Category: हल्द्वानी

  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने वर्ष प्रतिपदा पर किया पथ संचलन।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने वर्ष प्रतिपदा पर किया पथ संचलन।

    हल्द्वानी— आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हल्द्वानी नगर का पथ संचलन पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच हीरानगर से संघ कार्यालय मुखानी से होते हुए कालूसांई मंदिर तक और उसके बाद वापस उत्थान मंच तक निकाला गया ।

     

     

    पर्वतीय उत्थान मंच हीरानगर में सैकड़ों स्वयंसेवक एकत्रित हुए तत्पश्चात उत्तराखंड प्रांत के माननीय संचालक प्रोफेसर बहादुर सिंह बिष्ट, जिला संचालक डॉ. नीलंबर भट्ट और नगर संचालक विवेक कश्यप ने संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार जी को याद करते हुए उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

     

    प्रांत संघचालक प्रोफेसर बहादुर सिंह बिष्ट ने बौद्धिक देते हुए बताया कि जब- जब भारत माता की गोद में राष्ट्र पुनर्जागरण की आवश्यकता हुई तब-तब कुछ महापुरुषों ने अपने जीवन की आहुति देकर समाज को एक नई दिशा दी। ऐसे ही एक महान विभूति थे परम पूज्य डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, जिनका जन्म केवल एक व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र को पुनः जागृत करने की एक विचारधारा के रूप में हुआ था।

     

     

    उन्होंने बताया कि डॉ. हेडगेवार जी ने माँ भारती की सेवा को ही अपने जीवन का परम ध्येय बनाया। उन्होंने अनुभव किया कि जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक भारत पुनः अपने गौरव को प्राप्त नहीं कर सकेगा।

     

    इसी उद्देश्य से उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की—एक ऐसा संगठन जो भारत की सांस्कृतिक आत्मा को जागृत कर राष्ट्र प्रथम की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए समर्पित हो।

     

    प्रांत संघचालक प्रोफेसर बहादुर सिंह बिष्ट ने बताया कि आज जिस संघ रूपी वटवृक्ष की छाया में करोड़ों राष्ट्रभक्त सेवा, संस्कार और राष्ट्रनिष्ठा की साधना कर रहे हैं, वह उस बीज की ही देन है जिसे डॉ. हेडगेवार जी ने अपने त्याग, तपस्या और दूरदृष्टि से अंकुरित किया था।

     

    उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन उनका लक्ष्य केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं था, वे भारत को आत्मगौरव, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत देखना चाहते थे।

     

    डॉ. हेडगेवार जी केवल एक संगठन के संस्थापक ही नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्रीय पुनर्जागरण के महायज्ञ के यजमान भी थे। उनका संकल्प “हिंदू समाज को संगठित कर, उसे इतना जागरूक, शक्तिशाली और अनुशासित बनाना था जिससे वह राष्ट्र की रक्षा और उत्थान में अपनी भूमिका निभा सके।”

     

    अपने बौद्धिक में प्रांत संघचालक प्रोफेसर बहादुर सिंह बिष्ट ने बताया कि आज जब भारत विकसित भारत बनने की ओर बढ़ रहा है, जब देश में राष्ट्रवाद, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक गौरव का भाव प्रबल हो रहा है, तब हम डॉ. हेडगेवार जी की दूरदृष्टि और उनके योगदान को और अधिक सम्मान के साथ याद करते हैं।

     

    प्रांत संघचालक प्रोफेसर बहादुर सिंह बिष्ट ने बताया कि भारतीय नववर्ष का प्रारम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही माना जाता है और इसी दिन से ग्रहों, वारों, मासों और संवत्सरों का प्रारंभ गणितीय और खगोल शास्त्रीय संगणना के अनुसार माना जाता है।

     

    आज भी जनमानस से जुड़ी हुई यही शास्त्रसम्मत कालगणना व्यावहारिकता की कसौटी पर खरी उतरी है। इसे राष्ट्रीय गौरवशाली परंपरा का प्रतीक माना जाता है। विक्रमी संवत किसी संकुचित विचारधारा या पंथाश्रित नहीं है।

     

    हम इसको पंथ निरपेक्ष रूप में देखते हैं। यह संवत्सर किसी देवी, देवता या महान पुरुष के जन्म पर आधारित नहीं, ईस्वी या हिजरी सन की तरह किसी जाति अथवा संप्रदाय विशेष का नहीं है।

     

