत्र स्व0 खुशाल सिंह रंगवाल नि0 हल्दूपोखरा नायक थाना हल्द्वानी जिला नैनीताल, संदीप कुमार उम्र 19वर्ष पुत्र नन्द किशोर नि0 देवलचौड थाना हल्द्वानी जिला नैनीताल वारदात  में शामिल थे।

    आपराधिक इतिहास अभियुक्त उज्जवल परगाई , अभियुक्त रोहित मण्डोला , अभियुक्त विशाल बिश्ट, अभियुक्त संदीप का रहा है।

  • तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गांधी ने व्यक्तिगत राजनीतिक हित के लिए 25 जून सन् 1975 में देश में इमरजेंसी लागू की थी– त्रिवेंद्र रावत

    तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गांधी ने व्यक्तिगत राजनीतिक हित के लिए 25 जून सन् 1975 में देश में इमरजेंसी लागू की थी– त्रिवेंद्र रावत

    हल्द्वानी—  तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गांधी द्वारा व्यक्तिगत राजनीतिक हित के लिए 25 जून सन् 1975 में देश में इमरजेंसी लागू कर दी थी।

    जिसमें जनसंघियों और अन्य दलों के नेताओं तथा जेलों में ठूंस दिया गया था। उनके नाखून नोंच लिए गये। कई बड़े नेताओं को हादसे का रूप देकर मरवा दिया गयाथा।

    उनके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया। तत्कालीन प्रधानमंत्री का वो दमनकारी नीति और हिटलरशाही का वो रूप आज भी लोगों के ज़हन में दर्द के रूप में उभर आता हैं।

    आज नगरनिगम हल्द्वानी के सभागार में आपातकाल के इस काले अध्याय को दुखी मन से याद किया गया।और उस दौरान जो देशभक्तों ने इमरजेंसी को झेला और अन्यान्य के खिलाफ आवाज उठाई। ऐसे बुजुर्ग लोकतंत्र के रक्षकों को मंच से सम्मानित किया गया।

    पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड  त्रिवेंद्र सिंह रावत  मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

    नैनीताल ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड के सांसद  अजय भट्ट , मेयर  गजराज सिंह बिष्ट, राज्य महिला आयोग उत्तराखंड की सदस्य श्रीमती कंचन कश्यप, नैनीताल जिला अध्यक्ष भाजपा  प्रताप सिंह बिष्ट, महामंत्री  नवीन भट्ट , रंजन बर्गली, दर्ज़ा मंत्री नवीन वर्मा, रेनू अधिकारी, दीपक मेहरा,  दिनेश आर्या, मंडल मुखानी सदस्य एवंं वरिष्ठ कवि  गोविन्द कश्यप “वीरा”  श्रुति तिवारी तथा, वरिष्ठ नेता गण गणमान्यजन भाजपा के सभी मंडलों के अध्यक्ष एवंं कार्यकर्ता आदि भारी संख्या में लोग उपस्थित थे।