    हमारी गौरवशाली परंपरा विशुद्ध अर्थो में प्रकृति के खगोलशास्त्रीय सिद्धातों पर आधारित है और भारतीय कालगणना का आधार पूर्णतया पंथ निरपेक्ष है।

     

     

    उन्होंने बताया कि प्रतिपदा का यह शुभ दिन भारत राष्ट्र की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। ब्रह्म पुराण के अनुसार चैत्रमास के प्रथम दिन ही ब्रह्मा ने सृष्टि संरचना प्रारंभ की। यह भारतीयों की मान्यता है, इसीलिए हम चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नववर्षारंभ मानते हैं।

     

    उन्होंने बताया कि यह समय दो ऋतुओं का संधिकाल है। इसमें रातें छोटी और दिन बड़े होने लगते हैं। प्रकृति नया रूप धारण लेती है। प्रतीत होता है कि प्रकृति नवपल्लव धारण कर नव संरचना के लिए ऊर्जास्वित होती है।

     

    मानव, पशु-पक्षी, यहां तक कि जड़-चेतन प्रकृति भी प्रमाद और आलस्य को त्याग सचेतन हो जाती है। वसंतोत्सव का भी यही आधार है। इसी समय बर्फ पिघलने लगती है। आमों पर बौर आने लगता है। प्रकृति की हरीतिमा नवजीवन का प्रतीक बनकर हमारे जीवन से जुड़ जाती है।

     

     

    प्रांत संघचालक प्रोफेसर बी एस बिष्ट ने बताया कि इसी प्रतिपदा के दिन आज से 2054 वर्ष पूर्व उज्जयनी नरेश महाराज विक्रमादित्य ने विदेशी आक्रांत शकों से भारत-भू का रक्षण किया और इसी दिन से काल गणना प्रारंभ की। उपकृत राष्ट्र ने भी उन्हीं महाराज के नाम से विक्रमी संवत कह कर पुकारा।

     

    महाराज विक्रमादित्य ने आज से 2054 वर्ष पूर्व राष्ट्र को सुसंगठित कर शकों की शक्ति का उन्मूलन कर देश से भगा दिया और उनके ही मूल स्थान अरब में विजयश्री प्राप्त की। साथ ही यवन, हूण, तुषार, पारसिक तथा कंबोज देशों पर अपनी विजय ध्वजा फहराई। उसी के स्मृति स्वरूप यह प्रतिपदा संवत्सर के रूप में मनाई जाती थी और यह क्रम पृथ्वीराज चौहान के समय तक चला।

     

     

    महाराजा विक्रमादित्य ने भारत की ही नहीं, अपितु समस्त विश्व की सृष्टि की। सबसे प्राचीन कालगणना के आधार पर ही प्रतिपदा के दिन को विक्रमी संवत के रूप में अभिषिक्त किया।

     

    इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान रामचंद्र के राज्याभिषेक अथवा रोहण के रूप में मनाया गया। यह दिन ही वास्तव में असत्य पर सत्य की विजय दिलाने वाला है।

     

    इसी दिन महाराज युधिष्टिर का भी राज्याभिषेक हुआ और महाराजा विक्रमादित्य ने भी शकों पर विजय के उत्सव के रूप में मनाया।

     

    आज भी यह दिन हमारे सामाजिक और धार्मिक कार्यों के अनुष्ठान की धुरी के रूप में तिथि बनाकर मान्यता प्राप्त कर चुका है। यह राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने वाला पुण्य दिवस है।

     

    प्रांत संघचालक प्रोफेसर बहादुर सिंह बिष्ट ने सभी स्वमंसेवकों एवं हिन्दू समाज से आवाहन किया कि इस शुभ अवसर पर हम राष्ट्र को सर्वोपरि रखने का संकल्प लें, अपने जीवन को भारत माता की सेवा में समर्पित करें, और परम पूज्य डॉ हेडगेवार के सपनों के भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

     

    पथ संचलन के अवसर पर जिला संघचालक डॉ नीलांबर भट्ट, जिला प्रचारक जितेंद्र, नगर संघचालक विवेक कष्यप, प्रांत सहबौदिक प्रमुख राजेश जोशी, मुख्य शिक्षक कमल,नगर कार्यवाह प्रकाश पाण्डेय, सह नगर कार्यवाह तनुज गुप्ता, प्रहलाद मेहरा, जिला शारीरिक प्रमुख सूरज तिवारी, जिला सहबौदिक प्रमुख कमलेश त्रिपाठी, नगर प्रचार प्रमुख डॉ. नवीन शर्मा, विधायक बंशीधर भगत, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, उपनगर कार्यवाह, नितिन ललित, हिंमाशु, रूपचन्द्र, योगेश, कार्यालय प्रमुख योगेन्द्र समेत सैकड़ों स्वमंसेवक मैजूद रहे।

  • एमबीपीजी कॉलेज ग्राउंड में 14 दिवसीय श्रीदेवी भागवत महापुराण कथा, यज्ञ पूजा महोत्सव का आगाज।

    एमबीपीजी कॉलेज ग्राउंड में 14 दिवसीय श्रीदेवी भागवत महापुराण कथा, यज्ञ पूजा महोत्सव का आगाज।

    हल्द्वानी—- परमहंस परिव्राजकाचार्य अनन्त श्री विभूषित कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु 1008 परम पूज्यपाद श्री वसन्त विजयानन्द गिरी जी महाराज की पावन निश्रा में चैत्र नवरात्रि प्रतिपदा नव संवत्सर के पावन अवसर पर श्रीदेवी भागवत महापुराण कथा यज्ञ पूजा महोत्सव का भव्य आगाज रविवार को भव्यता से हुआ।

     

     

    अल सुबह दीप प्रज्वलन एवं कलश स्थापना के साथ विधिवत आराधना शुरु हुई। वहीं दोपहर के सत्र में कथा पंडाल का शुभारंभ हल्द्वानी के प्रथम नागरिक नगर पालिका निगम के मेयर गजराज बिष्ट ने फीता काटकर किया।

     

     

    इस दौरान शहर के अनेक गणमान्य भी मौजूद रहे। श्री पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम कृष्णगिरी तमिलनाडु के हल्द्वानी चैप्टर के प्रमुख हेमंत पांडे ने अतिथि मेयर बिष्ट का माल्यार्पण कर, दुपट्टा ओढ़ाकर व मेमेंटो भेंट कर स्वागत सत्कार किया।

     

     

    इस मौके पर श्रीदेवी भागवत महापुराण कथा में पहले दिन पूज्यपाद जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज ने संगीतमय भक्ति आराधना करते हुए कहा कि आध्यात्म की तरंगे दिखती नहीं है, जो चतुर होता है वही इसे समझ सकता है।

     

     

    उन्होंने कहा कि भक्ति में एक सच्चे भक्त को कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए, ऐसे में उसके सभी दुख, संकट, संताप सब समाप्त होंगे। साधना के शिखर पुरुष, मंत्र शिरोमणि जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज ने नवरात्रि पर्व पर मां की बड़ी महिमा बताते हुए विस्तृत गुणगान किया।

     

     

    हर व्यक्ति को शांति, करुणामई, दयायुक्त, विनयवान, विवेकशील रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि धर्मों रक्षति रक्षित: अर्थात जो धर्म की रक्षा करेगा धर्म भी सदैव उनकी रक्षा करेगा।

     

     

    उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के अनुष्ठान आचरण में युगों युगों से विज्ञान छिपा है। वे बोले, धर्म के साथ शुभ शांति का प्रवेश निश्चित रूप से होगा। आयोजन प्रमुख हेमंत पांडे ने बताया कि देव भूमि उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में देवी देवताओं की कृपा बरसाने लोक कल्याण के तहत सबका भला हो तथा कोई व्यक्ति यहां दुख पीड़ा से ग्रसित ना हो इस हेतु काशी के विद्वान पंडितों द्वारा पूज्यपाद जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज की निश्रा में सुबह अनेक बीज मंत्रों का जाप, आराधना पूजा के साथ साथ शाम को सर्व देवी देवता महायज्ञ में आहुतियां प्रारंभ हुई।

     

     

    कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यूट्यूब चैनल थॉट योगा और आस्था पर लाइव प्रसारित किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं में विजय चौधरी, प्रमोद पांडे, महेश खुल्बे, पंकज पांडे, डॉ मंजुल कांडपाल आदि ने सहयोग किया। आयोजन स्थल पर विशाल प्रसाद भंडारे का भी आयोजन सुचारू रूप से जारी रहेगा।

     

    हल्द्वानी की अनीता देवी, मधुसूदन, रितु देवी सहित ऐसी अनेक महिलाओं, पुरुषों ने उनकी वर्षों पुरानी शारीरिक दर्द पीड़ा बताई तो, इस दौरान सिद्ध साधक संत, त्रिकालदर्शी पूज्यपाद जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज ने श्रद्धा भावना और विश्वास के साथ आस्था रखने की सीख देते हुए जगतजननी भगवती देवी मां पद्मावतीजी की कृपा से सिर्फ दृष्टिपात किया, चमत्कारिक रुप से पल मात्र में बम भवानी की गूंज की ओर इन सभी महिलाओं पुरुषों का वर्षों पुराना दर्द गायब समाप्त हो गया।

     

     

    जगद्गुरु ने इस दौरान कहा कि 14 दिनों में हल्द्वानी शहर के लोगों के दिलों के दुख, परिवार व रिश्तों के दुख, जीवन में अज्ञानता, आध्यात्मिकता की कमी के कचरे रुपी दुख संताप को जड़ से मिटाकर ही जाएंगे। इस दौरान मेयर बिष्ट सहित पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने तालियों की गूंज से जगद्गुरु को वंदन किया।

  • लापता हुई महिला का शव काठगोदाम के जंगल मे मिला, जांच जारी,,,

    लापता हुई महिला का शव काठगोदाम के जंगल मे मिला, जांच जारी,,,

    हल्द्वानी— : शहर के नवाबी रोड इलाके से लापता हुई 35 वर्षीय महिला नेहा उप्रेती का शव काठगोदाम स्थित कालीचौड़ मंदिर के पास जंगल में मिला है।

     

     

    पुलिस को मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंची टीम ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी कोणों से जांच कर रही है।

     

     

    नेहा उप्रेती पिछले 26 मार्च से अपने घर से गायब थीं। परिवार ने उनके लापता होने की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई थी। परिजनों और पुलिस की तलाश के बीच बुधवार को कालीचौड़ के जंगल में स्थानीय लोगों ने एक महिला का शव देखा, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।

     

    मौके पर पहुंची काठगोदाम थाने की टीम ने शव को सुरक्षित किया और पहचान के लिए परिजनों को बुलाया। पहचान के बाद पुष्टि हुई कि यह नेहा उप्रेती का ही शव है।

     

     

    काठगोदाम थाना प्रभारी दीपक बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और फॉरेंसिक जांच कराई। शव पर कोई स्पष्ट चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे प्राथमिक तौर पर आत्महत्या का संदेह जताया जा रहा है। हालांकि, मौत के सही कारण का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।

     

     

    पुलिस नेहा के परिवार और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है ताकि उनके लापता होने और मौत से जुड़े कारणों का पता लगाया जा सके।

     

    नेहा के पति और अन्य परिजनों से उनकी मानसिक स्थिति और पारिवारिक हालात के बारे में जानकारी ली जा रही है।

  • अखिलभारतीय प्रतिनिधि सभा और संध शताब्दी वर्ष के अवसर पर आरएसएस का बृहत कार्यक्रम।

    अखिलभारतीय प्रतिनिधि सभा और संध शताब्दी वर्ष के अवसर पर आरएसएस का बृहत कार्यक्रम।

    हल्द्वानी— राष्ट्रीय स्वयंसेवक की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 21 से 23 मार्च  तक बैंगलुरू में संपन्न हुई।बैठक में सम्पूर्ण भारत से 1443 कार्यकर्ता सम्मलित हुए।

     

    अखिल भारतीय प्रातिनिधि सभा के सम्बंध में  उत्तराखण्ड प्रांत के मा. प्रान्त संधचालक डॉ. बहादुर सिंह बिष्ट  ने निम्न जानकारी दी।

     

    सरकार्यवाह जी द्वारा रानी अब्बाका के 500 वें जन्मदिन पर अपना वक्तव्य दिया,

    संध शताब्दी वर्ष में संध कार्य का विस्तार  और सुद्राणीकरण,  सामाजिक एकता और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का लक्ष्य रक्खा हैं।

    शताब्दी वर्ष का संकल्प विस्व शान्ति और समृद्धि के लिये  समरस और संगठित हिन्दू समाज का निर्माण करना।

    बंगलादेशी  हिन्दुओ के खिलाफ हो रहे अन्याय पर पूरे विश्व मे आवाज उठाना।

    उत्तरांचल प्रांत में संध कार्य की स्थिति, सांगठनिक विभाग-8, जिले-24, शाखाएं-1506, मिलन-404, मण्डली-253 हैं।

    उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय स्वमसेवक संध  द्वारा बहुत से सेवा कार्य  संचालित करता है। उत्तराखण्ड  463 सेवा बस्ती हैं,  जिसमे 305 गांवो में सेवा कार्य संचालित हो रहे है।, वन टीचर वन स्कूल का कार्य भी 4000 ग्राम में हो रहा है।, बनवासी कल्याण आश्रम द्वारा 333 ग्रामों में संस्कारशाला संचालित है।, स्वाबलंबन के कैम्प भी चलाये जा रहे है।,  ऋषिकेश में 430 बेड का एक माधव विश्राम गृह संचालित हो रहा है।

    संध शताब्दी वर्ष में विजयदशमी (2 oct 2025) से विजयदशमी (20 oct 2026) तक निम्न कार्यक्रम आयोजित करेगी।—

    खंड/नगरों में पूर्ण गणवेश के कार्यक्रमों का प्रारंभ,

    इस शताब्दी वर्ष 21 दिन  घर घर सम्पर्क अभियान चलाएगा।

    उत्तराखंड  में 649 बस्ती एवम 712 मंडलों में हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।

    नगर/खण्डों में समाजिक सदभाव गोष्टियो का आयोजन किया जाएगा।

    जिला स्तर पर प्रबुद्ध नागरिक गोश्ठी का आयोजन किया जायेगा।

    प्रान्त/ विभाग/ जिला स्तर पर युवा सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।

    20 सेप्टेंबर 2026 से 10 अक्टूबर 2026 अधिकतम स्थानो पर सात दिनो तक शाखा विहीन स्थानों पर  शाखा लगाई जाएगी।

    इस तरह आरएसएस अपने शताब्दी वर्ष में देश को एक जुट करने का प्रयास करेगा, तथा सब जन हिताय के उद्देश्यों को अमली जामा पहनाया जाएगा।

  • नवरात्रि / ईद के मौके पर हल्द्वानी शहर का यातायात प्लान, कुछ इस प्रकार,,,,,

    नवरात्रि / ईद के मौके पर हल्द्वानी शहर का यातायात प्लान, कुछ इस प्रकार,,,,,

    हल्द्वानी—  त्यौहार के कारण हल्द्वानी शहर का यह है ट्रैफिक प्लान,,यह डायवर्जन प्लान दिनांक 31.03.2025 से 02.04.2025 तक समय प्रातः 09:00 बजे से रात्रि 22:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

     

    बरेली रोड से आने वाले एवं पर्वतीय क्षेत्र को जाने वाले समस्त प्रकार के वाहन तीनपानी फ्लाईओवर से गौला बाईपास रोड होते हुए नारीमन तिराहा काठगोदाम से अपने गन्तब्य को जायेंगे।

     

     

    रूद्रपुर की ओर से आने वाले एवं पर्वतीय क्षेत्र को जाने वाले समस्त प्रकार के वाहन पंतनगर तिराहा (दिनेशपुर मोड) से एन०एच० 109 (नया हाईवे) होते हुए लालकुँआ से तीनपानी फ्लाईओवर से गौला रोड होते हुए नारीमन तिराहा से अपने गन्तब्य को जायेगे व जो वाहन हल्द्वानी शहर की ओर आ जाते है वे गन्ना सेंटर से डायवर्ट होकर तीनपानी फ्लाईओवर से गौला रोड होते हुए नारीमन तिराहा से अपने गन्तब्य को जायेंगे।

     

     

    रामनगर, बाजपुर से आने वाले एवं पर्वतीय क्षेत्र को जाने वाले समस्त प्रकार के वाहन कालाढूंगी से डायवर्ट होकर मंगोली होते हुए अपने गन्तव्य को जायेंगे।

     

     

    इस अवधि के दौरान भारी वाहनों का आवागमन समय प्रातः 10:00 बजे से रात्रि 22:00 बजे तक पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।

     

     

    अति आवश्यक सेवा वाले भारी वाहन (जैसे सब्जी, फल ईंधन, गैस, दूध आदि) समय रात्रि 22:00 बजे से 14:00 बजे तक यात्रा रूट मै आवागमन कर सकते है।

     

     

    पर्वतीय क्षेत्र से शहर हल्द्वानी की ओर आने वाले समस्त प्रकार के भारी वाहनों को समय 08:00 बजे से 22:00 बजे तक जनपद सीमा पर रोका जाएगा। जो भारी वाहन शहर की ओर आ जाते है उन्हें नंबर 01 बैंड से पीछे रोड के बाई ओर व पुलिस चौकी सलड़ी क्षेत्र में अमृतपुर मोड़ से अन्दर पार्क किए जाएंगे।

     

    काठगोदाम क्षेत्र में यातायात का दबाव अत्यधिक होने पर समय 15:00 बजे बाद नैनीताल और भवाली से मस्जिद तिराहा से मैदानी को जाने वाले समस्त पर्यटक वाहन नंबर 01 बैड व रूसी बाईपास द्वितीय से डायवर्ट होकर रूसी बाईपास प्रथम होते हुए वाया कालाढुंगी से अपने गन्तब्य को जायेंगे।

     

     

    पर्वतीय क्षेत्र से हल्द्वानी की ओर आने वाली समस्त रोडवेज व केमू की बसें अपने निर्धारित रूट से आयेंगी।

     

    रामपुर रोड, बरेली रोड, चोरगलिया रोड, कालाढूंगी रोड से ईद मनाने हेतु पर्वतीय क्षेत्र (नैनीताल, भीमताल, भवाली, अल्मोड़ा, मुक्तेश्वर) को जाने वाले समस्त दुपहिया वाहनों को दिनांक-31.03.2025 से 02.04.2025 तक विभिन्न चैकिंग प्वाइंट में रोककर (टांडा बैरियर, बेलबाबा, कालाढूंगी (नैनीताल तिराहा) नारीमन तिराहा, भीमताल मोड़) से वापस किया जायेगा।

     

  • पुलिस ने चलाया सत्यापन अभियान,  किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 28 मकान मालिकों पर 10-10 हज़ार का लगाया जुर्माना, फल और रेहडी वालो का भी किया सत्यापन।

    पुलिस ने चलाया सत्यापन अभियान, किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 28 मकान मालिकों पर 10-10 हज़ार का लगाया जुर्माना, फल और रेहडी वालो का भी किया सत्यापन।

    हल्द्वानी—एसएसपी नैनीताल प्रहलाद  नारायण मीणा के कड़े निर्देश में जनपद नैनीताल में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए लगातार ऑपरेशन सेनेटाइज सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।

     

     

    इसी कड़ी में आज जनपद नैनीताल के सभी थाना चौकी क्षेत्रों में चप्पे चप्पे में ऑपरेशन सेनेटाइज अभियान चलाकर बाहरी व्यक्तियों, फड़-फेरी वालों, मजदूरों, ठेलेवालों, किराएदारों, और संदिग्ध तत्वों का शत-प्रतिशत सत्यापन किया गया।

     

    एसएसपी के निर्देश पर एसपी सिटी, एसपी क्राइम, सभी क्षेत्राधिकारियों द्वारा पुलिस टीमों का गठन कर विभिन्न क्षेत्रों में जाकर सत्यापन किया गया ।

     

    अभियान में क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी अपने-अपने पुलिस बल के साथ  शामिल हुए। इस अभियान का उद्देश्य बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन करना और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

     

    पुलिस द्वारा की गई इस कार्यवाही में सभी घर, दुकान, फड़ फेरी, जो संदिग्ध  थे,1138 लोग चैक किये गए। 95 लोगो का पहचान एप्प के माध्यम से सत्यापन किया गया। मैनुअली 321 लोगो का सत्यापन किया गया। 63 का  सत्यापन न होने पर चालान किया गया। 28 लोगो का कोर्ट चालान कर 2,80,000 का जुर्माना लगया गया। 262 लोगो से जुर्माना  लगया गया। तथा 353 चालान किराएदार, मकानमालिक, फड़ फेरी वालो के किये गए। जिसका  कुल जुर्माना- 4,05750 रुपये हुआ।

    *एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा  ने लोगो से अपील की,, कि हमारा उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करना है। यह अभियान समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगा और अपराधों में कमी लाएगा। हमारी पुलिस टीम लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिससे क्षेत्र में कोई भी अवांछनीय तत्व न आने पाए।

  • आयुक्त ने किया सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल का निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर जताई कड़ी नाराजगी।

    आयुक्त ने किया सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल का निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर जताई कड़ी नाराजगी।

    हल्द्वानी— आयुक्त/सचिव मा0 मुख्यमंत्री  दीपक रावत ने शनिवार अपराह्न सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया।

     

    निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अव्यवस्थाएं देख उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और सीएमएस डॉ. के.के. पांडे से स्पष्टीकरण तलब किया।

     

     

    निरीक्षण के दौरान आयुक्त को शिकायत मिली कि बाल रोग विभाग के बेड पर बड़ी संख्या में कॉकरोच देखे गए। जांच में यह शिकायत सही पाई गई, जिससे आयुक्त ने गंभीर असंतोष व्यक्त किया।

     

    जब आयुक्त ने सीएमएस से इस स्थिति का कारण पूछा, तो उन्होंने बताया कि 1 मार्च से ही अस्पताल में कॉकरोच होने की जानकारी थी, लेकिन इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही, जिन दवाओं का उपयोग किया जा रहा था, वे प्रभावी नहीं थीं, और उनकी खरीद के उचित बिल भी उपलब्ध नहीं थे।

     

    इस लापरवाही पर आयुक्त ने सीएमएस को जिम्मेदार ठहराते हुए स्पष्टीकरण तलब किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोहराए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

     

     

    इसके अलावा, अस्पताल के शौचालयों में भी गंदगी पाई गई, जिस पर उन्होंने तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए और स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

     

     

    आयुक्त ने कहा कि यह एक अत्यंत गंभीर मामला है और इसे पूरी सख्ती और संवेदनशीलता के साथ लिया जाना चाहिए।

     

    उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि चिकित्सालय के सभी वार्डों की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

     

    उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है, इसलिए सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।

     

    निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अस्पताल कर्मचारियों की यूनिफॉर्म के लिए धनराशि स्थानांतरण से जुड़ी समस्याओं को भी सुना और प्रशासन को शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।

     

    आयुक्त ने कुमाऊं मंडल के सभी अस्पतालों को भी निर्देश जारी किए कि भविष्य में इस तरह की किसी भी लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार मिलना चाहिए और उनकी स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

     

    अस्पताल प्रबंधन को सख्त चेतावनी देते हुए आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • सट्टा लगाते हुए बनफूलपुरा में एक युवक ग्रिफ्तार।

    सट्टा लगाते हुए बनफूलपुरा में एक युवक ग्रिफ्तार।

    हल्द्वानी– सट्टे को रोकने के लिए पुलिस सख्त रवैया अपनाए हुए हैं , इसी क्रम में थानाध्यक्ष  नीरज भाकुनी के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा गस्त के दौरान एक व्यक्ति को सट्टे की खाई बाडी करते हुऐ गिरफ्तार किया गया ।

     

    अभि0 राजेश गुप्ता पुत्र बालक राम निवासी चौधरी कालोनी गोजाजाली थाना बनभूलपुरा उम्र 45 वर्ष को बहद् बाबू खाँ के घर के बाहर इन्द्रानगर नियर दुर्गा मन्दिर थाना बनभूलपुरा  से सट्टा की खाई बाडी करते हुऐ मय सट्टा पर्ची, पैन गत्ता व नकदी 1320/- रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया। जिसके विरुद्व थाने में मुकदमा  पंजीकृत  कर लिया गया।

  • उत्तराखण्ड ओपन यूनिवर्सिटी में एनएसक्यूएफ (NSQF) आधारित स्किल कोर्स संचालन हेतु हुईं दो दिवसीय कार्यशाला।

    उत्तराखण्ड ओपन यूनिवर्सिटी में एनएसक्यूएफ (NSQF) आधारित स्किल कोर्स संचालन हेतु हुईं दो दिवसीय कार्यशाला।

    हल्द्वानी–  उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजन किया गया।

     

    कार्यशाला का विषय NSQF आधारित स्किल कोर्स संचालन से संबंधित था। जिसमें नैसकॉम के प्रतिनिधि  अभिनव मिश्रा मैनेजर प्रोजेक्ट ऑफ लर्निंग रिसोर्सेस द्वारा एनएसक्यूएफ आधारित आईटी कोर्सेज की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

     

    उन्होंने आने वाले समय में एनएसक्यूएफ की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और उसकी संभवनाओ को बताया। अभिनव मिश्रा द्वारा NSQF तथा उसके शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बताया

     

     

    उन्होंने कहा की आने वाले समय में NSQF आधारित डिप्लोमा तथा सर्टिफिकेट कोर्स को ही रोजगार में प्राथमिक्ता दी जाएगी। नैसकॉम इसमें उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय नैसकॉम के सहयोग से फ्यूचर स्किल आधारित स्किल पाठ्यक्रम को अपने स्नातक तथा परस्नातक पाठ्यक्रमों में शामिल करेगा।

     

     

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के एनसीवीईटी कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर पी डी पंत ने बताया कि एनसीवीईटी की ड्यूल रिकॉग्निशन की अस्थाई मान्यता पूर्व में प्राप्त हो गई है। उसके पश्चात विश्वविद्यालय स्थाई रूप से एनसीवीईटी के दक्षता आधारित पाठ्यक्रमों का संचालन करेगा जिसके अंतर्गत कई अन्य रोजगार परक पाठ्यक्रम भी शुरू किये जाएंगे।

     

     

    कार्यक्रम में स्कूल ऑफ वोकेशन कोर्सेज के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. गोपाल दत्त ने बताया की उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के अन्तर्गत संचालित इन कोर्सेज का लाभ प्रदेश की नवयुवकों को होगा।

     

     

    NSQF आधारित स्किल कार्यक्रम आगामी सत्र से संचलित किये जायेंगे ,यह सब पाठ्यक्रम NSQF एलाइंड और NCVET से मनायता प्राप्त है इस क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा आईटी आधारित कोर्स चलाने की प्रतिष्ठित सेक्टर स्किल काउंसिल से अनुबंध किए गए हैं।

     

    इस संदर्भ में नैसकॉम थर्ड पार्टी एसेसमेंट और अवॉर्डिंग बॉडी के रूप में कार्य करेगा जबकि विश्वविद्यालय उक्त सेक्टर स्किल काउंसिल के द्वारा संचालित किया जा रहे पाठ्यक्रमों में एकेडमिक हिस्सेदारी निभाएगा। संबंधित कौशल आधारित पाठ्यक्रम ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन अथवा दोनों हाइब्रिड मोड में संचालित किए जाने के बारे में भी चर्चा की गई।

     

     

    अन्तः में कार्यक्रम का समापन करते हुए स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस और आईटी के निर्देशक एवं नोडल अधिकारी एनसीवीईटी प्रोफेसर जीतेंद्र पांडे ने कहा कि एनसीवीईटी एव नैसकौम आधारित पाठ्यक्रम आज के एआई युग के लिए बहुत उपयोगी साबित होंगे।

     

     

    सूचना प्रौद्योगिकी एवं आईटीईएस से सम्बंधित पाठयक्रमों को नई शिक्षा नीति के अनुसार वर्तमान में विश्वविद्यालय में संचालित करने को लेकर इस कार्यक्रम में गहन मंथन किया गया जिससे छात्रों को इसका आधिक्तम् लाभ मिल सके।

     

    इस कार्यक्रम में प्रोफेसर गगन, प्रोफेसर मंजरी, प्रोफेसर आशुतोष भट्ट, डॉ अखिलेश सिंह, डॉ सुमित प्रसाद, डॉ मनोज पांडे, रिया गिरी, राजेंद्र क्वेरा आदि उपस्थित रहे ।

  • नवरात्रि के पावन मास में हल्द्वानी महानगर में श्री देवी भागवत महापुराण कथा और यज्ञ पूजा महोत्सव का होगा भव्य आयोजन।

    नवरात्रि के पावन मास में हल्द्वानी महानगर में श्री देवी भागवत महापुराण कथा और यज्ञ पूजा महोत्सव का होगा भव्य आयोजन।

    हल्द्वानी। चेत्र नवरात्रि के पावन मास में हल्द्वानी महानगर में श्री देवी भागवत महापुराण कथा और यज्ञ पूजा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

     

     

    प्रेस वार्ता में यह जानकारी देते हुये कार्यक्रम आयोजक मंडल के सदस्य हेमंत पांडेय और विजय चौधरी ने बताया कि एम बी इंटर कॉलेज के भव्य मैदान में 30 मार्च से 12 अप्रैल 2025 तक यह भव्य आयोजन होगा, जिसमें कृष्णागिरी पीठाधीश्वर जगतगुरु 1008 परम पूज्यपाद श्री बसंत विजयानंद गिरि जी महाराज के  मुखारबिंदु से श्री देवी भागवत महापुराण कथा का देवभूमि की जनता को श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त होगा।

     

     

    उन्होंने बताया कि यह विशाल महोत्सव कथा, यज्ञ एवं पूजा तीनों का दिव्य सम्मिश्रण है।

     

    प्रतिदिन सुबह 10 बजे विशेष साधना पूजा, दोपहर 3 बजे श्री देवी भागवत महापुराण कथा, सायं 6 बजे सर्व सिद्धिप्रदायक सर्व देवी देवता महायज्ञ होगा।

     

     

    उन्होंने महानगर कि धर्म प्रेमी जनता से कार्यक्रम में सपरिवार पधारकर आयोजन के सुअवसर का लाभ उठाकर अपने जीवन को मंगलमय बनाने की अपील की है।

     

    वार्ता में महेश खुलबे, प्रमोद पांडेय आदि मौजूद रहें।